अखिलेश यादव की बेटी पर अपमानजनक टिप्पणी: CM योगी ने दिया FIR का आदेश, आजमगढ़ में कड़ी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को आजमगढ़ में स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के विरुद्ध की गई अपमानजनक टिप्पणी को संज्ञान में आते ही उन्होंने पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बेटी के प्रति अपमानजनक भाषा किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी और एफआईआर
योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हम उन संस्कारों में पले-बढ़े हैं जहाँ गाँव की बेटी-बहन को सबकी बेटी-बहन माना जाता है।' उन्होंने अखिलेश यादव को भी नसीहत दी कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने समर्थकों को भाषा-संयम सिखाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा, 'अच्छा होगा कि वे अपने लोगों को समझाएँ, नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दें — हम समझा देंगे।'
आजमगढ़ में ₹955 करोड़ की विकास परियोजनाएँ
मुख्यमंत्री आजमगढ़ में ₹955 करोड़ से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की माँग पर उन्होंने घोषणा की कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में महाराज की भव्य अश्वारोही प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन को पुरानी जेल को कन्वेंशन सेंटर के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
आजमगढ़ के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आजमगढ़ विश्वविद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय से वंचित था। एयरपोर्ट भी सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि आज आजमगढ़ से एक घंटे में गोरखपुर, डेढ़ से दो घंटे में वाराणसी और ढाई घंटे में लखनऊ पहुँचा जा सकता है। ब्लैक पॉटरी और आजमगढ़ की साड़ी को 'एक जनपद-एक उत्पाद' योजना के माध्यम से राष्ट्रीय मंच मिला है।
ऐतिहासिक संदर्भ और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव और पृथ्वीराज चौहान के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि नया भारत गुलामी के किसी भी प्रतीक को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि बहराइच में अब महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बन चुका है। योगी ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाया कि युवाओं का दुरुपयोग किया गया और आजमगढ़ को आतंकी घटनाओं से जोड़कर बदनाम किया गया।
महिला सुरक्षा और कल्याण योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए व्यवस्था की है। पहले निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को महज ₹300 पेंशन मिलती थी, वह भी छह महीने में एक बार और उसमें भी आधा पैसा कमीशनखोरी में चला जाता था। उन्होंने चेताया कि जो भी गरीब की जमीन हड़पेगा, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाएगा या व्यापारी से जबरदस्ती करेगा, उसकी सलामती की गारंटी सरकार नहीं लेगी।