सपा सांसद अवधेश प्रसाद का BJP पर हमला: 'महंगाई से जनता बेहाल, रोजमर्रा का सामान मिलना हुआ मुश्किल'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 15 सितंबर 2026 को अयोध्या में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के कारण देश की जनता रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हो रही है। उनके अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था की हालत बेहद खराब हो चुकी है और सरकार महंगाई को काबू में करने में पूरी तरह नाकाम रही है।
महंगाई पर सपा का हमला
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि महंगाई लगातार ऊपर की ओर जा रही है, जिसका सीधा असर आम परिवारों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, आम आदमी के लिए खाने-पीने की बुनियादी चीजें खरीदना भी चुनौती बन गई है और परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना कठिन होता जा रहा है।
प्रसाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पास महंगाई पर नियंत्रण का कोई प्रभावी उपाय नहीं है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों का सीधा बोझ उन लोगों पर पड़ रहा है जो पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे हैं।
लोहिया ट्रस्ट विवाद पर पार्टी की एकजुटता
पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने को लेकर पूछे गए सवाल पर अवधेश प्रसाद ने इसे पार्टी अध्यक्ष का सर्वोच्च निर्णय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष का फैसला सर्वोपरि है और इस मामले में कोई मतभेद नहीं है। इस बयान को पार्टी नेतृत्व के समर्थन में देखा जा रहा है।
मदरसों पर कार्रवाई को लेकर सपा का विरोध
उत्तर प्रदेश में मदरसों को गिराए जाने के मुद्दे पर सपा सांसद सनातन पांडे ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी शिक्षण संस्थान या राजनीतिक दल को बंद करने का अधिकार नहीं है। पांडे ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयाँ देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश है।
सनातन पांडे ने कहा कि भारत एक संविधान-संचालित देश है और इसे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार ही चलाया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि BJP संविधान की अनदेखी कर रही है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक परिणाम सामने आएंगे।
जनता की जागरूकता पर सपा का दावा
सनातन पांडे ने कहा कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है। गौरतलब है कि सपा लगातार केंद्र और राज्य सरकार दोनों को महंगाई तथा अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दों पर घेरती रही है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार इन आरोपों का जवाब किस प्रकार देती है और महंगाई नियंत्रण को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है।