12 जुलाई 2026
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वियतनाम नाव हादसा: राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी को भेजे शोक संदेश, 15 भारतीयों की मौत

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वियतनाम नाव हादसा: राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी को भेजे शोक संदेश, 15 भारतीयों की मौत

सारांश

वियतनाम के एन गियांग प्रांत में स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के बाद वियतनामी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू व PM मोदी को शोक संदेश भेजे। 2 भारतीय अभी गंभीर हालत में हैं, जाँच जारी है और मुआवज़े की घोषणा हो चुकी है।

मुख्य बातें

एन गियांग प्रांत में शनिवार को टूरिस्ट स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय नागरिकों की मौत हुई।
नाव पर 32 भारतीय पर्यटक , 1 वियतनामी टूर गाइड और 3 क्रू सदस्य सवार थे।
वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम और PM ले मिन्ह हंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व PM नरेंद्र मोदी को अलग-अलग शोक संदेश भेजे।
विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने डॉ.
जयशंकर को शोक संदेश भेजा।
बोट मालिक ने प्रत्येक मृतक परिवार को 1,000 अमेरिकी डॉलर और घायल को 500 अमेरिकी डॉलर मुआवज़ा देने पर सहमति जताई।
प्रांतीय अधिकारी भी प्रत्येक मृतक को 26 मिलियन वियतनामी डोंग (लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर ) की अतिरिक्त सहायता देंगे।

वियतनाम के शीर्ष नेताओं ने रविवार, 12 जुलाई को एन गियांग प्रांत में हुए टूरिस्ट स्पीडबोट हादसे के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक शोक संदेश भेजे। इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि 2 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

हादसे का घटनाक्रम

एन गियांग प्रांत के तट पर शनिवार को खराब समुद्री हालात के बीच एक टूरिस्ट स्पीडबोट पलट गई। नाव पर 32 भारतीय पर्यटक, एक वियतनामी टूर गाइड और 3 क्रू सदस्य सवार थे। हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, 19 लोग सुरक्षित बचाए गए और 2 भारतीय नागरिकों का गहन चिकित्सा उपचार जारी है।

वियतनामी नेताओं के शोक संदेश

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम और प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने भारत की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अलग-अलग शोक संदेश भेजे। अपने संदेशों में दोनों नेताओं ने कहा कि वियतनाम के अधिकारी तत्काल सर्च-एंड-रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं, घायलों का चिकित्सा उपचार सुनिश्चित कर रहे हैं, पीड़ित परिवारों की मदद की जा रही है और भारतीय पक्ष के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है। इसी दिन वियतनाम के विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने भी भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को शोक संदेश भेजा।

जाँच और मुआवज़ा

वियतनामी नेताओं ने बताया कि संबंधित एजेंसियों ने दुर्घटना का सटीक कारण पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। फु क्वोक स्पेशल जोन की पीपुल्स कमेटी के चेयरमैन ट्रान मिन्ह खोआ के अनुसार, टूरिस्ट बोट के मालिक ने हर मृतक के परिवार को 1,000 अमेरिकी डॉलर और हर घायल यात्री को 500 अमेरिकी डॉलर का मुआवज़ा देने पर सहमति जताई है।

इसके अलावा, एन गियांग प्रांत और फु क्वोक स्पेशल जोन के अधिकारी भी प्रत्येक मृतक को 26 मिलियन वियतनामी डोंग (लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर) की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देंगे। लागू नियमों के तहत अन्य सहायता भी प्रदान की जाएगी।

पार्थिव देह वापसी की प्रक्रिया

खोआ ने बताया कि पुलिस अधिकारी, चिकित्सा दल और संबंधित विभाग पीड़ितों की पहचान सत्यापित करने और सभी जरूरी औपचारिकताएँ पूरी करने में प्राथमिकता के आधार पर जुटे हैं। अधिकारी कूटनीतिक प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर मृतकों को भारत वापस लाने या परिजनों की इच्छानुसार अन्य व्यवस्था करने के लिए काम कर रहे हैं।

आगे क्या

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब वियतनाम में भारतीय पर्यटकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी है और जाँच के नतीजों के आधार पर जवाबदेही तय होने की उम्मीद है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में लगा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विदेश में भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है — खासकर तब जब वियतनाम जैसे गंतव्यों पर भारतीय यात्रियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। शोक संदेशों और मुआवज़े की घोषणाएँ कूटनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा हैं, लेकिन असली जवाबदेही जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगी — खराब समुद्री हालात में नाव चलाने की अनुमति किसने दी और सुरक्षा मानक क्यों नहीं पाले गए, यह सवाल अभी अनुत्तरित हैं। भारत सरकार को इस अवसर पर वियतनाम के साथ द्विपक्षीय पर्यटन सुरक्षा प्रोटोकॉल को औपचारिक रूप देने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम नाव हादसे में कितने भारतीयों की मौत हुई?
एन गियांग प्रांत में टूरिस्ट स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। 19 लोग सुरक्षित बचाए गए और 2 भारतीय नागरिकों का गहन चिकित्सा उपचार जारी है।
वियतनाम ने भारत को शोक संदेश क्यों भेजे?
वियतनाम के एन गियांग प्रांत में एक टूरिस्ट स्पीडबोट दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के बाद वियतनामी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व PM नरेंद्र मोदी को अलग-अलग शोक संदेश भेजे। यह कूटनीतिक शिष्टाचार के साथ-साथ दोनों देशों के संबंधों की गहराई को भी दर्शाता है।
हादसे के पीड़ितों को कितना मुआवज़ा मिलेगा?
टूरिस्ट बोट के मालिक ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 1,000 अमेरिकी डॉलर और हर घायल यात्री को 500 अमेरिकी डॉलर देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा एन गियांग प्रांत और फु क्वोक स्पेशल जोन के अधिकारी भी प्रत्येक मृतक को 26 मिलियन वियतनामी डोंग (लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर) की अतिरिक्त सहायता देंगे।
वियतनाम नाव हादसे की जाँच कहाँ तक पहुँची है?
वियतनामी अधिकारियों ने दुर्घटना का सटीक कारण पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। पुलिस, चिकित्सा दल और संबंधित विभाग पीड़ितों की पहचान सत्यापित करने और सभी जरूरी औपचारिकताएँ पूरी करने में प्राथमिकता के आधार पर जुटे हैं।
मृतक भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर कब वापस लाए जाएँगे?
फु क्वोक स्पेशल जोन के अधिकारी कूटनीतिक प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर मृतकों को भारत वापस लाने या परिजनों की इच्छानुसार अन्य व्यवस्था करने के लिए काम कर रहे हैं। समयसीमा अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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