बिहार: CM सम्राट चौधरी ने 6 मई को बुलाई कैबिनेट बैठक, रोजगार-स्वास्थ्य पर बड़े फैसले संभव

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बिहार: CM सम्राट चौधरी ने 6 मई को बुलाई कैबिनेट बैठक, रोजगार-स्वास्थ्य पर बड़े फैसले संभव

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 मई को तीसरी कैबिनेट बैठक बुलाई है — जिसमें रोजगार, किसान और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े फैसले संभव हैं। पिछली दो बैठकों में 85 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जो नई सरकार की तेज़ नीतिगत गति का संकेत देती है।

Key Takeaways

CM सम्राट चौधरी ने 6 मई को शाम 5 बजे मुख्य सचिवालय, पटना में कैबिनेट बैठक बुलाई है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी शामिल होंगे। युवा रोजगार, किसान कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना। पिछली बैठक ( बुधवार ) में 63 प्रस्ताव मंजूर हुए; संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर किया गया। 22 अप्रैल की पहली बैठक में 22 प्रस्ताव पास हुए, जिनमें पुलिस के लिए ₹66 करोड़ 75 लाख की वाहन खरीद शामिल थी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 मई को मुख्य सचिवालय, पटना में शाम 5 बजे मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में युवाओं के रोजगार, किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है। यह सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली तीसरी कैबिनेट बैठक होगी।

बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री — बिजेन्द्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी — भाग लेंगे। वर्तमान में मुख्यमंत्री के पास 29 विभाग हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पास 10 और बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पास 8 विभाग हैं। बैठक में सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा लाए गए प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी और उन पर निर्णय लिए जाएंगे।

पिछली बैठकों में क्या हुआ

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद 22 अप्रैल को पहली कैबिनेट बैठक हुई थी, जिसमें कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1,500 स्कूटी खरीदने हेतु ₹18 करोड़ 75 लाख और पुलिसकर्मियों के लिए 3,200 मोटरसाइकिल खरीदने हेतु ₹48 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी।

इसके बाद पिछले बुधवार को हुई दूसरी बैठक में 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। उल्लेखनीय है कि इस बैठक में पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर करने का निर्णय भी लिया गया। अब इसके प्रबंध निकाय को पटना चिड़ियाघर प्रबंधन एवं विकास समिति कहा जाएगा।

सरकार की प्राथमिकताएँ

गौरतलब है कि बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद एनडीए की सरकार सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी है। नई सरकार ने अपनी शुरुआती बैठकों में पुलिस बल के आधुनिकीकरण से लेकर प्रशासनिक पुनर्गठन तक कई निर्णय लिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर सार्वजनिक दबाव लगातार बना हुआ है।

आगे क्या

संभावना जताई जा रही है कि 6 मई की बैठक में युवाओं के रोजगार, किसान कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है। हालाँकि, एजेंडे का आधिकारिक खुलासा बैठक से पहले नहीं किया गया है। बैठक के नतीजे बिहार सरकार की नई नीतिगत दिशा को और स्पष्ट करेंगे।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि ये प्रस्ताव ज़मीन पर कितने उतरते हैं। रोजगार और स्वास्थ्य के वादे बिहार में हर सरकार की प्राथमिकता सूची में रहे हैं, फिर भी राज्य इन मानकों पर राष्ट्रीय औसत से पीछे है। नीतीश कुमार के डेढ़ दशक के शासन के बाद नई सरकार पर नीतिगत निरंतरता और नई पहचान — दोनों का दबाव है, जो एक साथ साधना आसान नहीं होगा।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

बिहार कैबिनेट की 6 मई की बैठक कहाँ और कब होगी?
यह बैठक 6 मई को शाम 5 बजे पटना स्थित मुख्य सचिवालय में होगी। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे।
6 मई की कैबिनेट बैठक में किन विषयों पर फैसले होने की उम्मीद है?
संभावना जताई जा रही है कि बैठक में युवाओं के रोजगार, किसान कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिए जा सकते हैं। हालाँकि, आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सम्राट चौधरी की पिछली कैबिनेट बैठकों में क्या हुआ था?
22 अप्रैल की पहली बैठक में 22 प्रस्ताव पास हुए, जिनमें पुलिस वाहनों के लिए ₹66 करोड़ 75 लाख की स्वीकृति शामिल थी। दूसरी बैठक में 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई और संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना चिड़ियाघर किया गया।
बिहार में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री कैसे बने?
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद एनडीए ने सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। उनके साथ बिजेन्द्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
बिहार सरकार में विभागों का बँटवारा कैसे है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग हैं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पास 10 और उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पास 8 विभाग हैं।
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