बंगाल उपचुनाव 2026: नंदीग्राम और रेजीनगर में भाजपा को शुरुआती बढ़त, तृणमूल मैदान से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों — पूर्वी मिदनापुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर — पर हुए उपचुनावों की मतगणना 9 अक्टूबर 2026 को जारी है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई गिनती में शुरुआती रुझानों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार दोनों सीटों पर आगे चल रहे हैं। दोनों सीटों पर ममता बनर्जी की अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
नंदीग्राम में मुकाबले का समीकरण
नंदीग्राम सीट पर BJP उम्मीदवार हसिरानी रथ कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से आगे चल रही हैं। हसिरानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माँ हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद 6 मई को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी।
इस उपचुनाव की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस वर्ष हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर — दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने भवानीपुर सीट को बरकरार रखा, जिससे नंदीग्राम के लिए उपचुनाव अनिवार्य हो गया। भवानीपुर में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।
रेजीनगर में BJP की उल्लेखनीय बढ़त
रेजीनगर सीट पर BJP उम्मीदवार सखारव सरकार कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी से लगभग 6,000 मतों की बढ़त पर हैं। यह रुझान इसलिए विशेष रूप से ध्यान खींचता है क्योंकि रेजीनगर एक अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ 65 प्रतिशत से अधिक मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं।
यह उपचुनाव इसलिए हुआ क्योंकि TMC के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर — दोनों सीटों से AJYUCP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में उन्होंने नाओदा सीट बरकरार रखने का निर्णय लिया, जिससे रेजीनगर सीट खाली हो गई।
मतगणना की प्रक्रिया
दोनों सीटों के लिए मतदान 6 अक्टूबर को संपन्न हुआ था। 9 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। पहले आधे घंटे तक डाक मतपत्रों की गिनती की गई, इसके बाद ईवीएम वोटों की गणना आरंभ हुई। दोनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना के कुल 15 चरण निर्धारित हैं।
अंतिम रुझान दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच स्पष्ट होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इन दोनों सीटों के नतीजों को बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य का एक महत्त्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब TMC ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार न उतारने का रणनीतिक निर्णय लिया है, जिसके कारण मुकाबला मुख्यतः BJP और कांग्रेस के बीच सिमट गया है। रेजीनगर जैसी मुस्लिम-बहुल सीट पर BJP की बढ़त, यदि अंतिम नतीजों में भी कायम रही, तो इसे राज्य में विपक्षी गठबंधन की रणनीति के लिए एक महत्त्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जाएगा। आलोचकों का कहना है कि TMC का इन सीटों से दूर रहना उसकी 'रणनीतिक चुप्पी' है, न कि कमज़ोरी।