सिक्किम: ग्यालशिंग में भूस्खलन-बाढ़ से 161 लोग निकाले गए, रिम्बी-सिंगलिटम में हाई अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और नए भूस्खलनों के चलते खतरे वाले इलाकों से कम से कम 161 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। 16 सितंबर 2026 को जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रिम्बी और सिंगलिटम क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है।
रिम्बी में स्थिति
रिम्बी में भूस्खलन और बाढ़ से बस्तियों को बढ़ते खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर 28 परिवारों के 128 लोगों को रिम्बी ग्राम पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया। मंदिर पॉइंट के आसपास नए भूस्खलन की सूचना है और निक खोलसा धारा के किनारे मलबा जमा हो गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, मलबे के जमाव से पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हुआ है, जिससे अचानक पानी और मलबे के तेज बहाव की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के दौरान मलबे वाला पानी रिम्बी गाँव की ओर बह रहा है, जिससे धारा के रास्ते में बने घरों को सीधा खतरा है।
अधिकारियों के मुताबिक, पानी और मलबे के तेज बहाव से रिम्बी का आरसीसी पुल बह गया है, जबकि मुख्य रिम्बी नदी ने अपना रास्ता बदल लिया है और सड़क किनारे की जमीन का कटाव शुरू हो गया है। गौरतलब है कि यह मुख्य सड़क 15 मई को पूरी तरह बह जाने के बाद से पहले से ही क्षतिग्रस्त थी।
संपर्क बहाली के प्रयास
अधिकारी ऊँचाई वाली जगह पर बेली ब्रिज बनाकर प्रभावित क्षेत्र से संपर्क बहाल करने के प्रयास में जुटे हैं। यह कदम मुख्य सड़क के बह जाने के बाद से बाधित आवाजाही को पुनः शुरू करने के लिए उठाया जा रहा है।
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के नीचे स्थित रिम्बी इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (आईसीडीएस) केंद्र में भी बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन ने संबंधित विभाग को इस केंद्र को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की संभावना का आकलन करने का निर्देश दिया है।
सिंगलिटम में राहत शिविर
पास के सिंगलिटम में 33 से अधिक लोगों वाले सात परिवारों को जोखिम वाले क्षेत्र में होने के कारण एक राहत शिविर में भेजा गया है। इस शिविर में विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को रखा गया है और उन्हें भोजन सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रशासन और एसएसडीएमए की सलाह
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने सिंगलिटम, रिम्बी और अन्य जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से लगातार हो रही बारिश के बीच सतर्क रहने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने लोगों को भारी बारिश के दौरान भूस्खलन-संभावित स्थानों और नालों के रास्तों से दूर रहने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाता रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब सिक्किम समेत पूर्वोत्तर भारत में मानसून की बारिश असामान्य रूप से तीव्र बनी हुई है।