30 जुलाई 2026
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अखिलेश की बेटी पर अभद्र पोस्ट: UP पुलिस ने FIR दर्ज की, दिनेश शर्मा बोले — बहू-बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर

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अखिलेश की बेटी पर अभद्र पोस्ट: UP पुलिस ने FIR दर्ज की, दिनेश शर्मा बोले — बहू-बेटियों का सम्मान राजनीति से ऊपर

सारांश

अखिलेश यादव की बेटी के विरुद्ध अभद्र सोशल मीडिया पोस्ट पर CM योगी के निर्देश पर FIR दर्ज हुई। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा और रामपुर के कारी मौलाना जमील हयात ने एकसुर में निंदा की — यह मामला दलगत राजनीति से परे महिला गरिमा का सवाल बन गया है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर अभद्र और भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की।
भाजपा सांसद एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा — 'बहुओं और बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए।' रामपुर के कारी मौलाना जमील हयात ने भी इसे 'अत्यंत घिनौनी हरकत' बताया और दोषियों को इंसानियत से बाहर करार दिया।
सीएम योगी ने सभी दलों से सार्वजनिक संवाद में संयमित भाषा अपनाने की अपील की।

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के विरुद्ध सोशल मीडिया पर प्रसारित अभद्र और भ्रामक सामग्री के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह मामला महिलाओं की डिजिटल गरिमा और राजनीतिक विमर्श की सीमाओं को लेकर एक बड़ी बहस का केंद्र बन गया है।

दिनेश शर्मा की कड़ी निंदा

भाजपा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस कृत्य की तीखी भर्त्सना की। उन्होंने कहा, 'जिसने भी ऐसी हरकत की है, उसने शालीनता और मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। परिवार की बहुओं और बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए और उनके नाम का दुरुपयोग कर गलत जानकारी फैलाना किसी भी तरह से राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा से जुड़ा मामला है।' शर्मा ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का समर्थन करते हुए स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी प्रकार की रियायत नहीं मिलनी चाहिए।

रामपुर से भी उठी निंदा की आवाज़

रामपुर में कारी मौलाना जमील हयात ने भी इस मामले को 'बेहद निंदनीय' करार दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और किसी की बेटी के बारे में इस तरह की भ्रामक और अपमानजनक पोस्ट करना अत्यंत घिनौनी हरकत है। उनके अनुसार, ऐसे कृत्य करने वाले लोग इंसानियत की सीमाओं से बाहर हैं और समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी का पहले का बयान

कुछ दिन पूर्व आज़मगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने बताया था कि जैसे ही उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही इस भ्रामक सामग्री की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। सीएम ने यह भी कहा था कि किसी भी बेटी के सम्मान के विरुद्ध की गई टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सार्वजनिक संवाद में संयम की अपील

मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों से सार्वजनिक संवाद में संयमित भाषा अपनाने की अपील की थी। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनेताओं के परिजनों को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों पक्षों से इस मुद्दे पर एकमत निंदा, इसे महज राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार का विषय बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे सत्ता किसी की भी हो। सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी खेमे दोनों से एकमत निंदा असामान्य है और यह संकेत देती है कि मुद्दे की संवेदनशीलता दलीय सीमाओं को लाँघती है। हालाँकि, असली परीक्षा यह होगी कि एफआईआर के बाद जाँच कितनी तेज़ और पारदर्शी रहती है — क्योंकि ऐसे मामलों में अक्सर आरोपी की राजनीतिक पहचान के आधार पर कार्रवाई की गति बदलती देखी गई है। जब तक सोशल मीडिया जवाबदेही के लिए ठोस कानूनी ढाँचा नहीं बनता, इस तरह की घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव की बेटी से जुड़े सोशल मीडिया विवाद में क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के बारे में अभद्र और भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई, जिसके बाद UP सरकार ने एफआईआर दर्ज कराई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
दिनेश शर्मा ने इस मामले पर क्या कहा?
भाजपा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इसे 'शालीनता और मर्यादा की सभी सीमाओं का उल्लंघन' बताया। उन्होंने कहा कि बहू-बेटियों का सम्मान हर परिस्थिति में होना चाहिए और यह राजनीति नहीं, बल्कि महिला गरिमा का मामला है।
CM योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद पर क्या रुख अपनाया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज़मगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल एफआईआर के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी बेटी की गरिमा के विरुद्ध की गई टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रामपुर के कारी मौलाना जमील हयात ने क्या प्रतिक्रिया दी?
कारी मौलाना जमील हयात ने इस घटना को 'अत्यंत घिनौनी हरकत' बताया और कहा कि ऐसे कृत्य करने वाले लोग इंसानियत के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने इसे समाज में नफरत फैलाने का प्रयास करार दिया।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की है। गिरफ्तारी या आरोपी की पहचान के बारे में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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