18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार: CM सम्राट चौधरी ने पटना में नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन की समीक्षा की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार: CM सम्राट चौधरी ने पटना में नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन की समीक्षा की

सारांश

पटना के संकल्प सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तीन नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन की समीक्षा की। ज़ोर तकनीक-आधारित न्याय वितरण, त्वरित सुनवाई, नागरिक सेवा पोर्टल पर जागरूकता और जिलों में उद्योग-व्यापार जगत से नियमित संवाद पर रहा — ताकि सुरक्षित, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल बने।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 जून को पटना के संकल्प सभागार में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन हुआ।
नागरिक सेवा पोर्टल को लेकर व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियानों के निर्देश दिए गए।
लंबित मामलों के निपटान के लिए त्वरित सुनवाई तंत्र को मज़बूत करने पर ज़ोर।
जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को उद्योगपतियों-व्यापारियों से नियमित संवाद के निर्देश।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 जून को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के संकल्प सभागार में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश के तीन नए आपराधिक कानूनों और अंतरसंचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) के क्रियान्वयन की व्यापक पड़ताल की गई। बैठक का केंद्रबिंदु पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-आधारित और नागरिक-केंद्रित कानून प्रवर्तन तथा न्याय वितरण ढाँचे को मज़बूत करना रहा।

मुख्य घटनाक्रम

विचार-विमर्श के दौरान अधिकारियों ने आपराधिक न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण और कानून प्रवर्तन एवं न्यायिक विभागों के बीच समन्वय बेहतर करने के लिए चल रही पहलों की प्रगति का आकलन किया। बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि न्याय वितरण तंत्र को अधिक कुशल, सुलभ और नागरिकों की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए।

तकनीक और नागरिक सेवा पोर्टल पर ज़ोर

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सेवा वितरण में सुधार और प्रक्रियात्मक देरी कम करने के लिए तकनीकी उपकरणों को प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में प्रभावी ढंग से एकीकृत किया जाए। नागरिक सेवा पोर्टल को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि नागरिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध सेवाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें। इसके लिए व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियानों के निर्देश जारी किए गए।

त्वरित सुनवाई और लंबित मामले

समीक्षा का एक प्रमुख उद्देश्य लंबित आपराधिक मामलों के समय पर निपटान के लिए त्वरित सुनवाई तंत्र को मज़बूत करना था। अधिकारियों से कहा गया कि वे कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सुव्यवस्थित करें, जिससे न्याय अधिक कुशलता से दिया जा सके। बैठक में रेखांकित किया गया कि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मामलों का त्वरित समाधान अनिवार्य है।

अंतर-विभागीय समन्वय और सूचना साझाकरण

समीक्षा में विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के बीच सूचना साझाकरण तंत्र को मज़बूत करने के महत्व को भी उजागर किया गया। अधिकारियों को समन्वय और संचार चैनल बेहतर करने के निर्देश दिए गए, ताकि सूचनाओं का निर्बाध आदान-प्रदान संभव हो और प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ सके। नए कानूनी और तकनीकी ढाँचों के सफल क्रियान्वयन में बेहतर अंतर-विभागीय सहयोग को एक निर्णायक कारक माना गया।

व्यापार-अनुकूल माहौल पर निर्देश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य भर के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को उद्योगपतियों, व्यापारियों और प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बातचीत करने का निर्देश दिया। इन बैठकों के ज़रिए सुरक्षा, व्यावसायिक संचालन और प्रशासनिक सहायता से जुड़ी चिंताओं को समझने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा जताई गई। इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाना है, जो निवेश, आर्थिक गतिविधि और संस्थागत विकास को प्रोत्साहित करे।

आगे क्या

राज्य सरकार से अब अपेक्षा है कि वह तीन नए आपराधिक कानूनों — भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम — के ज़मीनी क्रियान्वयन की निगरानी तंत्र को और सख़्त करेगी और ICJS पर ज़िला-स्तरीय रिपोर्टिंग को संस्थागत रूप देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा थाना और जिला कोर्ट के स्तर पर है — जहाँ पुराने ढर्रे को बदलना सबसे कठिन होता है। पोर्टल और तकनीकी एकीकरण की बातें पहले भी हुई हैं; अंतर तब आएगा जब लंबित मामलों के आँकड़े, ICJS पर डेटा-अपलोड दर और औसत निपटान-समय सार्वजनिक रूप से ट्रैक हों। उद्योग जगत से नियमित संवाद का निर्देश सकारात्मक संकेत है, पर इसकी विश्वसनीयता तय करेगी कि क्या यह रस्मी बैठकों तक सीमित रहता है या ज़मीनी शिकायत-निवारण से जुड़ता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सम्राट चौधरी की समीक्षा बैठक में क्या तय हुआ?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 जून को पटना के संकल्प सभागार में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में तीन नए आपराधिक कानूनों और ICJS के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में तकनीक-आधारित न्याय वितरण, त्वरित सुनवाई और नागरिक सेवा पोर्टल पर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
ICJS यानी अंतरसंचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली क्या है?
ICJS एक डिजिटल ढाँचा है जो पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल और फ़ोरेंसिक जैसे आपराधिक न्याय तंत्र के अलग-अलग स्तंभों को आपस में जोड़ता है। इसका उद्देश्य विभागों के बीच निर्बाध सूचना साझाकरण और मामलों की एकीकृत ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है।
बैठक में त्वरित सुनवाई पर क्या निर्देश दिए गए?
अधिकारियों को कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लंबित आपराधिक मामलों का समय पर निपटान हो सके। बैठक में रेखांकित किया गया कि न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए मामलों का त्वरित समाधान अनिवार्य है।
जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को क्या निर्देश मिले?
मुख्यमंत्री ने राज्य भर के जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को उद्योगपतियों, व्यापारियों और प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों से नियमित बातचीत करने के निर्देश दिए। इसका मक़सद सुरक्षा, व्यावसायिक संचालन और प्रशासनिक सहायता से जुड़ी चिंताओं को समझकर ज़रूरी सुधारात्मक कदम उठाना है।
नागरिकों के लिए नागरिक सेवा पोर्टल का क्या महत्व है?
नागरिक सेवा पोर्टल आम लोगों को कानून-व्यवस्था और न्याय वितरण से जुड़ी डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराता है। बैठक में अधिकारियों को व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिक इन सेवाओं और सुविधाओं का पूरा उपयोग कर सकें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले