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भारत ने 48 घंटे में दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया, तीन नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध

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भारत ने 48 घंटे में दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया, तीन नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध

सारांश

भारत ने मात्र 48 घंटों में दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया — ओमान के तट पर तीन भारतीय नाविकों की जान जाने के बाद यह राजनयिक दबाव तेज़ हुआ है। नई दिल्ली ने साफ कहा: कमर्शियल जहाजों और नागरिक ढाँचे पर हमले तुरंत बंद हों।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 12 जून को अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को 48 घंटों में दूसरी बार तलब किया।
ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा — कमर्शियल जहाजों, मरीन स्टाफ और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले तुरंत रुकने चाहिए।
घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले थे — दो पलाऊ और एक गिनी का; भारतीय स्वामित्व नहीं।
दो जहाज ओएफएसी-प्रतिबंधित श्रेणी में; एक 'नियमों का पालन न करने वाले' की कैटेगरी में।
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा — वाशिंगटन भारत सरकार के साथ सीधे संपर्क में है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 12 जून को अमेरिका के चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को दूसरी बार तलब किया — पिछले 48 घंटों में यह दूसरा राजनयिक डिमार्श है। ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने यह कदम उठाया है।

मुख्य घटनाक्रम

इससे पहले बुधवार को भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट हो रहे हमलों पर पहली बार कड़ा विरोध दर्ज कराया था। शुक्रवार को जेसन मीक्स को फिर से बुलाकर भारत ने स्पष्ट किया कि वह इन घटनाओं को लेकर गहरी चिंता में है और चाहता है कि ये हमले तत्काल रोके जाएं।

सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'हमने ओमान के तट पर सेटेबेलो जहाज पर हुए हमले पर विरोध दर्ज कराने के लिए यूएस सीडीए को बुलाया था। उस घटना में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। हमने इन घटनाओं और हो रहे हमलों पर अपनी गहरी चिंताएं बताईं। हम उम्मीद करते हैं कि ये खत्म हो जाएंगे, ये तुरंत रुक जाएंगे। साथ ही कमर्शियल जहाजों, मरीन स्टाफ और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने को लेकर भी हमारी गहरी चिंताएं हैं।'

जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले थे — उनमें से दो पलाऊ के झंडे वाले और एक गिनी के झंडे वाला। उन्होंने बताया कि ये भारतीय स्वामित्व वाले जहाज नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इनमें से दो जहाज ओएफएसी-प्रतिबंधित श्रेणी में हैं और एक 'नियमों का पालन न करने वाले जहाज' की कैटेगरी में भी आता है।

अमेरिका का रुख

अमेरिका ने इस राजनयिक डिमार्श का जवाब देते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर भारत के साथ सीधे संपर्क में है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन इस मामले पर भारत सरकार के साथ बातचीत कर रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट और शिपिंग सुरक्षा

भारत ने बार-बार होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम गलियारा है और इस क्षेत्र में बढ़ते हमले भारतीय नाविकों और व्यापारिक हितों के लिए सीधा खतरा बन रहे हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ओमान के तट पर कमर्शियल जहाजों पर हमलों की श्रृंखला जारी है। भारत का यह कदम संकेत देता है कि नई दिल्ली अपने नागरिकों की सुरक्षा के मामले में राजनयिक दबाव बढ़ाने के लिए तैयार है। आने वाले दिनों में विदेश मंत्रालय की ओर से और स्पष्ट रुख सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की बढ़ती बेचैनी का संकेत है। गौरतलब है कि जिन जहाजों पर हमले हुए वे ओएफएसी-प्रतिबंधित श्रेणी के थे, जो एक जटिल कानूनी और कूटनीतिक उलझन पैदा करता है — भारत अपने नागरिकों की मौत पर विरोध कर रहा है, लेकिन जहाज खुद प्रतिबंधित सूची में थे। मुख्यधारा की कवरेज इस विरोधाभास को नज़रअंदाज़ कर रही है: नई दिल्ली एक ऐसे हमले पर वाशिंगटन को जवाबदेह ठहरा रही है जिसमें शामिल जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में थे। होर्मुज स्ट्रेट में भारत के दीर्घकालिक व्यापारिक और ऊर्जा हित दाँव पर हैं, और यह मामला केवल तीन नाविकों की मौत से कहीं बड़ा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स को क्यों तलब किया?
भारत ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया। यह 48 घंटों में दूसरा राजनयिक डिमार्श था।
ओमान तट पर हमले में कितने भारतीय नाविक मारे गए?
ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि मीडिया ब्रीफिंग में की।
क्या हमले में शामिल जहाज भारतीय थे?
नहीं, हमले में शामिल तीनों जहाज विदेशी झंडे वाले थे — दो पलाऊ के झंडे वाले और एक गिनी के झंडे वाला। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये भारतीय स्वामित्व वाले जहाज नहीं थे।
ओएफएसी-प्रतिबंधित जहाज का क्या मतलब है?
ओएफएसी (OFAC) अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का वह प्रभाग है जो आर्थिक प्रतिबंध लागू करता है। प्रवक्ता जायसवाल के अनुसार, हमले में शामिल दो जहाज ओएफएसी-प्रतिबंधित श्रेणी में थे और एक 'नियमों का पालन न करने वाले जहाज' की कैटेगरी में भी आता है।
होर्मुज स्ट्रेट में हमलों पर अमेरिका का क्या रुख है?
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि वाशिंगटन इस मामले पर भारत सरकार के साथ सीधे संपर्क में है। भारत के राजनयिक डिमार्श के जवाब में अमेरिका ने बातचीत जारी रखने की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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