योगी को 'डकैत' कहने पर सपा नेता आईपी सिंह पर दर्ज हुई एफआईआर
सारांश
Key Takeaways
- आईपी सिंह का बयान योगी आदित्यनाथ के प्रति अपमानजनक है।
- एफआईआर के पीछे धर्म सिंह की शिकायत है।
- इस घटना से उत्तर प्रदेश की राजनीति में तनाव पैदा हो सकता है।
- वीडियो के माध्यम से अपमानजनक सामग्री साझा की गई थी।
- इस मामले के आगे की कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
लखनऊ, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'डकैत' कहने पर समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आईपी सिंह पर सरकार की छवि को धूमिल करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है।
समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से निर्मित वीडियो साझा किया। इस वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'रहमान डकैत' के रूप में नृत्य करते हुए दर्शाया गया है। उन्होंने लिखा, "9 वर्षों में पीडीए वर्ग का आरक्षण निगल जाने वाला डकैत।"
इसके बाद, धर्म सिंह नामक एक व्यक्ति ने आईपी सिंह के खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस पर कार्रवाई करते हुए आईपी सिंह के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
धर्म सिंह ने अपनी शिकायत में कहा, "निराधार तथ्यों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संपादित फोटो के साथ वायरल किया जा रहा है। यह कार्य जानबूझकर सरकार की छवि को धूमिल करना और विभिन्न जातियों के बीच द्वेषभावना उत्पन्न करने के उद्देश्य से किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।"
उन्होंने मांग की कि मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, यह घटना उस समय हुई जब लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को 'रहमान डकैत' बताते हुए पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री योगी को 'धुरंधर' कहा गया था। इससे नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाद में उन पोस्टरों को फाड़ दिया।