पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: शुरुआती रुझानों में भाजपा 63 सीटों पर आगे, भवानीपुर में अधिकारी ने ममता को पछाड़ा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में 4 मई 2026 को मतगणना के शुरुआती दो घंटों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा सुबह 10.30 बजे तक जारी रुझानों में भाजपा 63 विधानसभा सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) केवल 37 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। सबसे चौंकाने वाला रुझान भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से आया है, जहाँ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीछे छोड़ दिया है।
मुख्य रुझान और सीटों का विवरण
भारतीय निर्वाचन आयोग ने सुबह 10.30 बजे तक 102 विधानसभा सीटों के रुझान सार्वजनिक किए। इनमें भाजपा 63 सीटों पर और तृणमूल कांग्रेस 37 सीटों पर आगे है। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) और भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा ने एक-एक सीट पर बढ़त बनाई है। कांग्रेस और वाम दल इन शुरुआती रुझानों में शून्य पर हैं।
भवानीपुर में ममता बनर्जी पिछड़ीं
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी इस बार नंदीग्राम विधानसभा सीट के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भवानीपुर में पीछे छोड़ दिया है, जो राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। गौरतलब है कि भवानीपुर ममता बनर्जी का परंपरागत गढ़ रहा है।
भौगोलिक वितरण: उत्तर बनाम दक्षिण बंगाल
रुझानों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार मुख्य रूप से दक्षिण बंगाल के जिलों में आगे हैं। वहीं, भाजपा के उम्मीदवार उत्तर बंगाल के जिलों के साथ-साथ दक्षिण बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बढ़त बनाए हुए हैं। उल्लेखनीय यह है कि भाजपा के उम्मीदवार अल्पसंख्यक-बहुल मालदा जिले की कई सीटों पर भी आगे चल रहे हैं, जो परंपरागत रूप से विपक्षी दलों का मजबूत क्षेत्र रहा है।
चुनावी पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों में से 293 सीटों की मतगणना सोमवार को हो रही है। राज्य में दो चरणों में — 23 अप्रैल और 29 अप्रैल — मतदान संपन्न हुआ था। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि 2021 के विधानसभा चुनावों में लगभग सफाया हो जाने के बाद माकपा और कांग्रेस अपनी राजनीतिक उपस्थिति पुनः स्थापित करने के प्रयास में हैं।
आगे क्या
ये रुझान मतगणना के शुरुआती दो घंटों के हैं और अंतिम परिणाम इनसे भिन्न हो सकते हैं। पूरे दिन मतगणना जारी रहेगी और अंतिम तस्वीर शाम तक स्पष्ट होने की संभावना है। यदि ये रुझान बरकरार रहे, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत होगा।