यूपी बिजली संकट पर सपा का हमला: ऊर्जा मंत्री को विभाग की खबर नहीं, योगी सरकार पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 11 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में लोग गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं और कई स्थानों पर दो से तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वर्मा के अनुसार, सरकार इस संकट पर मूकदर्शक बनी हुई है।
ऊर्जा मंत्री पर समन्वय की कमी का आरोप
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राज्य के ऊर्जा मंत्री को अपने ही विभाग की स्थिति और नीतिगत निर्णयों की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे अहम फैसलों से भी मंत्री अनजान थे, जो सरकार के भीतर गहरी प्रशासनिक अव्यवस्था को दर्शाता है। वर्मा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर से दक्षिण तक अनेक तापीय ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की गई थीं, जिनका लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है।
असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
वर्मा ने कहा कि जब बेरोज़गारी, महँगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी सवाल उठते हैं, तो सरकार जनता का ध्यान विवादास्पद विषयों की ओर मोड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र के कथित घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने के लिए धार्मिक व सांप्रदायिक बहसों को हवा दी जाती है। वर्मा के अनुसार, जनता अब इन राजनीतिक रणनीतियों को समझने लगी है और मूलभूत मुद्दों पर जवाब माँग रही है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा ने इसे गैर-ज़िम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला स्वयं भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर आसीन रह चुके हैं। ऐसे में विभाजनकारी बयानबाज़ी उचित नहीं है और संवैधानिक ढाँचे का सम्मान होना चाहिए।
कांग्रेस-सपा गठबंधन और 2027 का लक्ष्य
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के 'बरगद के पेड़' वाले बयान पर वर्मा ने कहा कि हर दल को अपनी पार्टी के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण रखने का अधिकार है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दशकों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध सबसे मज़बूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में समाजवादी पार्टी ही खड़ी रही है। वर्मा ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर BJP को कड़ी चुनौती दी थी और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन मज़बूती से उतरेगा। उनके अनुसार, जनता मौजूदा शासन से असंतुष्ट है और राजनीतिक बदलाव की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।