28 जुलाई 2026
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होर्मुज के पास एमटी सेट्टेबेलो हादसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत, मंत्री सोनोवाल ने की पुष्टि

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होर्मुज के पास एमटी सेट्टेबेलो हादसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत, मंत्री सोनोवाल ने की पुष्टि

सारांश

होर्मुज के पास ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान गई। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने एक्स पर पुष्टि की। भारत ने अमेरिकी उप राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया — यह घटना होर्मुज में बढ़ते समुद्री तनाव की गंभीर कड़ी है।

मुख्य बातें

तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु की पुष्टि हुई, जो एमटी सेट्टेबेलो हादसे के बाद से लापता थे।
जहाज पर सवार 24 नाविकों में से 21 को सुरक्षित बचाया गया ; बचाव अभियान रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने चलाया।
मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर मौतों की पुष्टि की और पार्थिव शरीर व बचे नाविकों की शीघ्र वापसी के निर्देश दिए।
अमेरिकी सेंटकॉम ने दावा किया कि जहाज ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 जून 2026 को पुष्टि की कि ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो तेल टैंकर हादसे में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिल गए हैं और उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। यह हादसा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (करीब 37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में हुआ था।

मंत्री सोनोवाल का बयान

मंत्री सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, 'पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेट्टेबेलो पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिलने और उनकी पहचान होने के बाद अब उनकी मौत की पुष्टि हुई है।'

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए भारतीय नाविकों को यथाशीघ्र स्वदेश लाया जाए और जो नाविक इस हादसे में काल के गाल में समा गए, उनके पार्थिव शरीर भी जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाए जाएँ ताकि परिवार अंतिम संस्कार संपन्न कर सकें।

हादसे का घटनाक्रम

घटना मंगलवार को उस वक्त हुई जब पलाऊ-ध्वज वाहक वाणिज्यिक जहाज एमटी सेट्टेबेलो ओमान की खाड़ी से गुजर रहा था। जहाज पर सवार 24 नाविकों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविक शुरुआत में लापता बताए गए थे। बाद में उनके शव बरामद होने पर मृत्यु की पुष्टि हुई।

जहाज ने इंजन रूम में आग लगने की सूचना दी थी, जिसके बाद आपातकालीन सहायता की गुहार लगाई गई। सूचना मिलते ही रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान शुरू किया।

अमेरिकी सेना का दावा और विवाद

अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि उसने मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया था। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।

गौरतलब है कि यह जहाज एक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था — और इस घटना के परिप्रेक्ष्य में यह सवाल उठता है कि नागरिक चालक दल की जानकारी और उनकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत जवाबदेही किसकी बनती है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की कि उसने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पहले भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय तनाव पहले से बढ़ा हुआ है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दा बनती जा रही है।

आगे क्या होगा

मंत्री सोनोवाल के निर्देशों के बाद बचाए गए नाविकों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मृत नाविकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुँचाने के लिए राजनयिक और वाणिज्यिक चैनलों के माध्यम से समन्वय किया जा रहा है। भारत-अमेरिका संबंधों पर इस घटना के दीर्घकालिक असर को लेकर नई दिल्ली में कूटनीतिक हलचल जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत गंभीर सवाल खड़े करता है — विशेषकर जब चालक दल में भारतीय नागरिक शामिल हों। भारत का अमेरिकी उप राजदूत को तलब करना कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या नई दिल्ली इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त दबाव बनाए रख सकती है। यह घटना भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए एक ठोस अंतरराष्ट्रीय ढाँचे की माँग को और तीव्र करती है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटी सेट्टेबेलो हादसे में कितने भारतीय नाविकों की मौत हुई?
इस हादसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। जहाज पर कुल 24 नाविक सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया और तीन शुरुआत में लापता बताए गए थे, जिनके शव बाद में मिले।
एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किसने किया?
अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि उसने मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी में इस जहाज पर हमला किया। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
भारत सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए?
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बचाए गए नाविकों की शीघ्र वापसी और मृत नाविकों के पार्थिव शरीर भारत लाने के निर्देश दिए। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
यह हादसा कहाँ हुआ और बचाव कार्य किसने किया?
यह हादसा ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (करीब 37 किलोमीटर ) उत्तर-पूर्व में, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुआ। आपातकालीन सहायता की सूचना मिलने पर रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान चलाया।
एमटी सेट्टेबेलो किस देश का जहाज था और वह क्या ले जा रहा था?
एमटी सेट्टेबेलो एक पलाऊ-ध्वज वाहक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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