ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेगा
सारांश
Key Takeaways
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ब्रिटेन की पहल महत्वपूर्ण है।
- युद्धविराम के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है।
- बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
- 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
- यह बैठक तनाव को कम करने का एक प्रयास है।
लंदन, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के फिर से जहाजों के लिए खोलने के विषय पर अपने सहयोगी देशों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करने वाला है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक अत्यंत आवश्यक मानी जा रही है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में २ अप्रैल को आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में ४० से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे वैश्विक संगठन भी उपस्थित थे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर चर्चा होगी। इसमें संभावित प्रतिबंधों जैसे उपाय भी शामिल किए जाएंगे। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई के लिए उपायों पर भी विचार होगा।
एक अधिकारी के अनुसार, इस बातचीत का प्रमुख उद्देश्य मौजूदा तनाव को समाप्त करने का स्थायी समाधान खोजना है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी तैयार की जाएगी, ताकि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल सके।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा इस महीने में यह तीसरी बैठक होगी। हालांकि, अगले सप्ताह होने वाली इस बैठक की सही तारीख अभी तक निर्धारित नहीं की गई है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू हुआ है। अब दोनों देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में महत्वपूर्ण वार्ता करने जा रहे हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास, भिन्न मांगें और दबाव के कारण बातचीत काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, दोनों देशों में केवल एक ही बात समान है कि युद्ध से बाहर निकलने की आवश्यकता है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को 'धोखा' करार दिया है और आरोप लगाया है कि ईरान टैंकरों की आवाजाही में बाधा डाल रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। मोहम्मद बाक़िर गालिबफ ने कहा है कि बातचीत प्रारंभ होने से पहले 'ब्लॉक की गई संपत्तियों' की रिहाई जैसे मुद्दों का समाधान आवश्यक है।