बेंगलुरु में बिहार का प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू, मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया ऑनलाइन उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 12 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य राज्य से बाहर काम करने वाले श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी सेवाओं का लाभ दिलाना है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने पटना के नियोजन भवन स्थित मंत्री कक्ष से इस केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया।
केंद्र की स्थापना और संरचना
यह सुविधा केंद्र कर्नाटक सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा भवन में स्थापित किया गया है। केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी बिहार सरकार के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आकाश कुमार को सौंपी गई है। स्थानीय सहायता के लिए दो डाटा एंट्री ऑपरेटर और एक ऑफिस बॉय की तैनाती भी की गई है।
श्रमिकों को मिलेंगी ये सेवाएँ
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि इस केंद्र पर बिहार के प्रवासी श्रमिकों को कर्नाटक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराने में सहायता दी जाएगी, जिससे वे बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त कार्यस्थल विवाद, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं और आकस्मिक परिस्थितियों में भी सहायता उपलब्ध होगी। श्रमिकों को कानूनी अधिकार, वेतन भुगतान संबंधी समस्याओं और नए श्रम कानूनों की जानकारी देने के लिए विधिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
नोडल सेंटर के रूप में भूमिका
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केंद्र बिहार और कर्नाटक के श्रम विभागों के बीच नोडल सेंटर के रूप में कार्य करेगा और दोनों राज्यों के बीच श्रमिक कल्याण से जुड़े समन्वय को मजबूत बनाएगा। भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी देने के लिए केंद्र को सूचना सहायता केंद्र के रूप में भी विकसित किया गया है।
सरकार की व्यापक मंशा
अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकार सुनिश्चित करते हुए सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल 'समृद्ध बिहार' की संकल्पना को मजबूती देगी। गौरतलब है कि बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिवर्ष महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में रोजगार के लिए जाते हैं, और उन्हें अक्सर भाषाई बाधाओं व कानूनी जानकारी के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आगे की योजना
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने यह भी संकेत दिया कि सरकार आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों में भी ऐसे प्रवासी श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की दिशा में विचार कर रही है, ताकि बिहार से बाहर काम करने वाले श्रमिकों को किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। यह पहल प्रवासी श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में बिहार के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है।