वियतनाम बोट हादसा: 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर मुंबई पहुंचे, परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट 11 जुलाई को हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर सोमवार, 13 जुलाई को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंच गए। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि संबंधित राज्य सरकारों के सहयोग से पार्थिव शरीर को परिजनों तक शीघ्र पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
मुंबई पहुंचे पार्थिव शरीर
भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए कहा, '11 जुलाई को फु क्वोक में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को लेकर विमान अभी मुंबई पहुंचा है।' दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि हनोई स्थित भारतीय दूतावास और हो ची मिन्ह सिटी स्थित वाणिज्य दूतावास, राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर परिवारों तक पहुंचाने का काम करेंगे।
आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु की राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों में पार्थिव शरीर को अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था संभालेंगी। दूतावास ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त की हैं।
घायल भारतीय का उपचार जारी
हादसे में घायल हुए एक भारतीय नागरिक का फु क्वोक में उपचार चल रहा था। रविवार शाम उनकी एक मेडिकल प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। भारतीय दूतावास के अनुसार, सोमवार को उन्हें हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। उनके परिवार के सदस्य भी वियतनाम पहुंच चुके हैं।
नाव के कप्तान पर आपराधिक कार्रवाई
वियतनाम के दक्षिणी अन गियांग प्रांत की पुलिस ने रविवार को पर्यटक नाव के डूबने की घटना से जुड़े कथित कानूनी उल्लंघनों के मामले में एक स्थानीय व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की। हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान 57 वर्षीय नाव के कप्तान गुयेन होंग हाई के रूप में हुई है, जो अन गियांग प्रांत का मूल निवासी है और फु क्वोक विशेष क्षेत्र में अस्थायी रूप से रह रहा था।
हादसे का विवरण
शुरुआती जानकारी के अनुसार, नाव में करीब 32 भारतीय पर्यटक सवार थे — जिनमें 17 तमिलनाडु से थे, जबकि शेष यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के रहने वाले थे। यह नाव फु क्वोक के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पलट गई। हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, स्थानीय निवासी और आपातकालीन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया गया।
आगे की कार्रवाई
भारतीय दूतावास द्वारा राज्य सरकारों के साथ समन्वय जारी है ताकि पार्थिव शरीर यथाशीघ्र परिजनों को सौंपे जा सकें। वियतनाम में जाँच एजेंसियाँ हादसे की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं और कप्तान के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।