31 अगस्त 2026
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नंदीग्राम को ममता ने 2021 की हार का बदला चुकाया: सुवेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप

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नंदीग्राम को ममता ने 2021 की हार का बदला चुकाया: सुवेंदु अधिकारी का बड़ा आरोप

सारांश

सुवेंदु अधिकारी का सीधा वार — ममता बनर्जी ने 2021 की हार का गुस्सा नंदीग्राम की जनता पर निकाला और पाँच साल तक विकास रोके रखा। रेलवे स्टेशन से लेकर शहीद परिवारों की नौकरी तक, अधिकारी ने TMC शासन पर एक के बाद एक आरोप लगाए — और उपचुनाव से ठीक पहले यह बयान राजनीतिक रूप से बेहद अहम है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2021 से 2026 तक नंदीग्राम को विकास कार्यों से वंचित रखा।
2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से अधिकारी ने लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराया था।
अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने नंदीग्राम रेलवे स्टेशन के लिए 3.5 एकड़ भूमि भारतीय रेलवे को सौंपी; निर्माण मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य।
वाम मोर्चा शासन के दौरान शहीद नौ लोगों के परिवारों को TMC सरकार ने नौकरी नहीं दी; BJP सरकार ने प्रत्येक परिवार से एक सदस्य को नौकरी की पेशकश की।
अधिकारी के भवानीपुर सीट रखने के फैसले से नंदीग्राम में उपचुनाव अनिवार्य हुआ।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार, 31 अगस्त को आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से पराजित होने के बाद बदले की भावना से उस क्षेत्र को पाँच वर्षों तक विकास कार्यों से वंचित रखा। अधिकारी के अनुसार, इस उपेक्षा का खामियाजा नंदीग्राम के आम नागरिकों को भुगतना पड़ा।

मुख्य आरोप: पाँच साल की विकास-उपेक्षा

अधिकारी ने कहा, 'पिछले पाँच वर्षों (2021 से 2026) में नंदीग्राम के लोगों को विकास कार्यों से दूर रखा गया। ममता बनर्जी 2021 में यहाँ से हारने के कारण नाराज थीं और इसी वजह से उन्होंने नंदीग्राम की उपेक्षा की।' यह आरोप उन्होंने ऐसे समय में लगाए हैं जब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव निकट है।

रेलवे स्टेशन विवाद

अधिकारी ने बताया कि नंदीग्राम में रेलवे स्टेशन की माँग वर्षों से लंबित थी और उसके लिए केवल छह एकड़ भूमि की आवश्यकता थी, किंतु पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने जमीन तक आवंटित नहीं की। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने 3.5 एकड़ भूमि आवंटित कर भारतीय रेलवे को सौंप दी है और शेष भूमि भी शीघ्र दी जाएगी। अधिकारी ने कहा, 'नंदीग्राम रेलवे स्टेशन का निर्माण अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा और उस स्टेशन से ट्रेन में बैठने वाला पहला व्यक्ति मैं ही बनूंगा।'

शहीद परिवारों को नौकरी न देने का आरोप

अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि वाम मोर्चा शासन के दौरान शहीद हुए नौ लोगों के परिवारों को भी पिछली TMC सरकार ने सरकारी नौकरी नहीं दी, क्योंकि ममता बनर्जी नंदीग्राम में अपनी हार से नाराज थीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भाजपा सरकार बनने के बाद उन नौ शहीद परिवारों में से प्रत्येक के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की पेशकश की गई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी ने लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराया था। बाद में ममता बनर्जी ने उसी वर्ष भवानीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा और लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुने गए, जहाँ उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को दूसरी बार हराया। भवानीपुर सीट अपने पास रखने के कारण नंदीग्राम पर उपचुनाव अनिवार्य हो गया।

आगे क्या

अधिकारी ने विश्वास जताया कि आगामी नंदीग्राम उपचुनाव में वहाँ की जनता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को भारी बहुमत से विजयी बनाएगी। यह उपचुनाव पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद पहली बड़ी चुनावी परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनकी राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट हिस्सा है — लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें नज़रअंदाज़ किया जाए। नंदीग्राम में रेलवे स्टेशन जैसी बुनियादी माँग का वर्षों तक लंबित रहना, यदि सत्यापित हो, तो यह प्रशासनिक उपेक्षा का गंभीर मामला है। असली सवाल यह है कि क्या TMC सरकार ने वास्तव में राजनीतिक दुर्भावना से विकास रोका, या यह सामान्य नौकरशाही विलंब था — इसका जवाब स्वतंत्र जाँच के बिना नहीं मिलेगा। शहीद परिवारों को नौकरी का वादा सहानुभूति जीतने का प्रयास है, पर यह भी देखना होगा कि यह वादा कागज़ से ज़मीन तक कितनी जल्दी पहुँचता है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए हैं?
अधिकारी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से हारने के बाद बदले की भावना से उस क्षेत्र को पाँच साल तक विकास कार्यों से वंचित रखा। उनके अनुसार रेलवे स्टेशन के लिए ज़मीन तक आवंटित नहीं की गई और शहीद परिवारों को नौकरी नहीं दी गई।
2021 में नंदीग्राम चुनाव का परिणाम क्या था?
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से लगभग 2,000 वोटों के अंतर से हराया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा।
नंदीग्राम रेलवे स्टेशन कब तक बनेगा?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार नंदीग्राम रेलवे स्टेशन का निर्माण अगले साल मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य है। उन्होंने 3.5 एकड़ भूमि भारतीय रेलवे को सौंप दी है और शेष भूमि भी शीघ्र दी जाएगी।
नंदीग्राम उपचुनाव की जरूरत क्यों पड़ी?
हाल के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीते। उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी, जिससे नंदीग्राम सीट रिक्त हो गई और वहाँ उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
शहीद परिवारों को नौकरी देने का मामला क्या है?
अधिकारी के अनुसार वाम मोर्चा शासन के दौरान शहीद हुए नौ लोगों के परिवारों को TMC सरकार ने सरकारी नौकरी नहीं दी। भाजपा सरकार बनने के बाद उन नौ शहीद परिवारों में से प्रत्येक के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की पेशकश की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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