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वियतनाम नाव हादसा: तमिलनाडु के CM विजय ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का दिया भरोसा

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वियतनाम नाव हादसा: तमिलनाडु के CM विजय ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का दिया भरोसा

सारांश

वियतनाम के 'आन थोई' समुद्री क्षेत्र में एक पर्यटक नाव दुर्घटना में तमिलनाडु सहित कई भारतीय पर्यटकों की जान चली गई। मुख्यमंत्री विजय ने तत्काल राहत के निर्देश दिए और शवों की वापसी के लिए भारतीय दूतावास से समन्वय शुरू किया।

मुख्य बातें

वियतनाम के 'आन थोई' समुद्री क्षेत्र में 'हॉन मे रुट न्गोई' द्वीप जा रही पर्यटक नाव दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें तमिलनाडु व अन्य राज्यों के भारतीय पर्यटकों की मौत हुई।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 11 जुलाई को घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विदेश मंत्रालय , तमिलनाडु हाउस (नई दिल्ली) और वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास से तत्काल समन्वय किया जाए।
मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए दूतावास के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए गए।
घायल यात्रियों को समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए वियतनाम में भारतीय राजनयिक अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के तट पर हुई एक भीषण पर्यटक नाव दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया, जिसमें तमिलनाडु और भारत के अन्य राज्यों के कई पर्यटकों की जान चली गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार और भारतीय राजनयिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर पीड़ितों के शवों को वापस लाने और घायलों की मदद के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।

हादसे का विवरण

यह दुर्घटना वियतनाम के 'आन थोई' समुद्री क्षेत्र में 'हॉन मे रुट न्गोई' द्वीप की ओर जा रही एक पर्यटक नाव के साथ हुई। हादसे में तमिलनाडु सहित भारत के विभिन्न राज्यों के पर्यटकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की खबर है। मुख्यमंत्री विजय ने इस घटना को 'दिल दहला देने वाला' करार दिया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

सरकार की तत्काल प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि हादसे में शामिल तमिलनाडु के सभी निवासियों की जानकारी तत्काल एकत्र की जाए। उन्होंने अधिकारियों को नई दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस, विदेश मंत्रालय और वियतनाम में भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

घायलों के इलाज और शवों की वापसी पर जोर

विजय ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वियतनाम में भारतीय राजनयिक अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा जाए ताकि घायल यात्रियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तब तक दूतावास के साथ समन्वय जारी रखेगी जब तक तमिलनाडु के हर प्रभावित नागरिक को उचित सहायता नहीं मिल जाती। इसके साथ ही, मृतकों के शवों को जल्द से जल्द स्वदेश लाने के लिए भारतीय दूतावास के माध्यम से आवश्यक औपचारिकताएँ शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि परिजन अंतिम संस्कार कर सकें।

पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता

मुख्यमंत्री विजय ने दोहराया कि तमिलनाडु सरकार इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और भारत सरकार के साथ मिलकर हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। यह घटना ऐसे समय में आई है जब विदेश यात्राओं पर जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एक महत्त्वपूर्ण कूटनीतिक प्राथमिकता बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि शवों की वापसी और घायलों के इलाज में वास्तविक समयसीमा क्या रहती है। गौरतलब है कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की मदद के लिए कूटनीतिक तंत्र की गति अक्सर परिजनों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती — यह हादसा उस तंत्र की वास्तविक क्षमता की परीक्षा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम नाव हादसा कहाँ और कैसे हुआ?
यह हादसा वियतनाम के 'आन थोई' समुद्री क्षेत्र में 'हॉन मे रुट न्गोई' द्वीप की ओर जा रही एक पर्यटक नाव के साथ हुआ। इसमें तमिलनाडु सहित भारत के अन्य राज्यों के पर्यटकों की मौत हुई और कई घायल हुए।
तमिलनाडु सरकार पीड़ितों की मदद के लिए क्या कदम उठा रही है?
मुख्यमंत्री विजय ने वरिष्ठ अधिकारियों को विदेश मंत्रालय, तमिलनाडु हाउस (नई दिल्ली) और वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास के साथ तत्काल समन्वय के निर्देश दिए हैं। सरकार मृतकों के शवों की शीघ्र वापसी और घायलों के इलाज को प्राथमिकता दे रही है।
क्या तमिलनाडु के निवासी भी इस हादसे में शामिल हैं?
हाँ, हादसे में तमिलनाडु के निवासी भी प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हादसे में शामिल तमिलनाडु के सभी निवासियों की जानकारी तत्काल एकत्र की जाए।
मृतकों के शव भारत कब तक वापस आ सकते हैं?
तमिलनाडु सरकार ने भारतीय दूतावास के माध्यम से शवों की वापसी की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हालाँकि, अभी तक कोई निश्चित समयसीमा आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई है।
इस हादसे पर केंद्र सरकार की क्या भूमिका है?
तमिलनाडु सरकार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास राहत एवं बचाव कार्य में समन्वय की केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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