सिक्किम: ग्यालशिंग में भूस्खलन से 128 लोगों को सुरक्षित निकाला, रिम्बी-सिंगलिटम में अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में 12 सितंबर 2026 से जारी मूसलाधार बारिश ने सिंगलिटम और रिम्बी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं को गंभीर रूप दे दिया है। एहतियाती कदम उठाते हुए प्रशासन ने 14 सितंबर को भारी बारिश और बाढ़ के बाद रिम्बी में जोखिम वाले क्षेत्रों से 28 घरों के 128 निवासियों को रिम्बी ग्राम पंचायत केंद्र में सुरक्षित स्थानांतरित किया।
मुख्य घटनाक्रम
सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार भूस्खलन की घटनाएँ 12 सितंबर से आरंभ हुईं और अब तक रिहायशी क्षेत्रों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा चुकी हैं। सिंगलिटम में सीधे प्रभावित सात परिवारों को सिंगलिटम वार्ड राहत केंद्र में भेजा गया है, जहाँ अभी 33 से अधिक लोग रह रहे हैं — इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
इससे पहले रिम्बी के चार घरों के 18 लोगों को जोखिम वाले स्थानों से हटाकर रिश्तेदारों के यहाँ भेजा गया था। 14 सितंबर को स्थिति और बिगड़ने पर बचाव अभियान का दायरा बढ़ाते हुए 128 लोगों को पंचायत केंद्र में स्थानांतरित किया गया।
भूस्खलन के प्रमुख खतरे
अधिकारियों ने मंदिर पॉइंट के आसपास के क्षेत्र को भूस्खलन का मुख्य केंद्र चिह्नित किया है। निचले क्षेत्र में स्थित रिम्बी वार्ड अभी भी ढलान धंसने के सक्रिय खतरे में है। निक खोलसा धारा के किनारे मलबा जमा होने से पानी ढीली मिट्टी और पत्थरों को रिम्बी गाँव की ओर बहा रहा है।
पानी के तेज बहाव ने एक आरसीसी पुल को बहा दिया है, जिससे प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित हो गया है और भारी बारिश के दौरान अचानक मलबे व पानी के बहाव का खतरा बना हुआ है। रिम्बी नदी ने भी अपना मार्ग बदल लिया है, जिससे सड़क के किनारे के हिस्से को नुकसान पहुँच रहा है।
बुनियादी ढाँचे पर असर और बहाली के प्रयास
14 मई की रात मुख्य सड़क के बह जाने के बाद राज्य सरकार ऊँचाई वाले स्थान पर बेली ब्रिज के निर्माण में जुटी है। साथ ही मलबा हटाने और सड़क मरम्मत का कार्य भी जारी है। 15 सितंबर से सिंगलिटम में स्थानीय आवाजाही के लिए बाँस का अस्थायी पुल बनाने की योजना है।
14 सितंबर को रिम्बी आईसीडीएस सेंटर में पानी भर गया, जो भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के निकट है। अधिकारियों ने संबंधित विभाग को इस केंद्र को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने पर विचार करने की सलाह दी है। रिम्बी राहत शिविर और गाँव के जल टंकी तक कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए पानी के पाइप पहुँचाए जा रहे हैं।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं और राहत, बहाली तथा सुरक्षा कार्य एक साथ चलाए जा रहे हैं। सिंगलिटम में बारिश के दौरान निगरानी सुगम बनाने के लिए प्रभावित स्थल पर विशेष लाइटें लगाई गई हैं।
प्रशासन ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों को भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।
नागरिकों के लिए चेतावनी
अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, नदियों और नालों के निकट न जाएँ। यदि जमीन में नई दरारें दिखें, भूमि खिसके, असामान्य आवाजें आएँ या जलधारा के प्रवाह में अचानक बदलाव दिखे तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून अपने चरम पर है और सिक्किम में पहले भी भीषण बाढ़-भूस्खलन की घटनाएँ भारी तबाही मचा चुकी हैं — अक्टूबर 2023 की ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण है। स्थिति अभी भी नियंत्रण में रखी जा रही है और आगे की बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर प्रशासन हाई अलर्ट पर है।