27 जुलाई 2026
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यूपी बिजली संकट पर सपा का हमला: ऊर्जा मंत्री को विभाग की खबर नहीं, योगी सरकार पर सवाल

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यूपी बिजली संकट पर सपा का हमला: ऊर्जा मंत्री को विभाग की खबर नहीं, योगी सरकार पर सवाल

सारांश

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने योगी सरकार पर दोहरा हमला बोला — यूपी में 2-3 दिन तक बिजली गुल और ऊर्जा मंत्री को विभागीय फैसलों की खबर तक नहीं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने बिजली संकट को प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बताया।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 11 जून 2026 को लखनऊ में यूपी के बिजली संकट पर योगी सरकार को घेरा।
कई इलाकों में 2 से 3 दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आई हैं।
सपा का आरोप — ऊर्जा मंत्री को बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे अपने ही विभाग के फैसलों की जानकारी नहीं थी।
वर्मा ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक कई तापीय ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की गई थीं।
सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर BJP को चुनौती देने का संकल्प दोहराया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 11 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई इलाकों में लोग गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं और कई स्थानों पर दो से तीन दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वर्मा के अनुसार, सरकार इस संकट पर मूकदर्शक बनी हुई है।

ऊर्जा मंत्री पर समन्वय की कमी का आरोप

सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राज्य के ऊर्जा मंत्री को अपने ही विभाग की स्थिति और नीतिगत निर्णयों की जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे अहम फैसलों से भी मंत्री अनजान थे, जो सरकार के भीतर गहरी प्रशासनिक अव्यवस्था को दर्शाता है। वर्मा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर से दक्षिण तक अनेक तापीय ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की गई थीं, जिनका लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है।

असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

वर्मा ने कहा कि जब बेरोज़गारी, महँगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी सवाल उठते हैं, तो सरकार जनता का ध्यान विवादास्पद विषयों की ओर मोड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र के कथित घोटालों और प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने के लिए धार्मिक व सांप्रदायिक बहसों को हवा दी जाती है। वर्मा के अनुसार, जनता अब इन राजनीतिक रणनीतियों को समझने लगी है और मूलभूत मुद्दों पर जवाब माँग रही है।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वर्मा ने इसे गैर-ज़िम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला स्वयं भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहे हैं और कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर आसीन रह चुके हैं। ऐसे में विभाजनकारी बयानबाज़ी उचित नहीं है और संवैधानिक ढाँचे का सम्मान होना चाहिए।

कांग्रेस-सपा गठबंधन और 2027 का लक्ष्य

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के 'बरगद के पेड़' वाले बयान पर वर्मा ने कहा कि हर दल को अपनी पार्टी के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण रखने का अधिकार है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दशकों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध सबसे मज़बूत क्षेत्रीय ताकत के रूप में समाजवादी पार्टी ही खड़ी रही है। वर्मा ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर BJP को कड़ी चुनौती दी थी और 2027 के विधानसभा चुनाव में भी यह गठबंधन मज़बूती से उतरेगा। उनके अनुसार, जनता मौजूदा शासन से असंतुष्ट है और राजनीतिक बदलाव की संभावनाएँ बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कितने घंटे कटौती — नदारद हैं, जो आरोपों को सत्यापित करना मुश्किल बनाता है। दूसरी ओर, यदि ऊर्जा मंत्री वाकई अपने विभाग के दर-संशोधन से अनजान थे, तो यह महज़ राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही का गंभीर सवाल है। 2027 से पहले विपक्ष के लिए बिजली, बेरोज़गारी और महँगाई का त्रिकोण ही असली चुनावी ज़मीन तैयार करेगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर सपा ने क्या आरोप लगाए हैं?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया है कि यूपी के कई इलाकों में 2 से 3 दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रह रही है और योगी सरकार इस संकट पर निष्क्रिय है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा मंत्री को बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे अपने ही विभाग के फैसलों की जानकारी नहीं थी।
सपा ने यूपी के ऊर्जा मंत्री पर क्या आरोप लगाए?
सपा के अनुसार, ऊर्जा मंत्री को बिजली दरों में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण विभागीय निर्णयों की जानकारी नहीं थी, जो सरकार के भीतर समन्वय की कमी को उजागर करता है। यह आरोप प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 के चुनाव में क्या भूमिका निभाएगा?
सपा प्रवक्ता वर्मा ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव की तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में भी सपा और कांग्रेस मिलकर BJP को चुनौती देंगे। उनके अनुसार शीर्ष नेतृत्व स्तर पर दोनों दलों के बीच सहयोग जारी रहेगा।
सपा ने यूपी बिजली संकट के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया?
सपा ने सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है। वर्मा ने दावा किया कि सपा शासनकाल में पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक स्थापित तापीय ऊर्जा परियोजनाओं का लाभ अभी भी प्रदेश को मिल रहा है, जबकि मौजूदा सरकार बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करने में विफल है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर सपा का क्या रुख है?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान को गैर-ज़िम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला खुद भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं, इसलिए विभाजनकारी बयानबाज़ी से बचना चाहिए और संवैधानिक ढाँचे का सम्मान होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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