बिहार कैबिनेट ने 29 प्रस्तावों को दी मंजूरी: हेली-टूरिज्म योजना, होमस्टे नीति और खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कैबिनेट की बुधवार, 17 जून 2026 को पटना में हुई बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पर्यटन को नई ऊँचाई देने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना और मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना को हरी झंडी मिली। ये निर्णय बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
पर्यटन को मिला बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न पर्यटक स्थलों के बीच पर्यटकों को त्वरित और सुगम भ्रमण सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना भी स्वीकृत की गई, जो धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत पर्यटकों को स्थानीय आवास विकल्प सुलभ होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है।
वैशाली में बुद्ध संग्रहालय के लिए समिति गठित
वैशाली में निर्माणाधीन बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के संचालन और प्रबंधन के लिए एक समिति के गठन को कैबिनेट ने अनुमति दी। इस समिति के लिए सोसायटी का निबंधन भी कराया जा चुका है। इस कदम से परिसर को बेहतर ढंग से विकसित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। गौरतलब है कि वैशाली बौद्ध परिपथ का एक प्रमुख केंद्र है और यह संग्रहालय विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर सकता है।
युवाओं और खिलाड़ियों के लिए अहम निर्णय
कैबिनेट ने नागरिक सुरक्षा विभाग में आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) पद की भर्ती नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी। सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है, और प्रोबेशन अवधि दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष की गई है। इस बदलाव से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण युवा कम उम्र में सरकारी सेवा के लिए पात्र हो सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली 2023 में संशोधन कर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न ग्रेड में सरकारी नौकरी देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
नदियों में बालू अध्ययन और न्यायिक विस्तार
बिहार सरकार ने सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन नदी में बालू की उपलब्धता का अध्ययन कराने का निर्णय लिया है। इस अध्ययन के लिए ₹2.32 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर बारिश के बाद नदियों में जमा नई बालू का आकलन कर आगे खनन की अनुमति का निर्धारण किया जाएगा।
बैठक में मधुबनी न्यायमंडल के अंतर्गत बेनीपट्टी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का एक नया पद सृजित करने की स्वीकृति भी दी गई, जिससे इस क्षेत्र में न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी।
आगे की राह
इन निर्णयों का क्रियान्वयन संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र किए जाने की उम्मीद है। हेली-टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं से बिहार में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं, जबकि खिलाड़ियों और युवाओं से जुड़े फैसले राज्य की मानव संसाधन नीति में सकारात्मक बदलाव का संकेत देते हैं।