बिहार में उद्योग आएगा तभी बदलेगी तस्वीर: सीएम सम्राट चौधरी का 'व्यवसायिक समागम' में आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 24 मई 2025 को पटना में बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित 'व्यवसायिक समागम' कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। 'व्यवसाय, राजनीति और विकास' थीम पर आधारित इस आयोजन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार की तस्वीर और तकदीर तभी बदलेगी जब राज्य में अधिकाधिक उद्योग स्थापित होंगे और निवेश बढ़ेगा।
निवेश और उद्योग नीति पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 तैयार किया है और आवश्यकतानुसार उसमें संशोधन भी किए जाएंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि बिहार ने देश की टॉप-10 उद्योग नीतियों में स्थान पाया है, फिर भी अपेक्षित स्तर पर उद्योग स्थापित नहीं हो सके हैं। उन्होंने कहा, 'उद्योग स्थापित करने के लिए सबसे ज़रूरी दो चीज़ें हैं — भरोसा और सुरक्षा — और इन दोनों मापदंडों पर सरकार काम कर रही है।'
चौधरी ने BCCI के प्रतिनिधिमंडल को उद्योग मंत्री से मिलने का आग्रह किया ताकि नीति में आवश्यक सुधार धरातल पर उतर सकें। पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र सहित पुराने शहरों में उपलब्ध भूमि का उपयोग सर्विस, आईटी और होटल क्षेत्र में करने की संभावना भी उन्होंने रेखांकित की।
बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेश की घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि जेपी गंगा पथ (21 किलोमीटर से अधिक) के निर्माण में 12 वर्ष लगे और यह 2025 में पूरा हुआ। अगले तीन वर्षों में गंगा और सोन नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनाया जाएगा। उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ने के लिए पाँच नए सेतुओं का निर्माण प्रगति पर है।
राघोपुर ब्रिज का उद्घाटन अगले महीने प्रधानमंत्री अथवा गृह मंत्री के हाथों कराने की तैयारी है। इस पुल के चालू होने से समस्तीपुर, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे उत्तर बिहार के जिले सीधे पटना से जुड़ जाएंगे। जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु के समानांतर नए पुल का निर्माण भी जारी है, जिसे गंगा-अंबिका पथ नाम दिया जाएगा।
अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, आरा और पटना में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोन नदी पर बराज बनाया जाएगा, जिससे दक्षिण बिहार में सूखे की स्थिति से निपटने में मदद मिलेगी।
टाउनशिप, एमएसएमई और ₹6 लाख करोड़ का निवेश लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2024 से 14,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। नई टाउनशिप नीति के तहत साढ़े छह लाख एकड़ भूमि पर ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी, जिसमें ₹6 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान है। प्रभावित ग्रामीण भूमि-स्वामियों को चार गुना और शहरी भूमि-स्वामियों को दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत ₹3,47,000 करोड़ के बजट का उल्लेख करते हुए चौधरी ने एमएसएमई क्षेत्र को प्राथमिकता देने की बात कही। बंद पड़ी चीनी मिलों को सहकारी क्षेत्र से जोड़कर पुनः संचालित करने की योजना भी सामने रखी गई।
सुशासन, सुरक्षा और सहयोग पोर्टल
व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि BCCI से जुड़े उद्यमियों के साथ प्रत्येक तीन महीने पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि अपराध पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाती है और किसी भी जाति-धर्म के आधार पर कोई छूट नहीं मिलती।
शिकायत निवारण के लिए सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 शुरू किया गया है। यदि 30 दिन के भीतर आवेदन का निष्पादन नहीं होता, तो संबंधित पदाधिकारी मुख्यमंत्री के आदेश से स्वतः निलंबित हो जाएंगे — देश में इस प्रकार की व्यवस्था दुर्लभ बताई जा रही है।
शिक्षा, खेल और बिहार की ऐतिहासिक विरासत
मुख्यमंत्री ने बिहार के सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना साझा की। पटना में 10, जिला मुख्यालयों में 5 और छोटे जिला मुख्यालयों में 2-3 मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनः स्थापित करने और एक ऐसा विश्वविद्यालय बनाने की इच्छा जताई जहाँ सभी विषयों की पढ़ाई हो सके — ताकि विदेशों से भी छात्र बिहार आएं।
खेल के क्षेत्र में उन्होंने BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) से बिहार के लिए आईपीएल टीम देने का आग्रह करने की बात कही। मोइनुल हक स्टेडियम के उन्नयन का काम भी जारी है। बिहार में 3 करोड़ से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने तकनीक को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में BCCI अध्यक्ष पीके अग्रवाल, महासचिव मुकेश कुमार जैन, उपाध्यक्ष एनके ठाकुर व विशाल टेकरीवाल, कोषाध्यक्ष राजेश जैन, पूर्व अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी और मुख्यमंत्री के सचिव सह वित्त सचिव संजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने BCCI द्वारा संचालित निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर वहाँ की महिला प्रशिक्षुओं से संवाद भी किया। बिहार चैंबर के अगले 500 वर्षों की शुभकामनाएँ देते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था राज्य और देश की प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाती रहे।