फु क्वोक नाव हादसा: 15 भारतीयों की मौत के बाद वियतनाम PM ने दिए विस्तृत जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने फु क्वोक द्वीप के निकट स्पीडबोट पलटने की घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के बाद व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। 12 जुलाई को जारी आधिकारिक निर्देशों में उन्होंने संबंधित मंत्रालयों, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने और हादसे के हर पहलू की गहन पड़ताल करने को कहा है।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण संख्या एजी-26751 वाली स्पीडबोट 32 भारतीय पर्यटकों, तीन क्रू सदस्यों और एक वियतनामी टूर गाइड को मई रुट नगोई आइलेट से एन थोई इंटरनेशनल पोर्ट ले जा रही थी। दोपहर करीब 1 बजे तेज हवाओं के चलते यह नाव किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई।
बचाव दल ने तत्काल अभियान शुरू किया और दोपहर 3:30 बजे तक नाव पर सवार सभी 36 लोगों को रेस्क्यू कर लिया। इनमें से 21 लोग जीवित बचाए गए, जबकि 15 भारतीय पर्यटकों की मौत की पुष्टि हुई।
मृतकों की पहचान और चिकित्सा व्यवस्था
एन गियांग प्रांत के अधिकारियों के अनुसार, बरामद पाँच शवों को किएन गियांग जनरल अस्पताल में रखा गया है, जबकि शेष 10 शवों को हो ची मिन्ह सिटी के चो रे अस्पताल स्थानांतरित किया गया है। पहचान और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया और निर्देश
प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एन गियांग प्रांतीय प्रशासन को घायलों के उपचार हेतु सभी उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं और आपातकालीन संसाधन जुटाने, मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने और हादसे के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों कारणों की पूरी जांच करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
निर्माण मंत्रालय को दुर्घटनास्थल सहित समान परिचालन परिस्थितियों वाले अन्य क्षेत्रों में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन सुरक्षा की विस्तृत समीक्षा करने को कहा गया है। मंत्रालय को यात्री नौका सेवाओं की निगरानी कड़ी करने और जहाजों, जीवन-रक्षक उपकरणों तथा लाइसेंसधारी ऑपरेटरों से जुड़े सभी मौजूदा सुरक्षा नियमों के अनुपालन की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।
भारतीय नागरिकों के लिए राजनयिक सहायता
वियतनाम के विदेश मंत्रालय को वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर काउंसलर सहायता सुनिश्चित करने और इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों से जुड़े सभी मामलों को सुलझाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही राज्य अधिकारियों ने फु क्वोक द्वीप के आसपास पर्यटक नौका सेवाएं संचालित करने वाले व्यवसायों की भी पूर्ण जांच के आदेश दिए हैं।
आगे क्या होगा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सुरक्षा या परिचालन नियमों का कोई भी उल्लंघन पाए जाने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब फु क्वोक द्वीप भारतीय पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य बन चुका है, जो जल-परिवहन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाता है।