उत्तराखंड को ₹451.63 करोड़ की केंद्रीय सहायता मंजूर, पूंजीगत विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में आधारभूत अवसंरचना और पूंजीगत विकास कार्यों को गति देने के लिए ₹451.63 करोड़ (45,163 लाख रुपए) की पहली किस्त स्वीकृत की है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि 'वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना' के भाग-1 (अनटाइड) के तहत ब्याज-मुक्त विशेष सहायता ऋण के रूप में प्रदान की गई है। यह उत्तराखंड के लिए इस वित्त वर्ष की पहली बड़ी केंद्रीय वित्तीय सहायता है।
योजना के तहत क्या मिला
स्वीकृत राशि राज्य में पहले से अनुमोदित पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उपलब्ध कराई गई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस धनराशि का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप 31 मार्च 2027 तक पूंजीगत परियोजनाओं पर सुनिश्चित करना होगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, राज्य सरकार को वर्ष 2025-26 की योजना के अंतर्गत अव्ययित ₹53.27 करोड़ की राशि को वर्ष 2026-27 की स्वीकृत पूंजीगत परियोजनाओं में पुनः आवंटित करना होगा। यह राशि प्रथम किस्त से समायोजित की गई है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
इस विशेष सहायता योजना के माध्यम से उत्तराखंड में सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा अन्य आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। गौरतलब है कि यह केंद्रीय योजना राज्यों को बिना किसी ब्याज के दीर्घकालिक पूंजी उपलब्ध कराती है, जिससे राज्य अपने वित्तीय बोझ को कम रखते हुए बड़े विकास कार्य कर सकते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार बुनियादी ढाँचे के विस्तार और पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दे रही है। राज्य की पहाड़ी भौगोलिक संरचना को देखते हुए सड़क और पेयजल परियोजनाओं के लिए केंद्रीय पूंजी का महत्व और भी अधिक हो जाता है।
मुख्यमंत्री धामी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास में सहयोगी की भूमिका निभा रही है।
धामी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस राशि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ जनहितकारी पूंजीगत परियोजनाओं पर करेगी। उन्होंने कहा कि इससे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन एवं अन्य विकास कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस वित्तीय सहायता से उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ-साथ राज्य के समग्र आर्थिक विकास एवं रोज़गार सृजन को भी बल मिलेगा। पहाड़ी राज्यों में बुनियादी ढाँचे की कमी एक पुरानी चुनौती रही है और केंद्रीय पूंजी इस अंतर को पाटने में सहायक हो सकती है।
आगे की राह
राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत परियोजनाएँ 31 मार्च 2027 की समयसीमा के भीतर पूरी हों, अन्यथा अगली किस्त पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, पिछले वर्ष की अव्ययित राशि का पुनः आवंटन भी प्राथमिकता से करना होगा। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत आगामी किस्तें परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर जारी की जाएंगी।