6 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव: CM सुवेंदु अधिकारी का दावा — BJP उम्मीदवार 2016 का 80,000 वोटों का रिकॉर्ड तोड़ेगा

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नंदीग्राम उपचुनाव: CM सुवेंदु अधिकारी का दावा — BJP उम्मीदवार 2016 का 80,000 वोटों का रिकॉर्ड तोड़ेगा

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम उपचुनाव में BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ के लिए 80,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीत का दावा ठोका — ख़ुद ई-रिक्शा से मतदान केंद्र पहुँचकर। यह सीट BJP और TMC दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि नंदीग्राम उपचुनाव में BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ की जीत का अंतर 2016 के उनके अपने 80,000+ वोटों के रिकॉर्ड को पार करेगा।
अधिकारी ई-रिक्शा में बिना काफ़िले के मतदान केंद्र पहुँचे और साधारण नागरिक की तरह कतार में खड़े होकर वोट डाला।
उन्होंने उपचुनाव में असाधारण रूप से अधिक मतदान प्रतिशत का ज़िक्र किया, जिसे BJP के लिए शुभ संकेत बताया।
भवानीपुर सीट रखने की वजह बताते हुए कहा कि इससे विरोधी उम्मीदवार को वहाँ उपचुनाव लड़ने से रोका गया।
मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में विधायक हुमायूँ कबीर की गिरफ़्तारी को उचित ठहराया — कहा, विधायक बूथ-दर-बूथ मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सकते।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हसीरानी रथ की जीत का अंतर 2016 में उनकी अपनी जीत के अंतर — जो 80,000 से अधिक वोटों का था — से भी ज़्यादा होगा। मुख्यमंत्री ने यह बयान नंदीग्राम के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद दिया।

मुख्यमंत्री का बड़ा दावा

अधिकारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मैं 2016 में यहाँ से 80,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीता था। मुझे पूरा यकीन है कि इस उपचुनाव में हमारे उम्मीदवार की जीत उस अंतर को भी पार कर जाएगी।' गौरतलब है कि 2016 में अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार के रूप में नंदीग्राम से चुने गए थे — वे बाद में BJP में शामिल हो गए।

ई-रिक्शा से पहुँचे मतदान केंद्र

मुख्यमंत्री अधिकारी बिना काफ़िले और सुरक्षाकर्मियों के ई-रिक्शा में सवार होकर पोलिंग स्टेशन पहुँचे। उन्होंने इस फ़ैसले का कारण स्पष्ट करते हुए कहा, 'एक मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे सुरक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन मैं नंदीग्राम के एक मतदाता के रूप में यहाँ आया हूँ। इसलिए मैंने एक आम नागरिक की तरह आना चुना — मैं कतार में खड़ा हुआ और बिना किसी विशेष सुविधा के वोट डाला।'

मतदान शांतिपूर्ण, प्रतिशत असाधारण रूप से अधिक

अधिकारी ने बताया कि नंदीग्राम में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और मतदाताओं में उत्साह स्पष्ट दिख रहा है। उन्होंने कहा, 'अभी मतदान का प्रतिशत काफी ज़्यादा है, जो आम तौर पर किसी उपचुनाव में नहीं देखा जाता।' यह टिप्पणी BJP के लिए अनुकूल मतदाता भागीदारी का संकेत मानी जा रही है।

भवानीपुर सीट चुनने की वजह

अधिकारी ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उन्होंने नंदीग्राम के बजाय दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट क्यों अपने पास रखी। वे इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में दोनों सीटों से विजयी रहे थे। उन्होंने कहा, 'अगर मैंने भवानीपुर सीट नहीं रखी होती, तो जिस व्यक्ति को मैंने हराया था, वह वहाँ से उपचुनाव लड़ता। मैंने 2021 में नंदीग्राम में भी उसी व्यक्ति को हराया था — लेकिन नंदीग्राम के साथ मेरा भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहेगा।'

रेजीनगर में विधायक की गिरफ़्तारी पर सफ़ाई

मुख्यमंत्री ने मुर्शिदाबाद ज़िले के रेजीनगर में आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक और विधायक हुमायूँ कबीर की गिरफ़्तारी को भी उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित विधायक होने के बावजूद, वे रेजीनगर उपचुनाव के उम्मीदवार या चुनाव एजेंट नहीं थे, इसलिए उन्हें मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बूथ-दर-बूथ घूमने का अधिकार नहीं था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में उपचुनावी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। नंदीग्राम सीट के नतीजे BJP और TMC दोनों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से ज़्यादा' वाला दावा रणनीतिक आत्मविश्वास है या दबाव में दिया गया बयान — यह सवाल ज़रूरी है। नंदीग्राम, जो 2021 में ममता बनर्जी को हराने के बाद BJP की प्रतिष्ठा का प्रतीक बना, अब उपचुनाव में अधिकारी की विश्वसनीयता की भी परीक्षा है। ई-रिक्शा से मतदान केंद्र पहुँचना एक सोची-समझी छवि-निर्माण की कोशिश है — लेकिन असली कसौटी नतीजे होंगे। अगर BJP का जीत का अंतर 2016 के आँकड़े से कम रहा, तो यह बयान उनके ऊपर ही भारी पड़ सकता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम उपचुनाव 2026 में BJP की उम्मीदवार कौन हैं?
नंदीग्राम उपचुनाव 2026 में BJP की उम्मीदवार हसीरानी रथ हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि उनकी जीत का अंतर 2016 के 80,000+ वोटों के रिकॉर्ड को भी पार करेगा।
सुवेंदु अधिकारी 2016 में नंदीग्राम से कितने वोटों से जीते थे?
सुवेंदु अधिकारी 2016 में नंदीग्राम से 80,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीते थे। उस समय वे तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे, बाद में वे BJP में शामिल हो गए।
CM अधिकारी ने भवानीपुर सीट क्यों रखी, नंदीग्राम क्यों नहीं?
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर उन्होंने भवानीपुर सीट न रखी होती, तो जिस व्यक्ति को उन्होंने 2021 में नंदीग्राम में हराया था, वह भवानीपुर से उपचुनाव लड़ता। इसलिए उन्होंने भवानीपुर को चुना, हालाँकि नंदीग्राम से उनका भावनात्मक जुड़ाव बना रहेगा।
रेजीनगर में विधायक हुमायूँ कबीर को क्यों गिरफ़्तार किया गया?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, हुमायूँ कबीर रेजीनगर उपचुनाव के उम्मीदवार या चुनाव एजेंट नहीं थे, इसलिए वे बूथ-दर-बूथ घूमकर मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सकते थे। उन्होंने इस गिरफ़्तारी को चुनावी आचार संहिता के तहत उचित ठहराया।
नंदीग्राम उपचुनाव में मतदान का माहौल कैसा रहा?
CM अधिकारी के अनुसार, नंदीग्राम में मतदान शांतिपूर्ण रहा और मतदान प्रतिशत असाधारण रूप से अधिक रहा, जो आम तौर पर उपचुनावों में नहीं देखा जाता। उन्होंने इसे BJP के पक्ष में जनता के उत्साह का संकेत बताया।
राष्ट्र प्रेस
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