30 जुलाई 2026
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अखिलेश यादव की बेटी पर विवादित टिप्पणी: सपा का कड़ा पलटवार, आशुतोष वर्मा की खुली चेतावनी

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अखिलेश यादव की बेटी पर विवादित टिप्पणी: सपा का कड़ा पलटवार, आशुतोष वर्मा की खुली चेतावनी

सारांश

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी पर सोशल मीडिया पर हो रही अभद्र टिप्पणियों पर पार्टी ने खुलकर पलटवार किया है। प्रवक्ता आशुतोष वर्मा की चेतावनी साफ है — 'गंदी राजनीति' बंद नहीं हुई तो सपा भी जवाब देगी। यूपी की राजनीति में यह टकराव नए मोर्चे खोल सकता है।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 12 जून को अखिलेश यादव की बेटी पर सोशल मीडिया टिप्पणियों को 'बेहद निंदनीय' करार दिया।
वर्मा ने चेतावनी दी — 'अगर अब ऐसा हुआ तो जवाब के लिए तैयार रहना।' मंत्री ओपी राजभर ने अभद्र टिप्पणी की निंदा की, लेकिन कहा कि जाँच में सपा कार्यकर्ता ही निकलेंगे।
सपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया।
वर्मा ने नीति आयोग की बैठक को 'न नीति, न नीयत' कहते हुए केंद्र की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियों पर 12 जून को सपा ने कड़ा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इन टिप्पणियों को 'बेहद निंदनीय' करार देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस पर विराम नहीं लगा तो पार्टी मुँहतोड़ जवाब देने से नहीं चूकेगी।

सपा प्रवक्ता का बयान

आशुतोष वर्मा ने कहा, 'राजनीति सम्मानजनक तरीके से की जानी चाहिए। अगर आप निचले स्तर पर जाकर राजनीति करेंगे तो समाजवादी भी वार करेंगे और आप खुद को बचा भी नहीं पाएंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने कभी किसी के परिवार पर उंगली नहीं उठाई और न ही पार्टी को ऐसी राजनीति सिखाई गई है।

वर्मा ने आगे कहा कि पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध दर्ज कराने में सक्षम है, लेकिन 'गंदी राजनीति' में शामिल होना उनका उद्देश्य नहीं। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी — 'अगर अब ऐसा हुआ तो जवाब के लिए तैयार रहना, फिर मत कहना कि हमारे ऊपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।'

मंत्री ओपी राजभर की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने इस विवाद पर कहा कि यदि मामले की गंभीरता से जाँच हो तो इसमें सपा के कार्यकर्ता ही निकलेंगे और जल्द ही इसे उजागर कर दिया जाएगा। राजभर ने अभद्र टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, परंतु किसी की बहन-बेटी के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सपा

इसी प्रेस वार्ता में आशुतोष वर्मा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मसले पर कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा जैसी पार्टियों से लड़ रहे हैं तो नामांकन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरने की जिम्मेदारी स्वयं कांग्रेस की है। उनके अनुसार, यह जानते हुए कि चुनाव आयोग का रुख प्रतिकूल हो सकता है, पार्टी को और अधिक सतर्क रहना चाहिए था।

नीति आयोग और आर्थिक नीतियों पर निशाना

वर्मा ने नीति आयोग की बैठक को भी घेरते हुए कहा कि इस बैठक में 'न नीति है, न नीयत।' उन्होंने आरोप लगाया कि नीति आयोग की नीतियों के कारण रुपये की कीमत लगातार गिर रही है, पड़ोसी देशों के साथ संबंध ठीक नहीं हैं और महंगाई नियंत्रण से बाहर है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर लगातार हमलावर है।

आगे क्या

सपा के इस कड़े बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि परिवार के सदस्यों को निशाना बनाने वाली राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में और तीखा रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन साथ ही एक-दूसरे पर आरोप भी मढ़े — यह दोहरापन खुद राजनीतिक संस्कृति की दुर्दशा का प्रतीक है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि ऐसे बयानों में 'चेतावनी' और 'जवाब देने' की भाषा स्वयं राजनीतिक विमर्श को और नीचे खींचती है। असली सवाल यह है कि क्या कोई दल इस चक्र को तोड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएगा, या यह केवल चुनावी मौसम में और गहरा होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव की बेटी को लेकर क्या विवाद हुआ?
सोशल मीडिया पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जा रही थीं, जिस पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 12 जून को कड़ा विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी।
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने क्या चेतावनी दी?
वर्मा ने कहा कि अगर इस तरह की टिप्पणियाँ बंद नहीं हुईं तो सपा भी जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा — 'सड़क से सदन तक विरोध हो सकता है, लेकिन गंदी राजनीति में हम शामिल नहीं होना चाहते।'
मंत्री ओपी राजभर ने इस मामले पर क्या कहा?
यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने अभद्र टिप्पणी की निंदा की और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गंभीर जाँच होने पर इसमें सपा के कार्यकर्ता ही निकलेंगे।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर सपा ने क्या कहा?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि नामांकन पत्र में आवश्यक जानकारी न भरना कांग्रेस की अपनी गलती है और उसे पहले से अधिक सतर्क रहना चाहिए था।
सपा ने नीति आयोग की बैठक पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रवक्ता वर्मा ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में 'न नीति है, न नीयत।' उन्होंने आरोप लगाया कि इनकी नीतियों से रुपये की कीमत गिर रही है, महंगाई बेकाबू है और पड़ोसी देशों से संबंध खराब हैं।
राष्ट्र प्रेस
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