18 सितंबर 2026
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शोपियां में ड्रग तस्कर की ₹16.56 लाख की संपत्ति जब्त, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

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शोपियां में ड्रग तस्कर की ₹16.56 लाख की संपत्ति जब्त, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई

सारांश

शोपियां पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान में एक नई कड़ी जोड़ी — केवल गिरफ्तारी नहीं, अब अवैध कमाई की संपत्ति भी निशाने पर। मेलहुरा गांव में NDPS एक्ट के तहत ₹16.56 लाख का मकान और ₹4.73 लाख नकद जब्त।

मुख्य बातें

शोपियां पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को मेलहुरा गांव में ड्रग कारोबार से अर्जित ₹16.56 लाख की आवासीय संपत्ति जब्त की।
संपत्ति फारूक अहमद शाह के नाम पर पंजीकृत थी; साथ में ₹4,73,500 नकद भी फ्रीज किए गए।
कार्रवाई NDPS अधिनियम की धारा 68-F(1) के तहत जैनापोरा पुलिस थाने की एफआईआर के आधार पर हुई।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और ANTF के संयुक्त अभियान में अब तक हज़ारों ड्रग तस्कर गिरफ्तार, सैकड़ों लाइसेंस रद्द।
पुलिस ने पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार रद्द करने सहित तस्करों की वित्तीय संपत्तियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रखने की घोषणा की।

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले की पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित आय से निर्मित एक आवासीय संपत्ति को जब्त किया। मेलहुरा गांव में स्थित 1,065 वर्ग फुट भूमि पर बने इस मकान की अनुमानित कीमत ₹16.56 लाख आंकी गई है। इसके साथ ही ₹4,73,500 नकद राशि भी फ्रीज और जब्त की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, जब्त संपत्ति मेलहुरा गांव निवासी फारूक अहमद शाह के नाम पर पंजीकृत है। जांच में यह पाया गया कि यह मकान सीधे अवैध मादक पदार्थों की बिक्री से प्राप्त आय के ज़रिए खरीदा गया था। इस आधार पर जैनापोरा पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के संबंध में NDPS अधिनियम की धारा 68-F(1) के अंतर्गत संपत्ति और नकदी दोनों को अटैच तथा फ्रीज किया गया।

यह कार्रवाई विधिवत गठित पुलिस दल, कार्यपालक मजिस्ट्रेट, लंबरदार और चौकीदार की मौजूदगी में पारदर्शी ढंग से पूरी की गई, ताकि कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके।

अभियान का व्यापक दायरा

शोपियां पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह मुहिम सिर्फ तस्करों और ड्रग पेडलर्स की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अवैध कारोबार से जुड़ी वित्तीय संपत्तियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस रणनीति के तहत दंडात्मक कार्रवाइयों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड रद्द करना भी शामिल है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के संयुक्त अभियानों में हज़ारों ड्रग तस्करों और सिंडिकेट संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों के परिवहन से जुड़े सैकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस व वाहन पंजीकरण रद्द किए गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले कई मेडिकल स्टोर व दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

कानूनी आधार

NDPS अधिनियम की धारा 68-F(1) के तहत पुलिस को यह अधिकार है कि वह ड्रग व्यापार से अर्जित संपत्तियों को बिना किसी देरी के अटैच कर सके। गौरतलब है कि यह प्रावधान नशे के कारोबार की आर्थिक नींव को कमज़ोर करने के उद्देश्य से बनाया गया है — तस्करों को सज़ा देने के साथ-साथ उन्हें उनकी अवैध कमाई से भी वंचित किया जाता है।

प्रशासन ने इस कार्रवाई को एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया है, जिसमें आपराधिक नेटवर्क की वित्तीय संरचना को ध्वस्त करना प्राथमिक लक्ष्य है।

जनता से अपील

शोपियां पुलिस ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी या उससे संबंधित किसी गतिविधि की सूचना मिले, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने सूचना देने वालों की गोपनीयता सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, ड्रग तस्करी के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज़ किया जाएगा तथा नशे से जुड़ी हर अवैध संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनकी अवैध वित्तीय संरचना को भी तोड़ना ज़रूरी है। NDPS एक्ट की धारा 68-F का सक्रिय उपयोग इस दिशा में सही कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि जब्त संपत्तियों का प्रबंधन और पुनर्वितरण कितना पारदर्शी होता है। कश्मीर में ड्रग समस्या की गहराई को देखते हुए, छिटपुट कार्रवाइयों से आगे एक सुव्यवस्थित और जवाबदेह तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोपियां में कौन-सी संपत्ति जब्त की गई और क्यों?
शोपियां के मेलहुरा गांव में फारूक अहमद शाह के नाम पर पंजीकृत 1,065 वर्ग फुट का एक मकान जब्त किया गया, क्योंकि जांच में पाया गया कि यह ड्रग कारोबार की अवैध कमाई से खरीदा गया था। इसकी अनुमानित कीमत ₹16.56 लाख है।
NDPS अधिनियम की धारा 68-F(1) क्या है?
NDPS अधिनियम की धारा 68-F(1) पुलिस को ड्रग व्यापार से अर्जित संपत्तियों को अटैच करने का कानूनी अधिकार देती है। इसका उद्देश्य तस्करों को उनकी अवैध कमाई से वंचित करके नशे के कारोबार की आर्थिक नींव को कमज़ोर करना है।
शोपियां पुलिस के ड्रग विरोधी अभियान में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
जम्मू-कश्मीर पुलिस और ANTF के संयुक्त अभियानों में हज़ारों ड्रग तस्कर व सिंडिकेट संचालक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके अलावा सैकड़ों ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण रद्द किए गए हैं और कई मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
ड्रग तस्करों के खिलाफ संपत्ति जब्ती के अलावा और क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
प्रशासन ने बताया कि दंडात्मक उपायों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड रद्द करना भी शामिल है। यह कदम ड्रग तस्करों की सामाजिक और प्रशासनिक पहुंच को भी सीमित करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
क्या पुलिस को ड्रग गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है?
हाँ, शोपियां पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी या संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने सूचना देने वालों की गोपनीयता सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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