28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओमान तट पर अमेरिकी हमले में मारे गए मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश के परिवार को आंध्र सरकार का पूरा सहयोग: CM नायडू

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओमान तट पर अमेरिकी हमले में मारे गए मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश के परिवार को आंध्र सरकार का पूरा सहयोग: CM नायडू

सारांश

ओमान तट के पास अमेरिकी मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम के मुख्य मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश समेत तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश ने शोक जताते हुए परिवार को सरकारी सहायता और पार्थिव शरीर की शीघ्र वापसी का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

पटनाला सुरेश , मुख्य मरीन इंजीनियर, विशाखापट्टनम , होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी हमले में मारे गए।
इसी हमले में डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की भी मौत हुई — कुल 3 भारतीय नाविक।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.
चंद्रबाबू नायडू ने परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और पार्थिव शरीर शीघ्र लाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश ने भी शोक व्यक्त किया; लोकेश ने विदेश मंत्रालय से त्वरित कार्रवाई की अपील की।
सुरेश अपने पीछे पत्नी और 13 व 10 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गए हैं।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 12 जून 2026 को ओमान तट के निकट एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम निवासी मुख्य मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का वचन दिया। नायडू ने अधिकारियों को भारतीय दूतावास और ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ओमान तट के पास जहाज पर हुए मिसाइल हमले में विशाखापट्टनम के मुख्य इंजीनियर पटनाला सुरेश की मौत से मैं बेहद दुखी हूँ। ड्यूटी के दौरान इस अप्रत्याशित हमले में उनका निधन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ और भरोसा दिलाता हूँ कि राज्य सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री और मंत्री की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस घटना को 'बेहद दुखद और चौंकाने वाला' बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच एक भारतीय मरीन इंजीनियर का इस तरह जान गँवाना अत्यंत पीड़ादायक है और सरकार शोकाकुल परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

राज्य के मानव संसाधन विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की कि सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी कर पार्थिव शरीर को भारत लाया जाए और परिवार को अधिकतम सहायता उपलब्ध कराई जाए।

हमले का विवरण और अन्य पीड़ित

पटनाला सुरेश उन तीन भारतीय नाविकों में शामिल थे, जिनकी बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ ध्वजवाहक तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी हमले में मौत हो गई। इस हमले में डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया की भी जान चली गई। बताया गया है कि अमेरिकी सेना ने उस जहाज पर कार्रवाई की जिस पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप था। घटना के बाद लापता बताए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

परिवार की स्थिति और माँग

पटनाला सुरेश अपने पीछे पत्नी और 1310 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण समुद्री मार्गों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता बन चुकी है।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार ने भारतीय दूतावास के माध्यम से ओमानी अधिकारियों से समन्वय शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। पार्थिव शरीर के स्वदेश आने के बाद राज्य सरकार द्वारा परिवार को आर्थिक एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि केंद्र सरकार ऐसे युद्ध-क्षेत्र में तैनात नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्या प्रणालीगत कदम उठाएगी। यह तीसरी बड़ी घटना है जिसमें इस क्षेत्र में भारतीय नाविक हताहत हुए हैं, फिर भी नीतिगत प्रतिक्रिया अब तक प्रतिक्रियावादी रही है, न कि निवारक।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटनाला सुरेश कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
पटनाला सुरेश विशाखापट्टनम निवासी मुख्य मरीन इंजीनियर थे, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ ध्वजवाहक तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर कार्यरत थे। बुधवार को अमेरिकी सेना द्वारा उस टैंकर पर की गई कार्रवाई में वे डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के साथ मारे गए।
आंध्र प्रदेश सरकार परिवार को क्या सहायता देगी?
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है और अधिकारियों को भारतीय दूतावास व ओमानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश लाने के निर्देश दिए हैं। सहायता की विस्तृत रूपरेखा पार्थिव शरीर की वापसी के बाद स्पष्ट होगी।
एमटी सेटेबेलो पर हमला क्यों हुआ?
बताया गया है कि अमेरिकी सेना ने उस जहाज पर कार्रवाई की जिस पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप था। यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुई, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
पटनाला सुरेश के परिवार में कौन हैं?
पटनाला सुरेश अपने पीछे पत्नी और 13 व 10 वर्ष के दो बेटों को छोड़ गए हैं। परिवार ने सरकार से उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की माँग की है।
केंद्र सरकार से क्या अपील की गई है?
मंत्री नारा लोकेश ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि सभी औपचारिकताएँ शीघ्र पूरी कर पार्थिव शरीर को भारत लाया जाए और शोकाकुल परिवार को अधिकतम सहायता उपलब्ध कराई जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले