3 अगस्त 2026
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बिहार के 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में आवास बोर्ड खरीदेगा जमीन, मानसून पर भी सरकार सतर्क

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बिहार के 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में आवास बोर्ड खरीदेगा जमीन, मानसून पर भी सरकार सतर्क

सारांश

बिहार कैबिनेट ने सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जरूरतमंद भू-स्वामियों की समस्या सुलझाने के लिए आवास बोर्ड को जमीन खरीदने का अधिकार दिया है। साथ ही औद्योगिक और केंद्रीय परियोजनाओं को रोक से छूट देकर निवेश का रास्ता भी खुला रखा गया है।

मुख्य बातें

बिहार आवास बोर्ड अब 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जरूरतमंद भू-स्वामियों से सीधे जमीन खरीदेगा।
मुआवजा राजस्व विभाग की 2026 भूमि खरीद नीति के अनुसार दिया जाएगा।
7 टाउनशिप क्षेत्रों में 31 मार्च 2027 तक भूमि हस्तांतरण पर रोक जारी रहेगी, लेकिन केंद्रीय योजनाओं और स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड -स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाओं को छूट दी गई है।
मानसून से पहले पटना नगर निगम सहित सभी शहरी निकायों को जलजमाव रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
पटना में गिग वर्कर्स के लिए 2 एसी लॉन्ज तैयार; अगले कुछ दिनों में औपचारिक उद्घाटन संभव।

बिहार सरकार ने 18 जून 2026 को सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है — अब जरूरतमंद भू-स्वामियों से बिहार आवास बोर्ड सीधे जमीन खरीदेगा और उन्हें राजस्व विभाग की वर्ष 2026 की भूमि खरीद नीति के तहत समयबद्ध मुआवजा दिया जाएगा। राज्य के मंत्री नीतीश मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला उन किसानों और जमीन मालिकों की तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

मूल निर्णय की पृष्ठभूमि

अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार के 11 स्थानों पर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत सात टाउनशिप क्षेत्रों में 31 मार्च 2027 तक भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगाई गई थी, ताकि योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके। गौरतलब है कि इस रोक के बाद सरकार को फीडबैक मिला कि कई भू-स्वामियों को आकस्मिक परिस्थितियों में धन की जरूरत पड़ रही है और वे अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे।

तीन प्रमुख संशोधन

मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, मंत्रिपरिषद की हालिया बैठक में प्रारंभिक प्रस्ताव में तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।

पहला — जिन भू-स्वामियों को आकस्मिक परिस्थितियों में धन की आवश्यकता होगी, वे आवेदन कर सकते हैं और बिहार आवास बोर्ड उनकी जमीन निर्धारित दरों पर खरीदेगा।

दूसरा — केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता पड़ने पर ऐसे मामलों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि राष्ट्रीय विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों।

तीसरा — उद्योग विभाग के स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को भी रोक से मुक्त रखा गया है, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।

मानसून प्रबंधन पर सरकार की तैयारी

मानसून की तैयारियों पर मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। पटना नगर निगम सहित बिहार के सभी शहरी निकायों को जलजमाव रोकने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जहाँ पानी जमा हो, वहाँ तत्काल निकासी की व्यवस्था की जाए; अधूरी परियोजनाएं जल्द पूरी की जाएं और भविष्य के लिए नई जल-निकासी योजनाएं भी तैयार की जाएं।

उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों पर भी नजर रखी जा रही है और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब माँगे जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और नगर निकायों को आवश्यक संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

गिग वर्कर्स के लिए एसी लॉन्ज

पटना में गिग वर्कर्स के लिए बनाए गए एसी लॉन्ज के बारे में मंत्री ने बताया कि यह लगभग तैयार है और अगले कुछ दिनों में औपचारिक शुरुआत होने की उम्मीद है। फिलहाल दो गिग वर्कर्स लॉन्ज बनाए गए हैं, जिनका प्रारंभिक अनुभव सकारात्मक रहा है। यदि संचालन सफल रहा तो भविष्य में राज्य के अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।

आगे क्या होगा

इच्छुक भू-स्वामियों को आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से बिहार आवास बोर्ड से संपर्क करना होगा, जिसके बाद बोर्ड 2026 की भूमि खरीद नीति के अनुसार मुआवजे का भुगतान करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से भू-स्वामियों को बेहतर दरें मिलेंगी और भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज होगी। राज्य सरकार के इस कदम से बिहार में नियोजित शहरी विकास और निवेश-अनुकूल माहौल दोनों को एक साथ साधने की कोशिश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा आवास बोर्ड की क्षमता और मुआवजे की दरों की पारदर्शिता में है; पिछले राज्य-स्तरीय भूमि अधिग्रहणों में देरी और विवाद आम रहे हैं। औद्योगिक परियोजनाओं को रोक से छूट देना निवेश-अनुकूल संकेत है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इस प्रावधान का दुरुपयोग टाउनशिप की मूल योजना को नहीं तोड़े। मानसून प्रबंधन की घोषणाएं हर वर्ष होती हैं — पटना की जलजमाव समस्या का स्थायी समाधान निर्देशों से नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचे में निवेश से आएगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना क्या है और इसमें कितने स्थान शामिल हैं?
यह बिहार सरकार की वह योजना है जिसके तहत राज्य के 11 स्थानों पर नए सैटेलाइट शहर विकसित किए जाएंगे। इसका निर्णय अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद बैठक में लिया गया था।
बिहार आवास बोर्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन कैसे खरीदेगा?
इच्छुक भू-स्वामियों को बिहार आवास बोर्ड के पास आवेदन करना होगा। बोर्ड राजस्व विभाग की 2026 भूमि खरीद नीति के अनुसार निर्धारित दरों पर मुआवजा देगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन भू-स्वामियों के लिए है जिन्हें आकस्मिक आर्थिक जरूरतों के कारण जमीन बेचनी पड़ रही है।
भूमि हस्तांतरण पर रोक से किन परियोजनाओं को छूट दी गई है?
केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और उद्योग विभाग के स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाओं को 31 मार्च 2027 तक की रोक से मुक्त रखा गया है। यह छूट इसलिए दी गई है ताकि राष्ट्रीय और औद्योगिक विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों।
बिहार सरकार मानसून 2026 के लिए क्या तैयारी कर रही है?
मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, पटना नगर निगम सहित सभी शहरी निकायों को जलजमाव रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने, तत्काल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने और सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों पर नजर रखने के भी निर्देश हैं।
पटना में गिग वर्कर्स के लिए एसी लॉन्ज कब शुरू होगा?
मंत्री के अनुसार पटना में बने दो एसी लॉन्ज लगभग तैयार हैं और अगले कुछ दिनों में औपचारिक उद्घाटन होने की उम्मीद है। यदि इनका संचालन सफल रहा तो भविष्य में राज्य के अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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