सोपोर पुलिस ने फरार ड्रग तस्कर मोहम्मद अशरफ मीर की ₹1.23 करोड़ की दो संपत्तियाँ जब्त कीं
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की सोपोर पुलिस ने 13 जुलाई 2026 को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम की धारा 68एफ के तहत एक फरार और कुख्यात ड्रग तस्कर की ₹1.23 करोड़ से अधिक मूल्य की दो अचल संपत्तियाँ जब्त की हैं। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में चल रहे '100-दिवसीय नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत नार्को-फाइनेंशियल नेटवर्क को तोड़ने की व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
जब्त संपत्तियों का विवरण
जब्त की गई संपत्तियों में बाउंड्री वॉल सहित एक दो मंजिला रिहायशी मकान और सर्वे नंबर 365 मिन के तहत 1 कनाल 10 मरला भूमि शामिल है। दोनों संपत्तियों की कुल बाज़ार कीमत ₹1.23 करोड़ से अधिक आँकी गई है। ये संपत्तियाँ आरोपी मोहम्मद अशरफ मीर उर्फ आशु (निवासी: जामिया कदीम, सोपोर; वर्तमान पता: क्रंकशिवन कॉलोनी, नगीन बाग-बी, सोपोर) के नाम पर दर्ज हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह जब्ती पुलिस स्टेशन सोपोर की एफआईआर नंबर 23/2026 के संदर्भ में की गई है। पुलिस की विस्तृत वित्तीय जाँच में सामने आया कि ये दोनों संपत्तियाँ अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। जब्ती की पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संपन्न की गई।
आरोपी की पृष्ठभूमि
आरोपी मोहम्मद अशरफ मीर इस समय फरार है। उसके विरुद्ध पहले ही 'ह्यू एंड क्राई नोटिस' तथा 'लुक आउट नोटिस' जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, वह केवल इस मामले में नहीं, बल्कि कई अन्य एनडीपीएस मामलों में भी संलिप्त रहा है, जो ड्रग तस्करी में उसकी लगातार और संगठित भागीदारी को दर्शाता है।
नार्को-नेटवर्क पर प्रहार की रणनीति
गौरतलब है कि सोपोर पुलिस ने इस कार्रवाई के ज़रिये नशीले पदार्थों के व्यापार को पोषित करने वाले वित्तीय ढाँचे पर सीधा प्रहार किया है। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को ज़ब्त करने का उद्देश्य ड्रग तस्करों को अपराध की कमाई से वंचित करना और नार्को-नेटवर्क की आर्थिक जड़ों को कमज़ोर करना है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकने के लिए बहु-आयामी रणनीति अपना रहा है।
आगे की कार्रवाई
सोपोर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति उसकी 'जीरो-टॉलरेंस' नीति बरकरार रहेगी। नशीले पदार्थों के व्यापार में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं वित्तीय कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।