राजस्थान रॉयल्स को मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ने ₹13,700 करोड़ में खरीदा, 75% हिस्सेदारी
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 3 मई 2026 — स्टील इंडस्ट्री के दिग्गज लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके पुत्र आदित्य मित्तल ने सीरम इंस्टीट्यूट के चेयरमैन अदार पूनावाला के साथ साझेदारी में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को खरीदने की घोषणा की है। यह अधिग्रहण ₹13,700 करोड़ (लगभग 1.65 बिलियन डॉलर) में पूरा हुआ है, जिसमें आईपीएल टीम के अलावा दक्षिण अफ्रीका T20 लीग में पार्ल रॉयल्स और कैरिबियन प्रीमियर लीग में बारबाडोस रॉयल्स भी शामिल हैं।
स्वामित्व संरचना
मित्तल परिवार के पास राजस्थान रॉयल्स की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला को लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। मनोज बडाले सहित मौजूदा अनुमोदित निवेशकों के पास 7 प्रतिशत बना रहेगा। बडाले, जो आरआर की स्थापना से जुड़े हैं, टीम के सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे और क्रिकेटिंग विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
पिछली डील टूटने का कारण
यह सौदा तब संपन्न हुआ जब कॉल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम, जिसने पहले आरआर खरीदने के लिए सफल बोली लगाई थी, फंडिंग की समस्याओं का सामना करना पड़ा। उस कंसोर्टियम की डील टूट गई, जिससे मित्तल-पूनावाला गठबंधन को यह अवसर मिला। गौरतलब है कि यह आईपीएल फ्रेंचाइजी के स्वामित्व में एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि आरआर की 2008 से एक समृद्ध क्रिकेटिंग विरासत है।
मित्तल परिवार की प्रतिबद्धता
लक्ष्मी निवास मित्तल ने कहा कि उनका परिवार राजस्थान से है और क्रिकेट के प्रति उनका प्रेम इसी टीम को चुनने का कारण था। उन्होंने कहा कि आरआर ने कई महान खिलाड़ियों को पाला है और भारतीय क्रिकेट के कई आइकॉन यहाँ से निकले हैं। आदित्य मित्तल ने जोड़ा कि आईपीएल बहुत कम समय में दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्टिंग लीग में से एक बन गया है, और आरआर इसकी प्रतिष्ठित टीमों में से एक है। उन्होंने नई प्रतिभा विकसित करने की आरआर की परंपरा को जारी रखने का संकल्प दिया।
पूनावाला और बडाले की प्रतिक्रिया
अदार पूनावाला ने इस निवेश पर आदित्य मित्तल के साथ साझेदारी को लेकर खुशी जताई और कहा कि वह राजस्थान रॉयल्स के सतत विकास और दीर्घकालीन सफलता में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं। मनोज बडाले ने टीम के साथ अपनी यात्रा को जीवन भर का सौभाग्य बताया और नए मालिकों का स्वागत किया, यह कहते हुए कि वह पुरानी और नई विरासत के बीच एक पुल की भूमिका निभाएँगे।
नियामक अनुमोदन की प्रक्रिया
सौदे का अंतिम समापन BCCI, ICC, IPL गवर्निंग काउंसिल और अन्य लागू नियामक प्राधिकारों की मंजूरी पर निर्भर है। अपेक्षा है कि यह प्रक्रिया 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरी हो जाएगी। इस बीच, मित्तल परिवार और पूनावाला टीम के भविष्य की रणनीति पर काम करने लगे हैं।
वैश्विक क्रिकेट पोर्टफोलियो
यह अधिग्रहण केवल आईपीएल तक सीमित नहीं है। राजस्थान रॉयल्स के नए मालिकों के पास अब SA20 में पार्ल रॉयल्स और CPL में बारबाडोस रॉयल्स भी हैं, जो एक वैश्विक क्रिकेटिंग साम्राज्य बनाता है। यह बहु-लीग मालिकाना मॉडल T20 क्रिकेट में एक नया प्रवृत्ति दर्शाता है, जहाँ एक ही समूह कई भूगोल में टीमों को नियंत्रित करता है।