विद्यार्थी सहयोग पोर्टल 17 अगस्त से बिहार में लाइव, सम्राट चौधरी ने गांधी मैदान से किए बड़े ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अगस्त 2026 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस के राजकीय समारोह में पहली बार तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों, महिला सुरक्षा, निजी निवेश और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम फैसलों की घोषणा की, जिनमें सबसे चर्चित रहा 17 अगस्त से पूरे बिहार में शुरू होने वाला 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल'।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल: क्या है और कैसे काम करेगा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 17 अगस्त 2026 से बिहार के सभी विद्यार्थी इस पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान, छात्रावास, कोचिंग संस्थान या पढ़ाई से जुड़ी किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने वादा किया है कि पंजीकृत शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि शिकायत निवारण की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर तय की जाएगी, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार: हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में कमेटी
मुख्यमंत्री ने बिहार की परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का ऐलान किया। यह समिति परीक्षा आयोजन की विस्तृत समीक्षा करेगी और सुधार के सुझाव देगी। गौरतलब है कि बिहार में परीक्षा पेपर लीक की घटनाएँ पूर्व में सुर्खियाँ बन चुकी हैं, जिससे इस कमेटी के गठन को खासा महत्व मिलता है।
सहयोग शिविर और प्रशासनिक जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने बताया कि आम नागरिकों की समस्याओं के लिए चल रहे 'सहयोग शिविर' में अब तक 6,46,181 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से करीब 95 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। लापरवाही बरतने पर 17,773 अधिकारियों-कर्मचारियों को पहला नोटिस, 860 को दूसरा और 48 को तीसरा नोटिस जारी किया गया है। जो नागरिक शिकायत समाधान से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए आगे अपील करने की व्यवस्था भी की गई है।
महिला सुरक्षा: 'पुलिस दीदी' योजना की शुरुआत
महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने 'पुलिस दीदी' योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से स्कूल-कॉलेजों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो स्कूटी के साथ उपस्थित रहेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में वर्तमान में 32,450 महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के ज़रिए एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस सेवाओं को एकीकृत किया गया है, और बिहार पुलिस 10 मिनट में घटनास्थल पर पहुँचने की दिशा में काम कर रही है।
₹5 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य और ग्रामीण विकास
सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले नवंबर तक बिहार में ₹5 लाख करोड़ का निजी निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार की करीब 85 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इसलिए हर महीने के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस के माध्यम से गाँवों की योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। गांधी मैदान में 13 सरकारी विभागों की झांकियाँ भी निकाली गईं, जिनमें बिहार की संस्कृति और सरकारी उपलब्धियाँ प्रदर्शित की गईं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस संकल्प के साथ किया कि आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है — और इसी भावना से बिहार को आगे ले जाना सरकार की प्रतिबद्धता है।