नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर: भाजपा के गढ़ में 6 उम्मीदवार, दूसरे स्थान की लड़ाई पर टिकी नजर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले की बहुचर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले उपचुनाव में कुल छह उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाने उतरे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पकड़ इतनी मजबूत है कि असली रोचकता दूसरे स्थान के लिए होने वाली खींचतान में है — जीत का सवाल नहीं, बल्कि विपक्ष की जमानत बचाने की चुनौती चर्चा में है।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
इस साल हुए विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह उपचुनाव अनिवार्य हो गया। गौरतलब है कि 2021 से ही नंदीग्राम, अधिकारी के प्रभाव के चलते BJP का मजबूत आधार बना हुआ है, और इस विधानसभा चुनाव में पूर्वी मेदिनीपुर की सभी 16 सीटें BJP की झोली में गई थीं।
प्रमुख उम्मीदवार और मैदान का हाल
BJP ने हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वह शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। चंद्रनाथ रथ की विधानसभा चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उम्मीदवारी से BJP को सहानुभूति का लाभ मिल सकता है।
मैदान में पाँच अन्य प्रमुख उम्मीदवार भी हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 'मूल लेकिन अल्पसंख्यक' गुट ने संचिता प्रधान डे को उतारा है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'बागी लेकिन बहुसंख्यक' गुट से एहतेशमुल हक चुनावी रण में हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) से शांति गोपाल गिरी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) से मिलन प्रधान और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) से मोहम्मद साबे मिराज अली खान भी मैदान में हैं।
TMC का आंतरिक विभाजन और कांग्रेस से समझौते की कोशिश
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस का दो गुटों में बंटकर लड़ना उल्लेखनीय है। यह विभाजन पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े करता है। इससे पहले ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ चुनावी तालमेल की कोशिश की थी — उनका प्रस्ताव था कि यदि कांग्रेस रेजीनगर सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारती, तो TMC नंदीग्राम से अपना प्रत्याशी वापस ले लेगी। हालाँकि कांग्रेस नेतृत्व ने इस पेशकश को ठुकरा दिया, जिससे दोनों सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला तय हो गया।
मतदान और मतगणना की तारीख
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होगा, जबकि वोटों की गिनती 9 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP और TMC दोनों ही दलों के लिए इन उपचुनावों की प्रतीकात्मक अहमियत बड़ी है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नंदीग्राम में BJP की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन विपक्षी खेमे में यह देखना दिलचस्प होगा कि TMC के दोनों गुटों में से कौन-सा दूसरे स्थान पर रहता है और क्या वामपंथी-कांग्रेस गठजोड़ अपनी उपस्थिति दर्ज करा पाता है। नंदीग्राम का परिणाम आगामी राज्य की राजनीतिक दिशा का संकेतक भी माना जाएगा।