28 जुलाई 2026
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ओमान तट हमले में विशाखापत्तनम के मरीन इंजीनियर सुरेश पटनाला की मौत, जगन मोहन रेड्डी ने जताया शोक

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ओमान तट हमले में विशाखापत्तनम के मरीन इंजीनियर सुरेश पटनाला की मौत, जगन मोहन रेड्डी ने जताया शोक

सारांश

ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में 'एमटी सेटेबेलो' तेल टैंकर पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान गई — जिनमें विशाखापत्तनम के चीफ इंजीनियर सुरेश पटनाला भी शामिल हैं। यह घटना वैश्विक समुद्री संघर्षों में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

एमटी सेटेबेलो तेल टैंकर पर ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हमले में 3 भारतीय नाविक मारे गए।
मृतकों में विशाखापत्तनम के चीफ इंजीनियर सुरेश पटनाला , हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा और उत्तर प्रदेश के इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, हमला अमेरिकी सेना ने तब किया जब जहाज ने कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की।
पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने 12 जून को मृतक सुरेश पटनाला के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
विजयसाई रेड्डी ने विदेश मंत्री एस.
जयशंकर से जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्यरत 3 लाख से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।

पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार, 12 जून को ओमान तट के निकट तेल टैंकर पर हुए हमले में विशाखापत्तनम के मरीन इंजीनियर सुरेश पटनाला की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। इस हमले में कुल तीन भारतीय नाविक मारे गए, जिनमें सुरेश भी शामिल थे।

हमले का घटनाक्रम

बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला अमेरिकी सेना ने तब किया जब जहाज ने कथित तौर पर अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश की। घटना के बाद शुरू में लापता घोषित किए गए तीनों भारतीय नाविकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो गई।

मृत भारतीय नाविकों का परिचय

इस हादसे में जान गंवाने वाले तीन भारतीय नाविक थे — आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम निवासी चीफ इंजीनियर सुरेश पटनाला, हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा और उत्तर प्रदेश के इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया। सुरेश के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं, जो इस दुखद खबर से गहरे सदमे में हैं।

जगन मोहन रेड्डी की संवेदनाएँ

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि 'इस घटना में तीन भारतीयों की मौत दुखद है। जान गंवाने वालों में आंध्र प्रदेश के सुरेश पटनाला का भी शामिल होना बहुत दुख की बात है। एक मरीन इंजीनियर की असमय मौत वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है और सुरेश के परिवार के दुख को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।' उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर परिवार को यह भारी दुख सहने की शक्ति दे और सुरेश की आत्मा को शांति मिले।

पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी की अपील

पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'यह दुखद है कि तीन भारतीय नाविकों की जान एक ऐसे संघर्ष में चली गई जो हमारा था ही नहीं।' उन्होंने बताया कि वैश्विक समुद्री उद्योग में 3 लाख से अधिक भारतीय कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

विजयसाई रेड्डी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील की कि वे युद्धरत देशों से संपर्क स्थापित करें और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएँ।

आगे क्या होगा

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा का सवाल अब राजनयिक स्तर पर उठाए जाने की माँग तेज हो रही है। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और मृतकों के परिजनों को मुआवजे के संबंध में आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी युद्ध क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस द्विपक्षीय तंत्र नहीं है। राजनीतिक शोक संदेश तो आते हैं, लेकिन विदेश मंत्रालय की सक्रिय कूटनीतिक पहल अभी भी अनुपस्थित दिखती है। जब तक उच्च जोखिम वाले समुद्री मार्गों पर भारतीय क्रू की सुरक्षा के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल नहीं बनते, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी सेटेबेलो पर हमला कहाँ और कब हुआ?
यह हमला बुधवार को ओमान तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'एमटी सेटेबेलो' पर हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने तब कार्रवाई की जब जहाज ने कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश की।
इस हमले में कौन-कौन से भारतीय नाविक मारे गए?
हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई — विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) के चीफ इंजीनियर सुरेश पटनाला, हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा और उत्तर प्रदेश के इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया। तीनों शुरू में लापता बताए गए थे, बाद में उनकी मौत की पुष्टि हुई।
जगन मोहन रेड्डी ने इस घटना पर क्या कहा?
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की विज्ञप्ति के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने इसे 'दुखद' बताते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के सुरेश पटनाला का इस हादसे में शामिल होना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति की प्रार्थना की।
पूर्व सांसद विजयसाई रेड्डी ने विदेश मंत्री से क्या अपील की?
पूर्व सांसद वी. विजयसाई रेड्डी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से युद्धरत देशों से संपर्क कर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वैश्विक समुद्री उद्योग में 3 लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं।
सुरेश पटनाला के परिवार में कौन हैं?
सुरेश पटनाला के परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। इस दुखद घटना की खबर मिलने के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में है।
राष्ट्र प्रेस
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