बिहार CM सम्राट चौधरी का 'सहयोग' कार्यक्रम: 14 जुलाई को पटना में जन-शिकायतों की सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 जुलाई 2025 को जानकारी दी कि राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम के अंतर्गत 14 जुलाई को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार, पटना में विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। यह कार्यक्रम बिहार सरकार की जन-केंद्रित शासन व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक सक्रिय प्रयास है।
सहयोग कार्यक्रम क्या है
'सहयोग' बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-केंद्रित पहल है, जिसके तहत जिला स्तर पर शिकायत-निवारण से असंतुष्ट नागरिकों को राज्य स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी समीक्षा के बाद चयनित मामलों की सुनवाई प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को आयोजित की जाती है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उसका न्यायसंगत, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस कार्यक्रम को सरकार और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद और जनविश्वास को मज़बूत करने की दिशा में एक सशक्त कदम बताया।
बांकीपुर उपचुनाव पर बयान
मुख्यमंत्री चौधरी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का भी ज़िक्र किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बांकीपुर की जनता विकास और सुशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएगी।
राजस्व प्रशासन की समीक्षा
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने सोमवार को पटना जिले के राजस्व कार्यों की प्रगति एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न अंचलों में संचालित राजस्व सेवाओं, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निष्पादन और आम नागरिकों की शिकायतों के प्रभावी समाधान पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता हो।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शासन-सुधार और जन-शिकायत निवारण को लेकर सरकार की सक्रियता बढ़ी है। 'सहयोग' जैसे संस्थागत मंच इस दिशा में एक नई मिसाल पेश कर सकते हैं, बशर्ते इनका क्रियान्वयन नियमित और पारदर्शी बना रहे।