छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ईडी ने 13 ठिकानों पर छापे मारे, ₹5.39 करोड़ का सोना-कैश जब्त
सारांश
Key Takeaways
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर जोनल कार्यालय ने 30 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के तहत मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 (पीएमएलए) की धारा 17 के अंतर्गत एक साथ 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में चले इस अभियान में ₹53 लाख नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण (अनुमानित मूल्य ₹4.86 करोड़) बरामद किए गए, जिससे कुल जब्ती ₹5.39 करोड़ पहुँच गई।
तलाशी अभियान का विवरण
ईडी ने 3 मई 2025 को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि जिन ठिकानों पर छापे मारे गए, वे शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कारोबारियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े थे। एजेंसी के अनुसार, इन पर इस घोटाले से उत्पन्न 'अपराध की आय' को हासिल करने, संभालने, छिपाने या उसमें हेरफेर करने का संदेह था।
नकदी और सोने के अलावा, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल उपकरण/डेटा भी बरामद किए गए हैं, जिनका फिलहाल विश्लेषण किया जा रहा है।
घोटाले की पृष्ठभूमि और अनुमानित नुकसान
ईडी यह जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू)/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), रायपुर द्वारा दर्ज मूल एफआईआर के आधार पर कर रही है। जांच में एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें राजनीतिक अधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, शराब डिस्टिलर, एफएल-10ए लाइसेंसधारी और उनके सहयोगी शामिल बताए गए हैं।
यह साजिश 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन वसूलने के लिए रची गई थी। ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अपनी चार्जशीट में इस घोटाले से उत्पन्न कुल अपराध की आय का अनुमान लगभग ₹2,883 करोड़ लगाया है।
अब तक की गिरफ्तारियाँ और कुर्की
ईडी ने अब तक पीएमएलए की धारा 19 के तहत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और तत्कालीन मुख्यमंत्री के उप सचिव शामिल हैं।
इसके अलावा, पीएमएलए की धारा 5 के तहत 6 प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) जारी किए जा चुके हैं, जिनके तहत मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी लगभग ₹380 करोड़ की चल और अचल संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं। इन संपत्तियों में रिहायशी व कमर्शियल रियल एस्टेट, बैंक बैलेंस, वाहन, गहने और शेयर शामिल हैं। पीएमएलए एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, नई दिल्ली ने कई मामलों में कुर्की की पुष्टि की है।
अदालती कार्यवाही की स्थिति
ईडी ने रायपुर की पीएमएलए विशेष अदालत में 6 अभियोजन शिकायतें दायर की हैं, जिनमें 81 आरोपियों और संस्थाओं के नाम शामिल हैं। इन मामलों पर विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में सक्रिय रूप से सुनवाई जारी है।
ईडी के अनुसार, मौजूदा तलाशी अभियान से और अधिक साक्ष्य मिले हैं तथा कानून के अनुसार आगे की कुर्की, अभियोजन और पीएमएलए के तहत अन्य कार्यवाहियाँ की जाएंगी। जांच अभी जारी है।