वियतनाम नाव हादसा: फु क्वोक में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, PM मोदी ने एक्स पर जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के निकट 11 जुलाई 2026 को एक स्पीडबोट के पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की इस स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक, एक फ्लाइट अटेंडेंट और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
हादसे का घटनाक्रम
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार दोपहर लगभग 1 बजे फु क्वोक विशेष आर्थिक क्षेत्र के समीप स्पीडबोट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते वह पलट गई। एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन के अनुसार, मृतकों में दो महिलाएं और 13 पुरुष शामिल हैं। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद पर्यटक नौकाएं बचाव कार्य में जुट गईं।
PM मोदी और नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'वियतनाम के फु क्वोक के पास भारतीय नागरिकों से जुड़ी नाव दुर्घटना की दुखद खबर से बेहद व्यथित हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि 'हमारा दूतावास और वाणिज्य दूतावास हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारे अधिकारी वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।'
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इसे 'बेहद पीड़ादायक घटना' बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विदेश मंत्रालय से अपील की कि वह वियतनामी अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखे और बचाव अभियान पर करीबी नज़र रखे।
भारतीय दूतावास की सक्रियता
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि हादसे के सटीक कारणों की जाँच जारी है। प्रभावित परिवारों की सहायता और सूचना के लिए हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास और हनोई स्थित भारतीय दूतावास में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा खोज एवं बचाव अभियान जारी है।
आम जनता और प्रभावित परिवारों पर असर
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब फु क्वोक भारतीय पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय गंतव्य बन चुका है। गौरतलब है कि विदेश में भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर यह हाल के वर्षों में एक गंभीर घटना है। प्रभावित परिवार देश के विभिन्न हिस्सों से थे और अपनों की खबर का इंतज़ार कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
भारतीय दूतावास वियतनामी अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों की पहचान और पार्थिव शरीरों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटा है। हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच वियतनामी प्रशासन द्वारा की जा रही है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को हर स्तर पर राजनयिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।