होर्मुज के पास एमटी सेट्टेबेलो हादसे में तीन भारतीय नाविकों की मौत, मंत्री सोनोवाल ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 जून 2026 को पुष्टि की कि ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो तेल टैंकर हादसे में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिल गए हैं और उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। यह हादसा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (करीब 37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में हुआ था।
मंत्री सोनोवाल का बयान
मंत्री सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, 'पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेट्टेबेलो पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिलने और उनकी पहचान होने के बाद अब उनकी मौत की पुष्टि हुई है।'
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए भारतीय नाविकों को यथाशीघ्र स्वदेश लाया जाए और जो नाविक इस हादसे में काल के गाल में समा गए, उनके पार्थिव शरीर भी जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुँचाए जाएँ ताकि परिवार अंतिम संस्कार संपन्न कर सकें।
हादसे का घटनाक्रम
घटना मंगलवार को उस वक्त हुई जब पलाऊ-ध्वज वाहक वाणिज्यिक जहाज एमटी सेट्टेबेलो ओमान की खाड़ी से गुजर रहा था। जहाज पर सवार 24 नाविकों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविक शुरुआत में लापता बताए गए थे। बाद में उनके शव बरामद होने पर मृत्यु की पुष्टि हुई।
जहाज ने इंजन रूम में आग लगने की सूचना दी थी, जिसके बाद आपातकालीन सहायता की गुहार लगाई गई। सूचना मिलते ही रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने बचाव अभियान शुरू किया।
अमेरिकी सेना का दावा और विवाद
अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि उसने मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो पर हमला किया था। सेंटकॉम के अनुसार, जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
गौरतलब है कि यह जहाज एक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था — और इस घटना के परिप्रेक्ष्य में यह सवाल उठता है कि नागरिक चालक दल की जानकारी और उनकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत जवाबदेही किसकी बनती है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की कि उसने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पहले भी इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की थी।
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय तनाव पहले से बढ़ा हुआ है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दा बनती जा रही है।
आगे क्या होगा
मंत्री सोनोवाल के निर्देशों के बाद बचाए गए नाविकों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मृत नाविकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुँचाने के लिए राजनयिक और वाणिज्यिक चैनलों के माध्यम से समन्वय किया जा रहा है। भारत-अमेरिका संबंधों पर इस घटना के दीर्घकालिक असर को लेकर नई दिल्ली में कूटनीतिक हलचल जारी है।