बिहार हेली-एयर टूरिज्म योजना-2026 लॉन्च, बोधगया में ₹165.44 करोड़ के बौद्ध ध्यान केंद्र का शिलान्यास
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 जुलाई 2026 को पर्यटन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' का शुभारंभ किया। इसी कार्यक्रम में गया जिले के बोधगया में ₹165.44 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास भी किया गया। यह कदम बिहार को राष्ट्रीय हेली-टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार का अब तक का सबसे बड़ा पर्यटन निवेश माना जा रहा है।
हेली-टूरिज्म योजना: मुख्य घटनाक्रम
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह के अनुसार, योजना के पहले चरण में तीन प्रमुख गंतव्य शामिल किए गए हैं — पश्चिम चंपारण का वाल्मीकिनगर, कैमूर स्थित माँ मुंडेश्वरी मंदिर और नालंदा का राजगीर। इन तीनों स्थलों के लिए पटना से प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर एवं राजकीय विमान सेवाएँ संचालित होंगी। पटना शहर का हवाई नज़ारा दिखाने के लिए हेलीकॉप्टर जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। सरकार ने विभिन्न मार्गों के लिए रियायती किराया भी निर्धारित किया है।
बोधगया बौद्ध ध्यान केंद्र: क्या होगा खास
पर्यटन विभाग के मुताबिक, ₹165.44 करोड़ की लागत से बनने वाला बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय ध्यान एवं आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। बोधगया पहले से ही वैश्विक बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, और यह केंद्र उस आधारभूत ढाँचे को और सुदृढ़ करेगा।
अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान ₹28.50 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई पर्यटन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। इनमें शामिल हैं:
मनेर शरीफ में थीमेटिक गेट, पटना के दीघा घाट पर पर्यटक सुविधाओं का विकास, गया के संडेश्वर नाथ शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण, गांधी मैदान पार्क का पुनर्विकास, वैष्णो मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार एवं प्रकाश व्यवस्था, ब्रह्मेश्वर स्थान के दूसरे चरण का विकास, भोजपुर के बेलाउर सूर्य मंदिर का विकास, शिवहर के देवकुली धाम में तालाब सौंदर्यीकरण एवं दुकान निर्माण तथा वैशाली के नानक साहब लालगंज के विकास कार्य।
होम स्टे और उद्यमिता को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री होम स्टे पॉलिसी के अंतर्गत वाल्मीकिनगर के संतोष कुमार, बोधगया की उषा सिंह और बराबर के पुरुषोत्तम प्रकाश को प्रमाणन प्रमाण-पत्र सौंपे। इसके अलावा बिहार पर्यटन नीति के तहत मुजफ्फरपुर की तूफानी एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को एम्यूजमेंट पार्क श्रेणी में ₹1.37 करोड़ की पहली किश्त का चेक प्रदान किया गया।
आम जनता और पर्यटन पर असर
राज्य सरकार का मानना है कि इन पहलों से बिहार में धार्मिक और विरासत पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले महीनों में योजना के दूसरे चरण में और गंतव्यों को जोड़े जाने की उम्मीद है।