बिहार के 11 सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में आवास बोर्ड खरीदेगा जमीन, मानसून पर भी सरकार सतर्क
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 18 जून 2026 को सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया है — अब जरूरतमंद भू-स्वामियों से बिहार आवास बोर्ड सीधे जमीन खरीदेगा और उन्हें राजस्व विभाग की वर्ष 2026 की भूमि खरीद नीति के तहत समयबद्ध मुआवजा दिया जाएगा। राज्य के मंत्री नीतीश मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह फैसला उन किसानों और जमीन मालिकों की तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
मूल निर्णय की पृष्ठभूमि
अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार के 11 स्थानों पर सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत सात टाउनशिप क्षेत्रों में 31 मार्च 2027 तक भूमि की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगाई गई थी, ताकि योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके। गौरतलब है कि इस रोक के बाद सरकार को फीडबैक मिला कि कई भू-स्वामियों को आकस्मिक परिस्थितियों में धन की जरूरत पड़ रही है और वे अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे।
तीन प्रमुख संशोधन
मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, मंत्रिपरिषद की हालिया बैठक में प्रारंभिक प्रस्ताव में तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।
पहला — जिन भू-स्वामियों को आकस्मिक परिस्थितियों में धन की आवश्यकता होगी, वे आवेदन कर सकते हैं और बिहार आवास बोर्ड उनकी जमीन निर्धारित दरों पर खरीदेगा।
दूसरा — केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए भूमि की आवश्यकता पड़ने पर ऐसे मामलों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है, ताकि राष्ट्रीय विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों।
तीसरा — उद्योग विभाग के स्टेट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण को भी रोक से मुक्त रखा गया है, जिससे राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को बल मिलेगा।
मानसून प्रबंधन पर सरकार की तैयारी
मानसून की तैयारियों पर मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। पटना नगर निगम सहित बिहार के सभी शहरी निकायों को जलजमाव रोकने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जहाँ पानी जमा हो, वहाँ तत्काल निकासी की व्यवस्था की जाए; अधूरी परियोजनाएं जल्द पूरी की जाएं और भविष्य के लिए नई जल-निकासी योजनाएं भी तैयार की जाएं।
उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों पर भी नजर रखी जा रही है और संबंधित अधिकारियों से तत्काल जवाब माँगे जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और नगर निकायों को आवश्यक संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
गिग वर्कर्स के लिए एसी लॉन्ज
पटना में गिग वर्कर्स के लिए बनाए गए एसी लॉन्ज के बारे में मंत्री ने बताया कि यह लगभग तैयार है और अगले कुछ दिनों में औपचारिक शुरुआत होने की उम्मीद है। फिलहाल दो गिग वर्कर्स लॉन्ज बनाए गए हैं, जिनका प्रारंभिक अनुभव सकारात्मक रहा है। यदि संचालन सफल रहा तो भविष्य में राज्य के अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
आगे क्या होगा
इच्छुक भू-स्वामियों को आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से बिहार आवास बोर्ड से संपर्क करना होगा, जिसके बाद बोर्ड 2026 की भूमि खरीद नीति के अनुसार मुआवजे का भुगतान करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से भू-स्वामियों को बेहतर दरें मिलेंगी और भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज होगी। राज्य सरकार के इस कदम से बिहार में नियोजित शहरी विकास और निवेश-अनुकूल माहौल दोनों को एक साथ साधने की कोशिश की जा रही है।