11 जुलाई 2026
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सपा सांसद अवधेश प्रसाद का योगी सरकार पर हमला: खाद संकट, दलित अत्याचार और पेपर लीक पर उठाए सवाल

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सपा सांसद अवधेश प्रसाद का योगी सरकार पर हमला: खाद संकट, दलित अत्याचार और पेपर लीक पर उठाए सवाल

सारांश

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने योगी सरकार को एक साथ कई मोर्चों पर घेरा — खाद की किल्लत से परेशान किसान, मेरठ दलित हत्याकांड, जिला पंचायत चुनावों में देरी और पेपर लीक। उनका सीधा आरोप: सरकार असली मुद्दों से भागकर सांप्रदायिक विषयों की आड़ लेती है।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 11 जुलाई 2026 को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मुद्दों पर हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में धान की फसल के लिए किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही।
मेरठ दलित छात्रा हत्याकांड पर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में राजनीति न करने की हिदायत दी है।
जिला पंचायत चुनाव न कराने पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' महज दिवास्वप्न है।
अयोध्या समिति की रिपोर्ट लीक और लगातार पेपर लीक की घटनाओं पर सरकार को जवाबदेह ठहराया।
सरकार पर आरोप कि युवा रोजगार, महिला सुरक्षा और दलित अत्याचार रोकने की कोई ठोस योजना नहीं है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 11 जुलाई 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खाद की किल्लत, दलित-महिला सुरक्षा, जिला पंचायत चुनावों में देरी, पेपर लीक और रोजगार की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि योगी सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने में लगी है।

जिला पंचायत चुनाव और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' पर सवाल

अवधेश प्रसाद ने जिला पंचायत अध्यक्षों को उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाने के फैसले को लोकतंत्र के लिए उचित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि जिन जिला पंचायत अध्यक्षों का पाँच वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उन्हीं को प्रशासक बनाया जा रहा है, जबकि समय पर चुनाव कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "अगर सरकार जिला पंचायतों के चुनाव नहीं करा सकती, तो वन नेशन, वन इलेक्शन की बात सिर्फ कल्पना और दिवास्वप्न है।" उनका तर्क था कि केंद्र सरकार एकसाथ चुनाव कराने की बात करती है, जबकि राज्य स्तर पर समय पर स्थानीय निकाय चुनाव भी नहीं हो पा रहे।

मेरठ दलित छात्रा हत्याकांड और कानून-व्यवस्था

मेरठ में दलित छात्रा की हत्या के मामले पर अवधेश प्रसाद ने इसे 'बेहद दुखद और चिंताजनक' बताया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस मामले में राजनीति न करने की हिदायत दी है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं, हालाँकि वे व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासन में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़े हैं। उनके शब्दों में, "योगी आदित्यनाथ सरकार में महिलाओं पर अत्याचार बढ़े हैं, दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं और अपराध की सारी सीमाएं पार हो गई हैं। इसका कारण यह है कि सरकार का प्रभाव खत्म हो गया है।"

किसानों के सामने खाद का संकट

सपा सांसद ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में किसानों के सामने खाद की भारी कमी है। धान की फसल के लिए खाद की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, लेकिन किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो रही। उनके अनुसार, खाद की किल्लत से किसानों में व्यापक नाराजगी है और यह सरकार की कृषि नीति की विफलता का प्रमाण है।

पेपर लीक और रोजगार का अभाव

अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक की घटनाएँ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक समिति से जुड़ी रिपोर्ट भी लीक हो गई। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय अपनी राजनीतिक छवि बचाने में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास युवाओं को रोजगार देने, किसानों की समस्याएँ दूर करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलितों पर हो रहे अत्याचार रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उनका आरोप था कि जब सरकार इन मुद्दों पर काम नहीं कर पाती, तब वह अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने के लिए सांप्रदायिक विषयों को बार-बार उठाती है।

संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की दुहाई

अवधेश प्रसाद ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सरकार से जवाब माँगना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि समस्याओं से मुँह मोड़ना कोई समाधान नहीं है और विपक्ष अपनी संवैधानिक भूमिका निभाता रहेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ दूर से ही दिखने लगी हैं और विपक्षी दल जमीनी मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जिला पंचायत चुनावों में देरी का सवाल संवैधानिक है। असली परीक्षा यह है कि सपा इन मुद्दों को सड़क पर आंदोलन में बदल पाती है या ये बयान महज मीडिया साइकिल तक सीमित रहते हैं। उत्तर प्रदेश में विपक्ष की विश्वसनीयता तब बनती है जब वह चुनिंदा मुद्दों पर गहराई से जाए, न कि एक साथ सब पर।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने योगी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अवधेश प्रसाद ने 11 जुलाई 2026 को लखनऊ में योगी आदित्यनाथ सरकार पर खाद संकट, दलित-महिला अत्याचार, जिला पंचायत चुनावों में देरी, पेपर लीक और रोजगार की कमी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार इन असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सांप्रदायिक विषयों को बार-बार उठाती है।
उत्तर प्रदेश में खाद संकट क्या है और किसानों पर क्या असर पड़ रहा है?
अवधेश प्रसाद के अनुसार, इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में धान की फसल के लिए किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि इस किल्लत से किसानों में भारी नाराजगी है, हालाँकि सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मेरठ दलित छात्रा हत्याकांड पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस घटना को 'बेहद दुखद और चिंताजनक' बताया और कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में राजनीति न करने की हिदायत दी है। उन्होंने इसे योगी सरकार में दलितों पर बढ़ते अत्याचार का उदाहरण बताया।
जिला पंचायत चुनाव न होने पर अवधेश प्रसाद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जिन जिला पंचायत अध्यक्षों का पाँच वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उन्हीं को प्रशासक बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जब सरकार समय पर स्थानीय निकाय चुनाव नहीं करा सकती, तो 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की बात केवल दिवास्वप्न है।
उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के मुद्दे पर सपा का क्या कहना है?
अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और अयोध्या में एक समिति से जुड़ी रिपोर्ट भी लीक हो गई। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री इन मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय अपनी राजनीतिक छवि बचाने में व्यस्त हैं।
राष्ट्र प्रेस
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