नंदीग्राम सीट पर BJP की दोबारा जीत: सुवेंदु अधिकारी ने TMC के पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया

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नंदीग्राम सीट पर BJP की दोबारा जीत: सुवेंदु अधिकारी ने TMC के पवित्र कर को 9,665 वोटों से हराया

सारांश

नंदीग्राम एक बार फिर बंगाल की राजनीति का केंद्र बन गया है। BJP के सुवेंदु अधिकारी ने TMC के पवित्र कर को 9,665 वोटों के अंतर से हराया — 2021 की तुलना में यह जीत का अंतर कहीं अधिक है, जब ममता बनर्जी 2,000 से कम वोटों से हारी थीं। यह सीट बंगाल की सत्ता का बैरोमीटर मानी जाती है।

मुख्य बातें

सुवेंदु अधिकारी (BJP) ने नंदीग्राम से TMC के पवित्र कर को 9,665 मतों के अंतर से हराया।
ECI के अनुसार अधिकारी को 1,27,301 और पवित्र कर को 1,17,636 वोट मिले।
2021 में अधिकारी ने ममता बनर्जी को 2,000 से कम वोटों के अंतर से हराया था; इस बार अंतर काफी अधिक रहा।
नंदीग्राम में अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं; CPI ने 9 बार जीत दर्ज की, BJP की 2021 में पहली जीत हुई थी।
सीट में 96.65% ग्रामीण मतदाता, 23.60% मुस्लिम और 16.46% अनुसूचित जाति के मतदाता हैं।

पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक बार फिर भगवा परचम लहरा गया है। चुनाव आयोग (ECI) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार पवित्र कर को 9,665 मतों के अंतर से पराजित किया। अधिकारी को 1,27,301 वोट मिले, जबकि पवित्र कर 1,17,636 मतों पर सिमट गए।

मुख्य चुनावी आंकड़े

नंदीग्राम में इस बार का मतदान राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। ECI के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी की जीत का अंतर 2021 के मुकाबले कहीं अधिक रहा, जब उन्होंने तत्कालीन TMC उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 2,000 से भी कम वोटों के अंतर से हराया था। इस बार के व्यापक जीत के अंतर को BJP के स्थानीय जनाधार में मज़बूती का संकेत माना जा रहा है।

नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व

पूर्वी मिदनापुर जिले की यह सीट तामलुक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और इसमें नंदीग्राम-1 तथा नंदीग्राम-2 ब्लॉक शामिल हैं। 1967 में अपने वर्तमान स्वरूप में आने से पहले यह नंदीग्राम उत्तर और दक्षिण के रूप में दो अलग-अलग सीटें थीं। अब तक यहाँ 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

गौरतलब है कि नंदीग्राम सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की सियासत का केंद्र बिंदु है। यहाँ का जनादेश पूरे प्रदेश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

शुरुआती दशकों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का इस सीट पर दबदबा रहा और उसने यहाँ नौ बार जीत दर्ज की। इसके बाद कांग्रेस और TMC ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि BJP ने 2021 में पहली बार यहाँ जीत हासिल की थी।

नंदीग्राम का नाम 2007 के किसान आंदोलन से गहराई से जुड़ा है। वाम मोर्चा सरकार द्वारा प्रस्तावित केमिकल हब के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए इस आंदोलन में 14 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। यह घटना राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हुई और इसी से ममता बनर्जी व TMC का जनाधार तेज़ी से बढ़ा, जिसने 2011 में 34 साल पुरानी वाम सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया।

जनसांख्यिकीय संरचना

यह एक प्रमुख रूप से ग्रामीण सीट है, जहाँ करीब 96.65 प्रतिशत मतदाता गाँवों में निवास करते हैं। मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 23.60 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के मतदाताओं की 16.46 प्रतिशत है। 2021 में यहाँ 88.51 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था, जो राज्य में सर्वाधिक में से एक था।

आगे की राजनीतिक स्थिति

इस जीत के साथ सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम पर BJP की पकड़ को और मज़बूत कर दिया है। यह परिणाम पश्चिम बंगाल में BJP और TMC के बीच चल रही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की अगली कड़ी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि महज़ एक चुनावी उलटफेर। असली सवाल यह है कि क्या TMC ने इस सीट पर अपनी पकड़ स्थायी रूप से खो दी है, या 2007 के आंदोलन की विरासत पर टिकी उसकी राजनीतिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सकता है। नंदीग्राम का जनसांख्यिकीय ढाँचा — जिसमें 23% से अधिक मुस्लिम और 16% से अधिक SC मतदाता हैं — TMC के पारंपरिक गठबंधन के लिए अनुकूल माना जाता था, फिर भी BJP ने यहाँ बढ़त बनाई। यह परिणाम बताता है कि बंगाल में विपक्षी मतदाताओं का एकजुट होना अब TMC के लिए उतना स्वाभाविक नहीं रहा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम सीट पर 2026 के चुनाव में कौन जीता?
BJP के सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट पर TMC के पवित्र कर को 9,665 मतों के अंतर से हराया। ECI के अनुसार अधिकारी को 1,27,301 और पवित्र कर को 1,17,636 वोट मिले।
2021 में नंदीग्राम सीट का परिणाम क्या था?
2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने तत्कालीन TMC उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 2,000 से भी कम वोटों के अंतर से हराया था। यह BJP की नंदीग्राम से पहली जीत थी।
नंदीग्राम सीट राजनीतिक रूप से इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की सियासत का केंद्र बिंदु मानी जाती है क्योंकि यहाँ का जनादेश पूरे प्रदेश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करता है। 2007 के किसान आंदोलन और ममता बनर्जी की 2021 में हार ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित बनाया।
नंदीग्राम सीट का इतिहास क्या है?
नंदीग्राम में अब तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। CPI ने शुरुआती दशकों में 9 बार जीत दर्ज की, इसके बाद कांग्रेस और TMC ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। BJP ने 2021 में पहली बार यहाँ जीत हासिल की।
नंदीग्राम सीट की जनसांख्यिकीय संरचना कैसी है?
नंदीग्राम एक प्रमुख रूप से ग्रामीण सीट है जहाँ 96.65% मतदाता गाँवों में रहते हैं। मुस्लिम मतदाता लगभग 23.60% और अनुसूचित जाति के मतदाता 16.46% हैं। 2021 में यहाँ 88.51% मतदान हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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