14 जुलाई 2026
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बिहार CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला: 30 दिन में हर शिकायत का समाधान, राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम शुरू

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बिहार CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला: 30 दिन में हर शिकायत का समाधान, राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम शुरू

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम का शुभारंभ किया — 30 दिन में हर शिकायत के समाधान का वादा, पहले दिन 129 आवेदनों में से 100 का मौके पर निष्पादन। अब तक 90% समस्याएँ हल होने का दावा।

मुख्य बातें

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जुलाई 2026 को पटना में 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम' और 'सहयोग पथ' का उद्घाटन किया।
शिविर के पहले दिन 129 आवेदन दर्ज, 100 आवेदकों की समस्याओं का मौके पर निष्पादन।
सरकार का लक्ष्य: सभी शिकायतों का 30 दिनों के भीतर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान।
सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री सोलर योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली ; दूरस्थ गाँवों को 'सोलर विलेज' बनाने की योजना।
पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन अगले महीने की 10 तारीख तक उपलब्ध कराने का निर्देश।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जुलाई 2026 को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम' का औपचारिक शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के तहत सरकार ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि आम नागरिकों की हर शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो। साथ ही, मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र से देशरत्न मार्ग तक निर्मित 'सहयोग पथ' का भी उद्घाटन किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम के पहले दिन राज्यस्तरीय सहयोग शिविर में 129 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 100 आवेदक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और उनके मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय तक किसी आवेदन का पहुँचना इस बात का संकेत है कि निचले स्तर पर उसका समुचित समाधान नहीं हुआ।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीओ और बीडीओ स्तर के मामलों की नियमित निगरानी एसडीओ, डीसीएलआर और जिलाधिकारी करें, जबकि प्रमंडलीय आयुक्त और विभागीय सचिव समय-समय पर समीक्षा करते रहें।

अब तक की उपलब्धि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, सीवान, अररिया, भागलपुर और पश्चिम चंपारण सहित विभिन्न जिलों के लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं के समाधान पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

सामाजिक सुरक्षा और सोलर योजना पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन पात्र लाभार्थियों को अब तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिला है या जिनके आवेदन लंबित हैं, उनका शीघ्र निष्पादन कर अगले महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी आवेदन को सीधे अस्वीकृत न किया जाए, बल्कि आवेदक को आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाए।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सोलर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है और अधिक उत्पादन पर उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। दूरस्थ गाँवों को 'सोलर विलेज' के रूप में विकसित करने की भी योजना है।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

क्या होगा आगे

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शिकायत निवारण की यह प्रणाली जमीनी स्तर तक प्रभावी हो और कोई भी पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनके परिणाम अक्सर घोषणाओं की तुलना में कमज़ोर रहे हैं। 90% समाधान का दावा प्रभावशाली है, लेकिन इसकी स्वतंत्र सत्यापन की कोई व्यवस्था सार्वजनिक नहीं की गई है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह तंत्र उन मामलों को भी निपटाता है जो बार-बार लौटते हैं — जैसे भूमि विवाद, पेंशन और राशन। 30 दिन की समयसीमा तभी अर्थपूर्ण होगी जब लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई सार्वजनिक और दस्तावेज़ीकृत हो।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार का राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम क्या है?
यह बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया एक शिकायत निवारण कार्यक्रम है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जुलाई 2026 को पटना में किया। इसका लक्ष्य है कि आम नागरिकों की हर शिकायत 30 दिनों के भीतर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हल हो।
सहयोग शिविर में पहले दिन कितने आवेदनों का निपटारा हुआ?
पहले दिन कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से 100 आवेदक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और उनके मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
मुख्यमंत्री सोलर योजना में क्या लाभ मिलेगा?
मुख्यमंत्री सोलर योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है। इससे अधिक बिजली उत्पादन होने पर उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और दूरस्थ गाँवों को 'सोलर विलेज' के रूप में विकसित किया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित आवेदनों का क्या होगा?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पात्र लाभार्थियों के लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर अगले महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए। दस्तावेजों की कमी के आधार पर किसी आवेदन को सीधे अस्वीकृत नहीं किया जाएगा।
शिकायतों की निगरानी कौन करेगा?
सीओ और बीडीओ स्तर के मामलों की नियमित निगरानी एसडीओ, डीसीएलआर और जिलाधिकारी करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त और विभागीय सचिव भी समय-समय पर समीक्षा करेंगे और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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