25 सितंबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव: BJP उम्मीदवार के हलफनामे पर कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित, 6 अक्टूबर को मतदान

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नंदीग्राम उपचुनाव: BJP उम्मीदवार के हलफनामे पर कलकत्ता हाई कोर्ट का फैसला सुरक्षित, 6 अक्टूबर को मतदान

सारांश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने नंदीग्राम उपचुनाव में BJP उम्मीदवार हासिरानी राठ के हलफनामे में जन्म वर्ष 1966 और 1965 की माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्णता की कथित विसंगति पर दायर याचिका का फैसला सुरक्षित रखा। मतदान 6 अक्टूबर को है।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 25 सितंबर 2026 को नंदीग्राम उपचुनाव में BJP उम्मीदवार हासिरानी राठ के हलफनामे को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।
याचिका में आरोप है कि उम्मीदवार ने जन्म वर्ष 1966 दर्ज किया, लेकिन 1965 में माध्यमिक परीक्षा पास करने का दावा भी किया।
याचिका पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऋत्जु घोषाल ने न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ में दायर की थी।
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने दलील दी कि नामांकन जाँच के बाद इस मुद्दे को उठाने का कोई कानूनी आधार नहीं।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर 2026 को और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को होगी।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार हासिरानी राठ के चुनावी हलफनामे को चुनौती देने वाली याचिका पर 25 सितंबर 2026 को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह कदम उठाया। याचिका में उम्मीदवार की आयु और शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी में कथित विसंगतियों का आरोप लगाया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता ऋत्जु घोषाल ने यह याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया है कि BJP उम्मीदवार हासिरानी राठ के नामांकन हलफनामे में दर्ज उम्र और शैक्षणिक योग्यता की जानकारी परस्पर विरोधाभासी है, जिससे हलफनामे की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

कांग्रेस की मुख्य दलील

सुनवाई के दौरान ऋत्जु घोषाल ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि हलफनामे में हासिरानी राठ ने अपनी उम्र 60 वर्ष से अधिक दर्ज की है, परंतु साथ ही यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने 1965 में माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण की थी। घोषाल ने अदालत में यह तर्क दिया कि यदि हलफनामे के अनुसार उनका जन्म 1966 में हुआ, तो वह जन्म से एक वर्ष पूर्व 1965 में माध्यमिक परीक्षा पास करने का दावा कैसे कर सकती हैं। कांग्रेस ने इसे 'व्यावहारिक रूप से असंभव' करार देते हुए उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने की माँग की।

भारतीय निर्वाचन आयोग की स्थिति

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने हलफनामे की जाँच के बावजूद इस कथित विसंगति पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर ECI की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद जाँच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर हलफनामे की जानकारी की पड़ताल करता है। उनका कहना था कि यदि उस समय आपत्ति दर्ज कराई जाती, तो उस पर विचार होता — किंतु जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मुद्दे को उठाने का कानूनी आधार नहीं बचता।

BJP उम्मीदवार का पक्ष

हासिरानी राठ की ओर से अदालत में दलील दी गई कि हलफनामे में जो भी कथित गलती हुई, वह जानबूझकर नहीं थी। उनके वकील ने यह भी अनुरोध किया कि उम्मीदवार को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। ECI के वकील ने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकार का प्रश्न जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से उठाया जा सकता था, लेकिन नामांकन या जाँच के समय किसी भी पक्ष ने आपत्ति नहीं जताई।

आगे क्या होगा

सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। अदालत का फैसला यह तय करेगा कि उपचुनाव प्रक्रिया अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रक्रियागत रूप से सही हो सकता है, लेकिन यह इस सवाल का जवाब नहीं देता कि शुरुआती जाँच में यह विसंगति क्यों नजरअंदाज हुई। नंदीग्राम की सियासी संवेदनशीलता को देखते हुए — जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद से पश्चिम बंगाल की राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है — इस फैसले पर सभी दलों की नजर टिकी है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कलकत्ता हाई कोर्ट में नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ी याचिका किस बारे में है?
यह याचिका BJP उम्मीदवार हासिरानी राठ के चुनावी हलफनामे में कथित विसंगतियों को लेकर दायर की गई है। याचिका में आरोप है कि उम्मीदवार ने जन्म वर्ष 1966 दर्ज किया, लेकिन साथ ही 1965 में माध्यमिक परीक्षा पास करने का दावा भी किया — जो कांग्रेस के अनुसार 'व्यावहारिक रूप से असंभव' है।
यह याचिका किसने और किस अदालत में दायर की?
यह याचिका पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऋत्जु घोषाल ने कलकत्ता हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ के समक्ष दायर की थी।
भारतीय निर्वाचन आयोग ने इस मामले में क्या दलील दी?
ECI के वकील ने कहा कि नामांकन जाँच प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस तरह का मुद्दा नहीं उठाया जा सकता। उनका तर्क था कि यदि उस समय आपत्ति दर्ज होती तो उस पर विचार हो सकता था, और यह सवाल PIL के माध्यम से उठाने का अवसर पहले उपलब्ध था।
नंदीग्राम उपचुनाव में मतदान और मतगणना कब होगी?
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को और मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
अदालत का फैसला आने के बाद क्या होगा?
न्यायमूर्ति कृष्णा राव जब फैसला सुनाएंगे, तब यह तय होगा कि BJP उम्मीदवार हासिरानी राठ का नामांकन वैध रहेगा या रद्द किया जाएगा। फैसला यह भी तय करेगा कि उपचुनाव प्रक्रिया अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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