नंदीग्राम उपचुनाव: कलकत्ता हाई कोर्ट ने BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ के खिलाफ कांग्रेस की याचिका खारिज की
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 29 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल कांग्रेस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ के नामांकन हलफनामे को चुनौती दी गई थी। इस फैसले से रथ का चुनावी मुकाबले में बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।
अदालत का फैसला और पृष्ठभूमि
जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल-जज बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 25 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया। अदालत ने हसीरानी रथ के नॉमिनेशन पेपर्स की वैधता को बरकरार रखते हुए कांग्रेस की याचिका को निरस्त कर दिया।
कांग्रेस की दलीलें
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील रित्जु घोषाल ने हलफनामे में दर्ज आयु और शैक्षणिक योग्यता संबंधी विसंगतियों का हवाला दिया। उनका कहना था कि उम्मीदवार ने हलफनामे में दावा किया है कि उन्होंने 1965 में सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि उसी दस्तावेज़ में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार उनका जन्म 1966 के बाद का बनता है।
घोषाल ने तर्क दिया, 'इसका मतलब है कि उनका जन्म 1966 में हुआ था। उसी हलफनामे में, उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने 1965 में सेकेंडरी परीक्षा पास की थी। वह अपने जन्म से पहले सेकेंडरी परीक्षा कैसे पास कर सकती थीं?' उन्होंने इस जानकारी को 'व्यावहारिक रूप से असंभव' बताते हुए उम्मीदवारी रद्द करने की माँग की। साथ ही आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने हलफनामे की जाँच-पड़ताल करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
ECI और उम्मीदवार पक्ष का जवाब
ECI और रथ के वकीलों ने पलटवार करते हुए कहा कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जाँच की जाती है, और उस चरण में किसी भी पक्ष ने कोई औपचारिक आपत्ति नहीं दर्ज कराई थी। यह तर्क कि आपत्ति नामांकन स्तर पर ही उठाई जानी चाहिए थी, अदालत को स्वीकार्य रहा।
उपचुनाव की समय-सारणी
गौरतलब है कि नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। नंदीग्राम की सीट राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रही है — यह वही क्षेत्र है जहाँ से पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई बड़े उलटफेर हो चुके हैं।
आगे क्या होगा
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद हसीरानी रथ की उम्मीदवारी अब निर्विवाद रूप से बरकरार है। कांग्रेस के पास उच्चतर न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का विकल्प शेष है, हालाँकि मतदान की निकटता को देखते हुए यह व्यावहारिक रूप से सीमित प्रतीत होता है। इस फैसले से 6 अक्टूबर का चुनावी समर और भी रोचक हो गया है।