बिहार CM सम्राट चौधरी ने 11 सैटेलाइट टाउन परियोजनाओं की समीक्षा की, समयबद्ध पूर्णता के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2 जून 2025 को पटना के संकल्प सभागार में राज्य की 11 सैटेलाइट टाउन विकास परियोजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। यह बैठक बिहार के नियोजित शहरीकरण एजेंडे को गति देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
बैठक में क्या हुआ
शहरी विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बैठक में परियोजनाओं की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने मुख्यमंत्री को 11 सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चिन्हित स्थानों, प्रत्येक परियोजना के लिए उपलब्ध भूमि, बुनियादी ढाँचे के विकास की मौजूदा स्थिति और भविष्य के कार्यान्वयन के लिए प्रस्तावित रोडमैप की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पहल के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह परियोजना बिहार के शहरीकरण प्रयासों, आर्थिक विकास, रोज़गार सृजन और आधुनिक आवास अवसंरचना के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक स्वीकृतियों और अन्य प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं से जुड़ी किसी भी बाधा को तत्काल दूर किया जाए ताकि कार्यान्वयन में देरी न हो। उन्होंने परियोजना की प्रगति की नियमित निगरानी और समयसीमा के कड़े पालन पर भी ज़ोर दिया।
सम्राट चौधरी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने और परियोजनाओं के सुचारू निष्पादन के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। गौरतलब है कि बिहार में तेज़ी से बढ़ती शहरी आबादी के दबाव को देखते हुए सैटेलाइट टाउन की अवधारणा राज्य सरकार की दीर्घकालिक नगर नियोजन रणनीति का हिस्सा है।
परियोजना का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 सैटेलाइट टाउन का सफल निर्माण बिहार भर में नियोजित शहरी विकास को बड़ा बढ़ावा देगा। ये परियोजनाएँ न केवल नए रोज़गार के अवसर पैदा करेंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर नागरिक अवसंरचना और आधुनिक शहरी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराएँगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार राज्य की आर्थिक छवि को बदलने और निवेश आकर्षित करने के लिए बड़े बुनियादी ढाँचा सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सैटेलाइट टाउन परियोजनाएँ इसी व्यापक विज़न का हिस्सा हैं।
आगे की राह
बैठक में तय किया गया कि परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा जारी रहेगी। भूमि अधिग्रहण और विभागीय अनुमतियों की प्रक्रिया में तेज़ी लाने को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, इन टाउनशिप के विकास से पटना और अन्य प्रमुख शहरों पर जनसंख्या का बोझ कम होगा और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित होगा।