ईरान का गंभीर आरोप: अमेरिका ने संघर्ष विराम के नियमों का उल्लंघन किया

Click to start listening
ईरान का गंभीर आरोप: अमेरिका ने संघर्ष विराम के नियमों का उल्लंघन किया

सारांश

तेहरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों को संघर्ष विराम के नियमों का उल्लंघन बताया है। स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का कहना है कि अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की मूल शर्तें तोड़ी हैं। जानिए क्या हैं इसके परिणाम?

Key Takeaways

  • ईरान ने संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन बताया।
  • अमेरिका पर गंभीर आरोप।
  • गालिबाफ का कड़ा बयान।
  • इजरायली हमले से प्रभावित लोग।
  • ट्रंप प्रशासन का स्टैंड।

तेहरान, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लेबनान पर इजरायली हमलों को ईरान ने संघर्ष विराम के महत्वपूर्ण नियमों का उल्लंघन बताया है। स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ के अनुसार, अमेरिका ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की मूल शर्तों का उल्लंघन किया है।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि जिस आधार पर वार्ता होनी थी, वह पहले ही टूट चुका है। इसलिए, अब बातचीत या सीजफायर का कोई औचित्य नहीं रह गया है।

गालिबाफ ने एक पोस्ट में कहा कि लेबनान, अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के संघर्ष-विराम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। ईरान के सहयोगी के रूप में, लेबनान और पूरा रेजिस्टेंस ग्रुप इस संघर्ष-विराम का अभिन्न हिस्सा हैं। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने भी लेबनान का जिक्र किया था। इसलिए पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।

उन्होंने आगे चेतावनी दी, "संघर्ष-विराम का उल्लंघन होने पर इसके गंभीर परिणाम होंगे और इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। इसलिए इस आग को जल्द बुझाना आवश्यक है।"

रेजिस्टेंस ग्रुप में फिलिस्तीन का हमास, लेबनान का हिज्बुल्लाह, यमन का हूती विद्रोही और इराक तथा सीरिया के विद्रोही संगठन शामिल हैं। ये सभी ईरान के कट्टर समर्थक रहे हैं और इजरायल-यूएस के खिलाफ कार्यरत हैं।

गालिबाफ की टिप्पणी उस समय आई है जब इजरायल ने लेबनान पर बुधवार को बमबारी की, जिसमें 254 लोग मारे गए और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए। इजरायल अपने हमले को सही ठहरा रहा है, जबकि यूरोपीय देशों ने इसकी निंदा की है।

10-पॉइंट प्रस्ताव को लेकर ट्रंप प्रशासन का कहना है कि हिज्बुल्लाह इसमें शामिल नहीं था।

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर चेतावनी दी कि यदि समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से लड़ाई शुरू होगी, जो पहले से अधिक विनाशकारी होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसकी संभावना कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।

Point of View

जो कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी पक्ष संयम बनाए रखें और स्थिति को और न बिगाड़ें।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने अमेरिका पर किस आरोप लगाया?
ईरान ने अमेरिका पर संघर्ष विराम के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
संघर्ष विराम की शर्तें क्या थीं?
संघर्ष विराम की शर्तें 10-पॉइंट प्रस्ताव के तहत निर्धारित की गई थीं, जिनका उल्लंघन हुआ है।
गालिबाफ ने क्या कहा?
गालिबाफ ने कहा कि संघर्ष विराम का उल्लंघन होने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप प्रशासन का क्या कहना है?
ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि हिज्बुल्लाह 10-पॉइंट प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था।
क्या अमेरिका ईरान के आसपास अपनी सेना तैनात करेगा?
हाँ, ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ समझौता लागू नहीं होता, अमेरिकी सेना तैनात रहेगी।
Nation Press