बिहार में कोचिंग संस्थाएं हों बंद, गयाजी में बोले सीएम सम्राट चौधरी; ₹170 करोड़ के प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 15 जून को गयाजी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी जिससे सभी कोचिंग संस्थाएं स्वतः बंद हो जाएं। बिहार में दो कोचिंग सेंटरों में हाल ही में हुए विवाद के बाद सरकार ने कोचिंग सेंटरों के लिए नई नीति बनाने की घोषणा की है, और इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री का यह बयान आया है।
मुख्य घोषणाएँ और शिलान्यास
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से गयाजी जिले के खिजरसराय में ₹170 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रौद्योगिकी केंद्र का रिमोट से बटन दबाकर शिलान्यास किया और भूमि पूजन संपन्न किया। इसके साथ ही गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय पथ के 20वें किलोमीटर से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया।
शिक्षा सुधार पर सीएम का विज़न
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'इन स्कूलों में शिक्षा की ऐसी गुणवत्ता होगी कि नेता और अफसर के बच्चे भी इसमें पढ़ेंगे — उस दिन मेरा सपना पूरा होगा।' उनके अनुसार, सार्वजनिक शिक्षा को इतना सशक्त बनाना है कि निजी कोचिंग की ज़रूरत ही न रहे।
एमएसएमई और रोज़गार के आँकड़े
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार में वर्ष 2022 में एमएसएमई की संख्या मात्र 6 लाख थी, जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गई है। उनके अनुसार इससे 1 करोड़ 87 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार देश में सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य है, जहाँ उपभोक्ताओं को ₹23,000 करोड़ की बिजली सब्सिडी दी जा रही है और सभी को 125 यूनिट बिजली निःशुल्क प्रदान की जा रही है।
फल्गु नदी और खिजरसराय स्टेडियम की घोषणा
मुख्यमंत्री ने फल्गु नदी को माता सीता के श्राप से मुक्त कराने की प्रतीकात्मक घोषणा करते हुए कहा कि इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर समझौते से प्राप्त जल को हर हालत में फल्गु नदी में लाया जाएगा। इसके अलावा खिजरसराय में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण के लिए राज्य सरकार 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी।
बिहारी प्रवासियों की वापसी का आह्वान
सम्राट चौधरी ने कहा कि उन पर 14 करोड़ बिहारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जिससे बाहर गए बिहारी वापस लौटें और बिहार को समृद्ध बनाने में भागीदार बनें। प्रौद्योगिकी केंद्र के साथ-साथ सड़क और स्टेडियम का निर्माण इसी दिशा में उठाए गए कदम बताए जा रहे हैं।