अखिलेश यादव की बेटी पर विवादित टिप्पणी: सपा का कड़ा पलटवार, आशुतोष वर्मा की खुली चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों पर 12 जून को सपा ने कड़ा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इन टिप्पणियों को 'बेहद निंदनीय' करार देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस पर विराम नहीं लगा तो पार्टी मुँहतोड़ जवाब देने से नहीं चूकेगी।
सपा प्रवक्ता का बयान
आशुतोष वर्मा ने कहा, 'राजनीति सम्मानजनक तरीके से की जानी चाहिए। अगर आप निचले स्तर पर जाकर राजनीति करेंगे तो समाजवादी भी वार करेंगे और आप खुद को बचा भी नहीं पाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने कभी किसी के परिवार पर उंगली नहीं उठाई और न ही पार्टी को ऐसी राजनीति सिखाई गई है।
वर्मा ने आगे कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराने में सक्षम है, लेकिन 'गंदी राजनीति' में शामिल होना उनका उद्देश्य नहीं। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी — 'अगर अब ऐसा हुआ तो जवाब के लिए तैयार रहना, फिर मत कहना कि हमारे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।'
मंत्री ओपी राजभर की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने इस विवाद पर कहा कि यदि मामले की गंभीरता से जाँच हो तो इसमें सपा के कार्यकर्ता ही निकलेंगे और जल्द ही इसे उजागर कर दिया जाएगा। राजभर ने अभद्र टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, परंतु किसी की बहन-बेटी के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सपा
इसी प्रेस वार्ता में आशुतोष वर्मा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मसले पर कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा जैसी पार्टियों से लड़ रहे हैं तो नामांकन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरने की जिम्मेदारी स्वयं कांग्रेस की है। उनके अनुसार, यह जानते हुए कि चुनाव आयोग का रुख प्रतिकूल हो सकता है, पार्टी को और अधिक सतर्क रहना चाहिए था।
नीति आयोग और आर्थिक नीतियों पर निशाना
वर्मा ने नीति आयोग की बैठक को भी घेरते हुए कहा कि इस बैठक में 'न नीति है, न नीयत।' उन्होंने आरोप लगाया कि नीति आयोग की नीतियों के कारण रुपये की कीमत लगातार गिर रही है, पड़ोसी देशों के साथ संबंध ठीक नहीं हैं और महंगाई नियंत्रण से बाहर है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर लगातार हमलावर है।
आगे क्या
सपा के इस कड़े बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाली राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में और तीखा रूप ले सकता है।