बिहार कैबिनेट ने 29 प्रस्तावों को दी मंजूरी: 31 बस स्टैंड होंगे हाईटेक, 5 ज़िलों में केंद्रीय विद्यालयों को मिली भूमि
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 1 जुलाई 2026 को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इनमें राज्यभर के 31 बस स्टैंडों को आधुनिक एवं हाईटेक बनाने का निर्णय सबसे अहम है, जो यात्रियों की सुविधा में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में उठाया गया कदम है। बैठक में उच्च शिक्षा, उद्योग, सड़क, परिवहन, पर्यटन, ग्रामीण विकास और नागरिक उड्डयन समेत दर्जनभर विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
शिक्षा और धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संचालन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी, जो उच्च शिक्षा क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया को संस्थागत रूप देगी। इसके अलावा 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व — 1000 वर्ष की अटूट आस्था' के तहत 20 जुलाई को लगभग 1,100 श्रद्धालुओं की दो दिवसीय सोमनाथ यात्रा के आयोजन और संबंधित व्यवस्थाओं के लिए ₹2.50 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।
पूर्णिया, नालंदा, मधेपुरा, मधुबनी और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना और भवन निर्माण के लिए सरकारी भूमि को 30 वर्ष की लीज़ पर उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में गुणवत्तापूर्ण केंद्रीय शिक्षा संस्थानों की माँग लगातार बढ़ रही है।
औद्योगिक विकास और निवेश को मिली रफ़्तार
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) को वित्तीय संस्थानों से राज्य सरकार की गारंटी पर ₹25,000 करोड़ तक का वित्तपोषण प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया। यह राशि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण पर खर्च होगी।
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाने — अथवा नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लागू होने तक प्रभावी रखने — का निर्णय भी लिया गया। गया में कोलकाता-इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के लिए 35.19 एकड़ सरकारी भूमि हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई, जो पूर्वी भारत में औद्योगिक कनेक्टिविटी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है।
पंचायती राज और ग्रामीण विकास के लिए बड़ा कोष
पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव पर 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से मिलने वाले ₹51,923 करोड़ के अनुदान के वितरण, उपयोग और व्यय को स्वीकृति दी गई। गौरतलब है कि यह राशि पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत अकुशल मजदूरों की मजदूरी दर निर्धारित करने, बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसायटी को नोडल एजेंसी बनाने और योजना के संस्थागत ढाँचे को भी मंजूरी दी गई।
अन्य प्रमुख निर्णय
कैबिनेट ने पटना नगर निगम को ₹200 करोड़ तक का नगर निगम बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी। पटना ज़ू प्रबंधन एवं विकास सोसायटी में 23 नए पदों के सृजन और पूर्व स्वीकृत 29 पदों के प्रत्यर्पण को भी हरी झंडी मिली। राज्य में पत्थर खनन क्षेत्रों की ई-नीलामी व्यवस्था और न्यूनतम सुरक्षित मूल्य निर्धारण के नए प्रावधान को स्वीकृति दी गई।
वीरपुर हवाई अड्डे के विकास के लिए 88.83 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु ₹29.57 करोड़ की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई। गन्ना क्षेत्र में गन्ना यंत्रीकरण योजना पर ₹34.59 करोड़ और मुख्यमंत्री गन्ना विकास कार्यक्रम (बीज विकास योजना) पर ₹37.93 करोड़ की स्वीकृति दी गई। केंद्रीय कारा बक्सर स्थित वामन भगवान मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए भूमि पृथक्करण तथा चहारदीवारी निर्माण को भी मंजूरी मिली।
आगे क्या होगा
इन फैसलों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर है और अधिकांश योजनाओं पर अमल चालू वित्त वर्ष में ही शुरू होने की उम्मीद है। बिहार बाह्य विज्ञापन नियमावली, 2026 को मंजूरी मिलने से राज्य में होर्डिंग और बाहरी विज्ञापन का विनियमन भी सुव्यवस्थित होगा। कैबिनेट के इन निर्णयों से बिहार में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और औद्योगिक विकास को एकसाथ गति मिलने की संभावना है।