जम्मू-कश्मीर में एंटी-ड्रग अभियान के लिए 100 दिन की तैयारी की समीक्षा

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जम्मू-कश्मीर में एंटी-ड्रग अभियान के लिए 100 दिन की तैयारी की समीक्षा

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 100 दिन के एंटी-ड्रग अभियान की तैयारियों का किया गहन निरीक्षण। इस विशेष अभियान का उद्देश्य नशे की समस्या को समाप्त करना है।

Key Takeaways

  • उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।
  • नशे की समस्या को खत्म करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
  • 11 अप्रैल को जम्मू में पदयात्रा की जाएगी।
  • समाज के हर वर्ग की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया।
  • नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

जम्मू, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत 100 दिन के विशेष एंटी-ड्रग अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।

अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अभियान की रूपरेखा और तैयारियों का जायजा लिया गया। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश से नशे की समस्या को समाप्त करना है, जिसके तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

उपराज्यपाल 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम से एक विशाल 'पदयात्रा' को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद मई के पहले सप्ताह में श्रीनगर में भी इसी तरह का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए छात्रों और युवाओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट्स एवं गाइड्स, स्वयंसेवी संगठनों, सिविल सोसायटी, राजनीतिक दलों और आम जनता की अधिकतम भागीदारी पर जोर दिया।

मनोज सिन्हा ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में नशे का प्रसार एक बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र का हिस्सा है, जिसका मकसद युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाना है। इस खतरे से लड़ने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होना होगा।"

उन्होंने नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार और सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा, "निर्दोष को छूना नहीं और दोषियों को छोड़ना नहीं हमारी नीति है। नशे के असली पीड़ितों की पहचान कर उनके पुनर्वास के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।"

बैठक में 'नशा मुक्त अभियान' के तहत विभागवार गतिविधियों के कैलेंडर और योजनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यूटी और डिविजन स्तर पर समितियों का गठन पहले ही किया जा चुका है।

उपराज्यपाल ने इस अभियान को जन आंदोलन बनाने और लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आम जनता के सुझाव और फीडबैक को भी अभियान में शामिल किया जाए और लोगों को नशे से जुड़े मामलों की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव अतल डुल्लू, विशेष महानिदेशक (समन्वय) एस.जे.एम. गिलानी, गृह विभाग के प्रमुख सचिव चंद्राकर भारती, उपराज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. मंदीप के. भंडारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या को समाप्त करना है।
उपराज्यपाल कब और कहाँ पदयात्रा शुरू करेंगे?
उपराज्यपाल 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम से पदयात्रा शुरू करेंगे।
कौन-कौन से संगठन इस अभियान में शामिल होंगे?
इस अभियान में छात्रों, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट्स एवं गाइड्स, स्वयंसेवी संगठनों और राजनीतिक दलों की भागीदारी होगी।
लोगों की भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
इस अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कौन-कौन से अधिकारी उपस्थित थे?
बैठक में मुख्य सचिव अतल डुल्लू, विशेष महानिदेशक एस.जे.एम. गिलानी, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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