9 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा की हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की

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नंदीग्राम उपचुनाव: भाजपा की हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की

सारांश

नंदीग्राम में 1967 के बाद की सबसे बड़ी जीत — भाजपा की हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से उपचुनाव जीता और खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का 2016 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। TMC की अनुपस्थिति और अल्पसंख्यक वोटों की बड़ी हिस्सेदारी ने यह जीत और भी ऐतिहासिक बना दी।

मुख्य बातें

भाजपा की हसीरानी रथ ने नंदीग्राम उपचुनाव में 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की।
रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले, जो डाले गए कुल वोटों का 75.94 प्रतिशत है।
यह 1967 के बाद नंदीग्राम में किसी भी उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर है।
पुराना रिकॉर्ड मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नाम था — 2016 में 81,230 वोटों का अंतर।
TMC इस उपचुनाव में उतरी नहीं; उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया, ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन दिया।
हसीरानी रथ , भाजपा नेता चंद्रनाथ रथ की माँ हैं, जिनकी 6 मई को मध्यमग्राम में हत्या हुई थी।

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के ऐतिहासिक अंतर से जीत हासिल की है। 9 अक्टूबर 2026 को घोषित परिणाम में रथ को कुल 1,64,427 वोट मिले — जो 1967 के बाद नंदीग्राम में किसी भी उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर है।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के उम्मीदवार मिलन प्रधान 41,674 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। सीपीआई के शांति गोपाल गिरी को 5,779 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) के अली मोहम्मद साबे मिराज खान 1,607 वोट पाकर चौथे स्थान पर और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस 853 वोट लेकर पाँचवें स्थान पर रही।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार नंदीग्राम उपचुनाव की दौड़ से बाहर रही। TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन की घोषणा की थी।

टूटा पुराना रिकॉर्ड

इससे पहले नंदीग्राम में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नाम था, जब उन्होंने 2016 में TMC उम्मीदवार के रूप में 81,230 वोटों के अंतर से सीट जीती थी। इस बार हसीरानी रथ ने उस पुराने मानक को पीछे छोड़ दिया। मुख्यमंत्री अधिकारी ने चुनाव परिणाम पर कहा, "उपचुनाव से पहले मैंने कहा था कि इस बार भाजपा उम्मीदवार की जीत का अंतर 2016 में मेरे अपने रिकॉर्ड को पार कर जाएगा। ठीक वैसा ही हुआ। यह तब तक संभव नहीं होता, जब तक हमारे उम्मीदवार को नंदीग्राम में अल्पसंख्यक वोटों का बड़ा हिस्सा नहीं मिलता।"

वोट प्रतिशत के लिहाज़ से भी यह जीत उल्लेखनीय रही — हसीरानी रथ को डाले गए कुल वोटों का 75.94 प्रतिशत हिस्सा मिला। इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा को 25.79 प्रतिशत की सकारात्मक वोट वृद्धि दर्ज हुई।

उपचुनाव की आवश्यकता क्यों पड़ी

सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट को अपने पास रखने का निर्णय लिया, जिससे नंदीग्राम में उपचुनाव अनिवार्य हो गया।

हसीरानी रथ कौन हैं

हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। चंद्रनाथ रथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हत्या कर दी गई थी। उनकी उम्मीदवारी इस व्यक्तिगत त्रासदी की पृष्ठभूमि में तय की गई थी, जिसने इस चुनाव को राजनीतिक और भावनात्मक — दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बनाया।

आगे का राजनीतिक परिदृश्य

यह जीत पश्चिम बंगाल में भाजपा की जड़ें मज़बूत होने का संकेत देती है, विशेष रूप से नंदीग्राम जैसी उस सीट पर जो राज्य की राजनीति में प्रतीकात्मक महत्त्व रखती है। गौरतलब है कि यही वह सीट है जहाँ से ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ किस्मत आज़माई थी और हारी थी। इस उपचुनाव के नतीजे 2026 और आगामी चुनावी राजनीति पर गहरा असर डाल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 75.94 प्रतिशत वोट शेयर और अल्पसंख्यक मतदाताओं की भागीदारी का दावा इस जीत को सामरिक रूप से महत्त्वपूर्ण बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह समर्थन संरचनात्मक है या एकल घटना प्रतिक्रिया — चंद्रनाथ रथ की हत्या ने भावनात्मक लहर पैदा की, जिसे भाजपा ने कुशलता से भुनाया। 2026 के आगामी चुनावी कार्यक्रम में इस सीट का प्रतीकात्मक मूल्य TMC के लिए चेतावनी की घंटी है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम उपचुनाव में कौन जीता और कितने वोटों के अंतर से?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से नंदीग्राम उपचुनाव जीता। उन्हें 1,64,427 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के मिलन प्रधान को 41,674 वोट मिले।
नंदीग्राम में यह जीत ऐतिहासिक क्यों मानी जा रही है?
यह 1967 के बाद से नंदीग्राम विधानसभा सीट पर किसी भी उम्मीदवार की सबसे बड़ी जीत का अंतर है। इससे पहले का रिकॉर्ड मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नाम था, जब उन्होंने 2016 में 81,230 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
नंदीग्राम में उपचुनाव की ज़रूरत क्यों पड़ी?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम — दोनों सीटें जीती थीं। उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया, जिससे नंदीग्राम में उपचुनाव अनिवार्य हो गया।
TMC इस उपचुनाव में क्यों नहीं उतरी?
TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने आखिरी समय में अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी।
हसीरानी रथ कौन हैं और उनका भाजपा से क्या संबंध है?
हसीरानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। चंद्रनाथ रथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया।
राष्ट्र प्रेस
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