27 जुलाई 2026
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ओमान के शिनास तट पर MT जलवीर पर हमला, भारतीय दूतावास ने कहा — स्थिति पर पैनी नज़र

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ओमान के शिनास तट पर MT जलवीर पर हमला, भारतीय दूतावास ने कहा — स्थिति पर पैनी नज़र

सारांश

ओमान की खाड़ी में शिनास के पास MT जलवीर पर हमले की खबर — भारतीय दूतावास सतर्क। यह मंगलवार के पालाउ-ध्वज जहाज हमले के महज दो दिन बाद हुआ, जिसमें 3 नाविक अभी भी लापता हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव और गहराया।

मुख्य बातें

MT जलवीर पर 11 जून 2026 को ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट हमले की खबर; भारतीय फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ने धुएं की तस्वीरें जारी कीं।
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पुष्टि की — स्थानीय अधिकारियों से समन्वय जारी।
दो दिन पहले पालाउ-ध्वज जहाज पर हमले में 24 में से 21 नाविक बचाए गए, 3 अभी भी लापता ।
भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
CENTCOM ने सेट्टेबेलो जहाज पर हमले का दावा किया; जहाज ने सोहार बंदरगाह से 20 समुद्री मील दूर इंजन रूम में आग की सूचना दी थी।

ओमान की खाड़ी में शिनास बंदरगाह के निकट 11 जून 2026 को भारतीय टैंकर MT जलवीर पर हमले की खबर सामने आई है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर बयान जारी कर पुष्टि की कि वह घटना पर लगातार नज़र बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों से समन्वय कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व के समुद्री मार्गों पर तनाव चरम पर है।

घटनाक्रम: क्या हुआ शिनास के पास

भारतीय फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ने जहाज से उठते धुएं की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि यह पोत MT जलवीर है। तस्वीरों के साथ जारी लोकेशन से स्पष्ट है कि जहाज ओमान की खाड़ी में, शिनास के तट से कुछ दूरी पर था — यह क्षेत्र ओमान के उत्तरी भाग में ओमान और यूएई के समुद्री मार्गों के करीब पड़ता है।

ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा, 'हमें गुरुवार को ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। हम स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।'

पिछला हमला और भारत का विरोध

गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले, मंगलवार को एक पालाउ-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर भी हमला हुआ था। उस जहाज पर सवार 24 में से 21 नाविकों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 3 नाविक अभी भी लापता बताए गए। भारत ने उस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पुष्टि की कि उसने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर इस घटना पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

अमेरिकी सेना का दावा और विवाद

अमेरिकी सेना की यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया था कि उसने मंगलवार शाम ओमान की खाड़ी से गुजर रहे सेट्टेबेलो नामक जहाज पर हमला किया। CENTCOM के अनुसार, जहाज ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह जहाज एक रासायनिक एवं तेल उत्पाद टैंकर था, जिसने ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील (करीब 37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में इंजन रूम में आग लगने की सूचना दी थी और आपातकालीन सहायता की माँग की थी।

व्यापक संदर्भ: बढ़ता समुद्री तनाव

यह ताज़ा घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के जलमार्गों में बढ़ती अस्थिरता की कड़ी में एक और कड़ी है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण गलियारा है और यहाँ किसी भी व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर सीधे पड़ता है।

भारत के लिए यह मामला विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि हज़ारों भारतीय नाविक इन जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर कार्यरत हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही इन घटनाओं ने समुद्री बीमा दरों और शिपिंग लागत को बढ़ा दिया है।

आगे क्या होगा

भारतीय दूतावास ने संकेत दिया है कि MT जलवीर पर सवार नाविकों की स्थिति की जानकारी स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद साझा की जाएगी। विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और नाविकों की सुरक्षा पर आगे की अपडेट प्रतीक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते सैन्यीकरण का खतरनाक संकेत है। CENTCOM का 'ईरानी तेल' का तर्क और जहाज के 'इंजन रूम में आग' का दावा परस्पर विरोधाभासी हैं — इस अंतर को मुख्यधारा की कवरेज नज़रअंदाज़ कर रही है। भारत के लिए असली सवाल यह है कि हज़ारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक विरोध से आगे क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। अमेरिकी उप प्रमुख की तलबी प्रतीकात्मक है — जब तक भारत इस क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र समुद्री उपस्थिति नहीं बढ़ाता, बयानबाजी से नाविकों की जान नहीं बचेगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MT जलवीर पर हमला कहाँ और कब हुआ?
MT जलवीर पर 11 जून 2026 को ओमान की खाड़ी में शिनास बंदरगाह के निकट हमला हुआ। यह स्थान ओमान के उत्तरी भाग में है और ओमान-यूएई के समुद्री मार्गों के करीब पड़ता है।
भारतीय दूतावास ने इस घटना पर क्या कहा?
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि उसे शिनास बंदरगाह के पास एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है और वह स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
इससे पहले किस जहाज पर हमला हुआ था और उसका क्या हुआ?
मंगलवार को एक पालाउ-ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था, जिसमें 24 में से 21 नाविकों को सुरक्षित बचाया गया। 3 नाविक अभी भी लापता बताए गए हैं।
भारत ने इन हमलों पर क्या कूटनीतिक कदम उठाया?
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जैसन मीक्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह कदम पालाउ-ध्वज जहाज पर हमले के बाद उठाया गया।
CENTCOM ने सेट्टेबेलो जहाज पर हमले को लेकर क्या दावा किया?
अमेरिकी सेना की CENTCOM ने दावा किया कि उसने मंगलवार शाम सेट्टेबेलो नामक जहाज पर हमला किया क्योंकि वह ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया। हालांकि जहाज ने सोहार बंदरगाह से 20 समुद्री मील दूर इंजन रूम में आग लगने की सूचना देकर आपातकालीन सहायता माँगी थी।
राष्ट्र प्रेस
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