नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया, चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद सहानुभूति की राजनीति
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। नंदीग्राम से पार्टी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जो पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। चंद्रनाथ की 6 मई 2026 की शाम उत्तर 24 परगना ज़िले के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
उम्मीदवारी की पृष्ठभूमि
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के मात्र दो दिन बाद हुई थी। इस हत्याकांड ने राज्य की राजनीति में व्यापक हलचल मचाई थी। अब भाजपा ने उनकी माँ हसीरानी रथ को नंदीग्राम से प्रत्याशी बनाकर सहानुभूति और प्रतिनिधित्व, दोनों का संदेश देने की कोशिश की है।
रेजीनगर विधानसभा सीट के लिए भाजपा ने सखराव सरकार को उम्मीदवार घोषित किया है।
नामांकन का कार्यक्रम
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, हसीरानी रथ नामांकन दाखिल करने से पहले नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के जानकीनाथ मंदिर में पूजा करेंगी। इसके बाद वे लगभग 20,000 कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ एक जुलूस निकालते हुए हल्दिया स्थित ज़िला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुँचेंगी और अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 है। दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर को होगा और मतगणना 9 अक्टूबर को।
नंदीग्राम में उपचुनाव की ज़रूरत क्यों
सुवेंदु अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। भवानीपुर में उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था। अधिकारी ने भवानीपुर सीट को अपने पास रखा, जिससे नंदीग्राम में उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
रेजीनगर: कड़ी राजनीतिक चुनौती
मुर्शिदाबाद ज़िले की रेजीनगर सीट पर तस्वीर भिन्न है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने विधानसभा चुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नौदा और रेजीनगर दोनों सीटें जीती थीं। उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी और रेजीनगर उपचुनाव के लिए अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना को देखते हुए रेजीनगर भाजपा के लिए आसान नहीं होगी। तृणमूल कांग्रेस, जो कथित तौर पर अब तीन गुटों में विभाजित है, को भी यहाँ से अधिक उम्मीद नहीं दिख रही। विश्लेषकों के अनुसार, यह उपचुनाव इस बात का संकेत दे सकता है कि पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक वोट आने वाले समय में किस दिशा में जाएंगे।
नंदीग्राम में भाजपा का दबदबा
गौरतलब है कि 2021 से ही सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति के कारण नंदीग्राम भाजपा का मज़बूत गढ़ बना हुआ है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नंदीग्राम में भाजपा की स्थिति स्पष्ट रूप से मज़बूत है और वहाँ के उपचुनाव परिणाम को लेकर कोई विशेष अनिश्चितता नहीं है। दोनों सीटों के नतीजे मिलकर राज्य में विपक्ष की ताकत और अल्पसंख्यक राजनीति का नया खाका तय कर सकते हैं।