15 अगस्त 2026
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विद्यार्थी सहयोग पोर्टल 17 अगस्त से बिहार में लाइव, सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान से किए बड़े ऐलान

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विद्यार्थी सहयोग पोर्टल 17 अगस्त से बिहार में लाइव, सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान से किए बड़े ऐलान

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान से कई बड़े ऐलान किए — 17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल, हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी, 'पुलिस दीदी' योजना और नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ निजी निवेश का लक्ष्य।

मुख्य बातें

17 अगस्त 2026 से पूरे बिहार में 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' लॉन्च होगा; शिकायत निष्पादन 30 दिनों में।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी बनेगी।
'सहयोग शिविर' में 6,46,181 आवेदन मिले; 95% का निष्पादन; 17,773 अधिकारियों को नोटिस।
रक्षाबंधन से स्कूल-कॉलेजों में 'पुलिस दीदी' योजना; बिहार में 32,450 महिला पुलिसकर्मी तैनात।
अगले नवंबर तक बिहार में ₹5 लाख करोड़ निजी निवेश का लक्ष्य।
बिहार पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुँचने की दिशा में कार्यरत।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त 2026 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में पहली बार तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों, महिला सुरक्षा, निजी निवेश और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की, जिनमें सबसे चर्चित रहा 17 अगस्त से पूरे बिहार में शुरू होने वाला 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल'

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल: क्या है और कैसे काम करेगा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 17 अगस्त 2026 से बिहार के सभी विद्यार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान, छात्रावास, कोचिंग संस्थान या पढ़ाई से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने वादा किया है कि पंजीकृत शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि शिकायत निवारण की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर तय की जाएगी, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

परीक्षा व्यवस्था में सुधार: हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में कमेटी

मुख्यमंत्री ने बिहार की परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया। यह समिति परीक्षा आयोजन की विस्तृत समीक्षा करेगी और सुधार के सुझाव देगी। गौरतलब है कि बिहार में परीक्षा पेपर लीक की घटनाएँ पूर्व में सुर्खियाँ बन चुकी हैं, जिससे इस कमेटी के गठन को खासा महत्व मिलता है।

सहयोग शिविर और प्रशासनिक जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने बताया कि आम नागरिकों की समस्याओं के लिए चल रहे 'सहयोग शिविर' में अब तक 6,46,181 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से करीब 95 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने पर 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला नोटिस, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा नोटिस जारी किया गया है। जो नागरिक शिकायत समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए आगे अपील करने की व्यवस्था भी की गई है।

महिला सुरक्षा: 'पुलिस दीदी' योजना की शुरुआत

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने 'पुलिस दीदी' योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से स्कूल-कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो स्कूटी के साथ उपस्थित रहेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 32,450 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के ज़रिए एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस सेवाओं को एकीकृत किया गया है, और बिहार पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुँचने की दिशा में काम कर रही है।

₹5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य और ग्रामीण विकास

सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले नवंबर तक बिहार में ₹5 लाख करोड़ का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार की करीब 85 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इसलिए हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस के माध्यम से गाँवों की योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। गांधी मैदान में 13 सरकारी विभागों की झांकियाँ भी निकाली गईं, जिनमें बिहार की संस्कृति और सरकारी उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गईं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस संकल्प के साथ किया कि आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है — और इसी भावना से बिहार को आगे ले जाना सरकार की प्रतिबद्धता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — 'सहयोग शिविर' में 95% निष्पादन का दावा तब तक अधूरा है जब तक स्वतंत्र सत्यापन न हो। परीक्षा सुधार कमेटी का गठन बिहार में पेपर लीक की पृष्ठभूमि में सही दिशा में कदम है, पर हाईकोर्ट जज की नियुक्ति और कमेटी की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं। ₹5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन बिहार में औद्योगिक ढाँचे और कनेक्टिविटी की सीमाओं को देखते हुए यह आँकड़ा बिना ठोस क्षेत्रवार रोडमैप के केवल एक आकांक्षा बनकर रह सकता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विद्यार्थी सहयोग पोर्टल क्या है और यह कब शुरू होगा?
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल बिहार सरकार का एक ऑनलाइन शिकायत निवारण मंच है, जो 17 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में शुरू होगा। इसके ज़रिए छात्र अपने संस्थान, छात्रावास या कोचिंग से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज करा सकेंगे और सरकार 30 दिनों में निष्पादन का प्रयास करेगी।
बिहार में परीक्षा सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की घोषणा की है। यह कमेटी परीक्षा आयोजन, गुणवत्ता और निष्पक्षता की समीक्षा कर सुधार के सुझाव देगी।
'पुलिस दीदी' योजना क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
'पुलिस दीदी' योजना के तहत रक्षाबंधन से बिहार के स्कूल-कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की स्कूटी सहित तैनाती की जाएगी। इससे मुख्य रूप से छात्राओं और महिलाओं को तत्काल सुरक्षा सहायता मिलेगी।
बिहार में ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य कब तक है?
मुख्यमंत्री के अनुसार अगले नवंबर तक बिहार में ₹5 लाख करोड़ का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
सहयोग शिविर में अब तक कितने आवेदनों का निष्पादन हुआ?
सहयोग शिविर में अब तक 6,46,181 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 95 प्रतिशत का निष्पादन हो चुका है। लापरवाही पर 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा नोटिस दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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